आपरेशन के बाद भूलने की बीमारी है खतरनाक, अनदेखा किया तो...

By: jhansitimes.com
Nov 15 2017 09:22 am
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(रिपोर्ट, पी.के श्रीवास्तव, विशेष संवाददाता )नई दिल्ली। डिलिरीअम यानी मानसिक तौर पर भूलने की बीमारी अमेरिका में बहुत तेजी से पांव पसार रही है। बीमारी को आमतौर पर अनदेखा किया जाता है, जबकि भारतीय मूल के डाक्टर गौरव जैन ने इस बीमारी पर रिसर्च कर नई जानकारियों को खोजा है। जिससे इस बीमारी का सही तरीके से इलाज किया जा सके। 

डिलिरीअम बीमारी को आम तौर पर समाज में अनदेखा किया जाता है। यहां तक की मेडिकल क्षेत्र में चिकित्सक भी इस बीमारी को गंभीरता से नहीं लेते हैं, जिस कारण से दिन प्रतिदिन इसका प्रभाव बढ़ता ही जा रहा है। डॉक्टर गौरव जैन का इस रोग पर शोध कार्य पीजीआई चंडीगढ़ की ओर से प्रकाशित हुआ, जिसके बाद से वैश्विक स्तर पर मेडिकल बिरादरी का ध्यान डाक्टर गौरव के शोध पर गया। उन्होंने डिलिरीअम रोग के कारणों व उपचार पर विस्तार से रिसर्च कार्य किया, जिसके बाद से वैश्विक स्तर पर इसे मान्यता मिली है। 

डा. जैन ने इस बीमारी की ओर चिकित्सों का भी ध्यान आकृष्ट कराया। क्योंकि, सामान्य दशा में आपरेशन के बाद मरीज को भूलने की शिकायत होने लगती है। ऐसी दशा में डाक्टर मरीज को मनोरोग चिकित्सक के पास रेफर कर देते हैं, जबकि इसकी मूल वजह जांच नहीं की जाती है। ऐसे में पेट में मामूली ब्लीडिंग के कारण भी मरीज की जान जा सकती है। इसलिए, आपरेशन के बाद मरीज की अच्छी तरह से जांचें बहुत जरूरी है। वैसे इस बीमारी की कई सारी वजहें होती हैं, जिन पर डाक्टर जैन ने शोध किया। उनका कहना है कि विभिन्न कारणों से वर्तमान हालात में युवा पीढ़ी भी इस बीमारी की चपेट में आने लगी है। 

डाक्टर जैन को इस शोध के लिए कई प्रकार के अवार्ड मिले हैं। जिनमें अवार्ड आॅफ एकेडमिक एक्सिलेंस, बेस्ट टीचिंग अवार्ड 2010 और रेजिडेंट आॅफ द ईयर 2012 का अवार्ड शामिल है। डाक्टर जैन ने अपनी पढ़ाई किंग जार्ज मेडिकल कालेज, लखनउ व पीजीआई चंडिगढ़ से की है। डा. जैन ने मेडिसिन और मनोचिकित्सा विषय में विश्वविख्यात साउर्थन इलिनोइस यूनिवर्सिटी स्कूल आॅफ मेडिसिन से भी प्रशिक्षण प्राप्त किया है।


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