BSNL की सेवायें ध्वस्त, कही प्राइवेट टेलीकाम कंपनियों का फायदा पहुंचाने की साजिश तो नहीं

By: jhansitimes.com
Oct 12 2017 06:29 pm
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झांसी। जहां एक तरफ प्राइवेट टेलीकाम कंपनियां अपना दायरा बढ़ाने में जुटी हुई हैं, तथा बेहतर सुविधाएं देकर उपभोक्ताओं के बीच अपनी पकड़ मजूूत करती जा रही हैं| वहीं दूसरी ओर सरकारी टेलीकाम जो देश की सबसे का बड़ा संचार माध्यम बीएसएनएल है वह फिलहाल दम तोड़ती नजर आ रही है। बीएसएनएल की टेलिफोन, मोबाइल व इंटरनेट सेवाएं चौपट हो गई है। उपभोक्ता बुरी तरह से परेशान हैं। न तो शिकायतों पर गौर किया जाता है और न ही उनका निराकरण होता है। अब धीरे-धीरे लोगों का रुझान प्राइवेट टेलीकाम कंपनियों की तरफ बढ़ता जा रहा है। ऐसा लगता है जैसे सरकार प्राइवेट कंपनियों को बढ़वा देने के लिए सरकारी मशीनरी को डाउन करने पर तुली हुई हैं। 

भारत सरकार की संचार व्यवस्था बीएसएनएल एक मात्र टेलीकाम संस्था है। कभी लोग यहां पर फोन और मोबाइल के लिए नंबर लगाते थे, यहां तक वीआईपी लोगों में काफी क्रेंज था। महिनों बाद सिम का नंबर आता था। लेकिन इधर हालात काफी बदल गये हैं। समय के साथ बीएसएनएल की सेवाएं भी धीमी गति की गई हैं। जो लोग बीएसएनएल से सिम के लिए तरसते थे वह लोगों अब दूर भागने लगे हैं। पूरे देश में इसकी संचार सेवाएं दम तोड़ रही हैं। उपभोक्ता प्राइवेट टेलीकाम कंपनियों की सिम में अधिक विश्वास जताने लगे हैं। लोक लुभावने आफर के साथ लोग मोबाइल का उपयोग कर रहे हैं। दूसरी ओर सरकारी टेलीकाम काम दम तोड़ रही है। सरकार और अधिकारी इस तरफ से आखें बंद किये हुए गहरी निद्रा में पड़े हैं। सरकार संचार व्यवस्था को रसातल में पहुंचाने में जुटी हुई है। यही हालात रहे तो शीघ्र ही लोग बीएसएनएल को भूल जाएंगे। 


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