सजी राज्यसभा की रणभूमि, उपसभापति का चुनाव आज, हरिवंश बनाम हरिप्रसाद की दिलचस्प लड़ाई

By: jhansitimes.com
Aug 09 2018 09:16 am
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नई दिल्ली: उपसभापति पद का चुनावी बिगुल बज चुका है, जिसका आज राज्यसभा के उपसभापति का चुनाव होना है। एक तरह तरह से ये सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शक्ति परीक्षण का मौका है। उच्च सदन में एक राजनीतिक लड़ाई की सरकार और विपक्ष की रणभूमि सजी है। एनडीए की तरफ से जेडीयू के राज्यसभा सांसद हरिवंश उम्मीदवार हैं तो यूपीए की तरफ से कांग्रेस सांसद बीके हरिप्रसाद को उतारा गया है। बीजेपी और कांग्रेस, दोनों ही अपने खेमे के जीत का दावा कर रही हैं। हालांकि इस लड़ाई में एनडीए का पलड़ा भारी नजर आ रहा है, क्योंकि बीजेडी ने भी समर्थन का ऐलान कर दिया है। राज्यसभा में मतदान की प्रक्रिया 11 बजे सुबह शुरू होगी।

यानी अब मुकाबला हरिवंश बनाम हरिप्रसाद है. विपक्ष का नेतृत्व कर रही कांग्रेस और एनडीए की कमान संभालने वाली भारतीय जनता पार्टी दोनों को अपने उम्मीदवार की जीत की उम्मीद है. यानी दोनों दावा कर रही है कि जीत उन्हीं की होगी. मगर यह सब आज तय तब होगा जब विभिन्न पार्टियां वोटिंग में हिस्सा लेगी और अपने-अपने पत्ते खोलेगी. 

आपको बता दें कि राज्यसभा में सदस्यों की मौजूदा संख्या 244 है। भाजपा के गणित के मुताबिक हरिवंश सिंह को उच्च सदन के 126 सदस्यों का समर्थन मिलने जा रहा है। वहीं विपक्ष के आंकड़े बताते हैं कि कांग्रेस के उम्मीदवार हरिप्रसाद को 111 वोट मिलने के आसार हैं।  

हरिवंश सिंह को एनडीए के 91 सदस्यों का वोट मिलना तय है। बीजेपी भाजपा को 3 मनोनित सदस्यों के अलावा समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद अमर सिंह का भी समर्थन मिलेगा। साथ ही AIADMK के 13, TRS के 6, YSR कांग्रेस के 2, और INLD के एक सदस्य का समर्थन मिलने की उम्मीद है। इन सभी को जोड़कर कुल वोट 117 हो रहे हैं। नवीन पटनायक ने भी JDU सदस्य के समर्थन की घोषणा की है। BJD के 9 सांसदों के समर्थन के बाद हरिवंश सिंह के वोट 126 हो जाएंगे।

उधर संख्याबल के लिहाज से यूपीए के उम्मीदवार का पलड़ा हल्का नजर आ रहा है। हरिप्रसाद को कांग्रेस के 61 वोटों के अलावा तृणमूल कांग्रेस और सपा के 13-13, TDP के 6, माकपा के 5, बसपा और द्रमुक के 4-4, भाकपा के दो और जेडीएस के 1 सदस्य का समर्थन मिलने की उम्मीद है। इसे जोड़ने पर यह संख्या 109 होती है। अगर एक मनोनित और एक निर्दलीय सदस्य ने भी समर्थन कर दिया तो यह संख्या 111 तक ही पहुंचती है।

वहीं आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने समर्थन के लिए नीतीश कुमार के अनुरोध को ठुकराया दिया है और मतदान में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है। जबकि पीडीपी की तस्वीर अभी तक साफ नहीं है।


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