बसपा महापौर ने लिया बड़ा फैसला, निगम की बैठकों में नहीं होगा वंदे मातरम् का गान

By: jhansitimes.com
Dec 06 2017 08:08 pm
4007

मेरठ : पदभार संभालते ही यूपी के मेरठ में नई मेयर सुनीता वर्मा ने बीजेपी के पूर्व मेयर के फैसले को बदलने का निर्णय लिया है। उन्होंने बीजेपी के पूर्व मेयर के उस फैसले को पलट दिया है जिसमें नगर निगम बोर्ड की बैठकों में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' का गान करना अनिवार्य कर दिया था। मार्च 2017 में मेरठ के तत्कालीन मेयर हरिकांत अहलूवालिया के समक्ष राष्ट्रगीत के गान को अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। हालांकि मेरठ की नई मेयर सुनीता वर्मा ने आते ही इस फैसले को वापस ले लिया है।

निकाय चुनाव में भाजपा को पराजित कर निर्वाचित हुई बीएसपी की मेयर सुनीता वर्मा ने साफ कर दिया कि नगर निगम बोर्ड की बैठक में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का गान नहीं कराया जाएगा, हालांकि बैठक में राष्ट्रगान की परंपरा को पहले की तरह ही निभाया जाता रहेगा। बता दें कि नगर निगम बोर्ड बैठक में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गान को लेकर मुस्लिम पार्षदों ने सवाल उठाए थे। इस संबंध में बीजेपी के पार्षदों और बीएसपी, समाजवादी पार्टी समेत दूसरे दलों के मुस्लिम पार्षदों में कई बार टकराव की बातें सामने आई थीं। हालांकि मार्च 2017 में बीजेपी के मेयर हरिकांत अहलूवालिया ने वंदे मातरम् का गान अनिवार्य करते हुए ऐसा नहीं करने वाले पार्षदों की सदस्यता खत्म करने की चेतावनी दी थी।

बता दें कि मेरठ नगर निगम में पिछले कई साल से बीजेपी का ही कब्जा था, हालांकि इस बार हुए निकाय चुनाव में मेयर की सीट बीएसपी के खाते में गई है। सुनीता वर्मा ने इस बार मेयर पद पर जीत दर्ज की है। उन्होंने आते ही सबसे पहले यही फैसला लिया और नगर निगम बोर्ड की बैठक में वंदे मातरम् गाने पर रोक लगा दी है। हालांकि मेरठ की मेयर के इस फैसले पर बीजेपी ने सवाल उठाए हैं। इसी के साथ इस मामले में एक बार फिर से सियासत गरमाने लगी है।


comments

Create Account



Log In Your Account



छोटी सी बात “झाँसी टाइम्स ” के बारे में!

झाँसी टाइम्स हिंदी में कार्यरत एक विश्व स्तरीय न्यूज़ पोर्टल है। इसे पढ़ने के लिए आप http://www.jhansitimes .com पर लॉग इन कर सकते हैं। यह पोर्टल दिसम्बर 2014 से वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की नगरी झाँसी (उत्तर प्रदेश )आरंभ किया गया है । हम अपने पाठकों के सहयोग और प्रेम के बलबूते “ख़बर हर कीमत पर पूरी सच्चाई और निडरता के साथ” यही हमारी नीति, ध्येय और उद्देश्य है। अपने सहयोगियों की मदद से जनहित के अनेक साहसिक खुलासे ‘झाँसी टाइम्स ’ करेगा । बिना किसी भेदभाव और दुराग्रह से मुक्त होकर पोर्टल ने पाठकों में अपनी एक अलग विश्वसनीयता कायम की है।

झाँसी टाइम्स में ख़बर का अर्थ किसी तरह की सनसनी फैलाना नहीं है। हम ख़बर को ‘गति’ से पाठकों तक पहुंचाना तो चाहते हैं पर केवल ‘कवरेज’ तक सीमित नहीं रहना चाहते। यही कारण है कि पाठकों को झाँसी टाइम्स की खबरों में पड़ताल के बाद सामने आया सत्य पढ़ने को मिलता है। हम जानते हैं कि ख़बर का सीधा असर व्यक्ति और समाज पर होता है। अतः हमारी ख़बर फिर चाहे वह स्थानीय महत्व की हो या राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय महत्व की, प्रामाणिकता और विश्लेषण के बाद ही ऑनलाइन प्रकाशित होती है।

अपनी विशेषताओं और विश्वसनीयताओं की वजह से ‘झाँसी टाइम्स ’ लोगों के बीच एक अलग पहचान बना चुका है। आप सबके सहयोग से आगे इसमें इसी तरह वृद्धि होती रहेगी, इसका पूरा विश्वास भी है। ‘झाँसी टाइम्स ‘ के पास समर्पित और अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ संवाददाताओं, समालोचकों एवं सलाहकारों का एक समूह उपलब्ध है। विनोद कुमार गौतम , झाँसी टाइम्स , के प्रबंध संपादक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। जो पूरी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता का पिछले लगभग 16 वर्षों का अनुभव है। के पी सिंह, झाँसी टाइम्स के प्रधान संपादक हैं।

विश्वास है कि वरिष्ठ सलाहकारों और युवा संवाददाताओं के सहयोग से ‘झाँसी टाइम्स ‘ जो एक हिंदी वायर न्यूज़ सर्विस है वेब मीडिया के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान बनाने में कामयाब रहेगा।