जेल से रिहा होते ही भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर रावण हल्ला बोल - 2019 में BJP को उखाड़ फेंकें, और...

By: jhansitimes.com
Sep 14 2018 07:49 am
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नई दिल्ली: देर रात पिछले साल जून महीने से रासुका के मामले में जेल में बंद भीम आर्मी के संस्थापक को उत्तर प्रदेश पुलिस ने अब रिहा कर दिया है. भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर को शुक्रवार तड़के करीब पौने तीन बजे रिहा किया गया. वह बीते साल भर से साहरनपुर की जेल में बंद थे. मगर जेल से बाहर आते ही चंद्रशेखर ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ हल्ला बोल दिया है. उन्होंने अपने लोगों से बीजेपी को सत्ता से उखाड़ फेंकने की अपील की है. साथ ही चंद्रशेखर ने कहा है कि सरकार फिर से उनके खिलाफ कोई आरोप दायर कर जेल भिजवा देगी. 

 जेल से बाहर निकलने के बाद बड़ी संख्या में उनके समर्थक उनका इंतजार कर रहे थे, इस दौरान रावण के हाथ में संविधान की एक प्रति थी, जिसे दिखाते हुए उन्होंने कहा कि अभी तो लड़ाई शुरू हुई है। गौरतलब है कि रावण को सहारनपुर में जातीय हिंसा के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में जेल में बंद कर दिया गया था।

जेल से रिहा होने के बाद भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखऱ ने कहा कि 'सरकार डरी हुई थी क्योंकि सुप्रीम कोर्ट उसे फटकार लगाने वाली थी. यही वजह है कि अपने आप को बचाने के लिए सरकार ने जल्दी रिहाई का आदेश दे दिया. मुझे पूरी तरह विश्वास है कि वे मेरे खिलाफ दस दिनों के भीतर फिर से कोई आरोप लगाएंगे. मैं अपने लोगों से कहूंगा कि साल 2019 में बीजेपी को उखाड़ फेंकें.' 

गौरतलब है कि चंद्रशेखर को पश्चिमी यूपी में हुए जातिगत संघर्ष का जिम्मेदार बताते हुए यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया था. मिली जानकारी के अनुसार उन्हें नवंबर में रिहा किया जाना था. यूपी पुलिस ने मीडिया मे जारी अपने बयान में कहा कि चंद्रशेखर को सिर्फ बदले हालात और उनकी मां के आग्रह की वजह से रिहा किया जा रहा है.

 बताया जाता है कि भीम आर्मी का गठन करीब तीन साल पहले किया गया था और यह पिछड़ी जातियों में खासा प्रचलित है. स्थानीय लोगों के अनुसार भीम आर्मी काफी आक्रमक रूप से पिछड़ी जातियों से जुड़े युवा और अन्य को जागरूक करने में लगा है. यही वजह है कि आज भीम आर्मी के 300 के करीब स्कूल चल रहे हैं. बता दें कि पिछले साल यूपी पुलिस ने चंद्रशेखर को हिमाचल प्रदेश के डलहौजी से गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी से पहले चंद्रशेखर के बारे में किसी तरह की जानकारी देने को लेकर यूपी पुलिस ने 12 हजार रुपये का इनाम भी रखा था. 


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