बुंदेलखंड: लोकसभा चुनाव 2019 से पहले मेगा ऑनलाइन पोल, पढ़िए कौन बन सकता है सांसद

By: jhansitimes.com
Feb 22 2019 10:41 am
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बुंदेलखंड । उत्तर प्रदेश के पिछड़े इलाके बुंदेलखंड में आगामी 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हैं और अपनी-अपनी जीत के दावे करते दिखाई दे रहे हैं। नरेंद्र मोदी के नेृतत्व में भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर बुंदेलखंड की चारों सीटों पर फिर से जीत के दावे कर रही है वहीं सपा-बसपा गठबंधन भाजपा को चुनौती देता दिखाई दे रहा है। साथ ही , कांग्रेस भी अपने आप को पीछे नहीं मान रही है । लोकसभा चुनावों को लेकर इन्हीं दावों के बीच ऑनलाइन सर्वे सामने आया है।

सपा-बसपा गठबंधन को हो सकता है फायदा - सर्वे

झांसी टाइम्स डॉट द्वारा कराये गए ऑनलाइन पोल में सपा-बसपा को बड़ा समर्थन मिलता दिख रहा है। सर्वे के मुताबिक, करीब 83 फीसदी रीडर्स का मानना है कि 2019 लोकसभा चुनाव में बुंदेलखंड की चरों सीटों पर गठबंधन जीत का परचम फहरा सकता है | इस सर्वे के मुताबिक, झांसी-ललितपुर लोकसभा से डॉ चंद्रपाल सिंह और पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह की लोकप्रियता भी अन्य नेताओं के मुकाबले अधिक है और करीब 84 फीसदी यूजर्स ने केंद्रीय मंत्री उमा भारती  को नापसंद किया है| यह भाजपा के लिए बड़ी चिंता का सबब है | 

गठबंधन से लोकप्रियता के मामले में चंद्रपाल पहले स्थान पर, दीप नारायण दूसरे स्थान पर

लोकप्रियता के मामले में दीपनारायण सिंह दूसरे स्थान पर और श्यामसुंदर पारीछा तीसरे स्थान पर हैं, जबकि राज्यसभा सांसद चंद्रपाल को पहली पसंद बताया। इसके बाद कांग्रेस से पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य और भाजपा से उमा भारती और विधायक रामरतन कुशवाहा को अपनों पसंद बताया है। वहीं, करीब 5.9 फीसदी यूजर्स इन सभी प्रत्याशियों  के अलावा किसी अन्य नेता को सांसद के तौर पर देखना चाहते हैं।

केंद्रीय मंत्री उमा भारती की लोकप्रियता पर यूजर्स की राय 

क्या केंद्रीय मंत्री और झांसी-ललितपुर से सांसद उमा भारती आज की तारीख में साल 2014 के मुकाबले ज़्यादा लोकप्रिय हैं, तो 31 फीसदी यूजर्स ने इस पर सहमति जताई जबकि 63 फीसदी लोग ऐसा नहीं मानते। 83.03 फीसदी लोग मानते हैं कि सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी को जीत मिलेगी जबकि 9.25 यूजर्स ने माना कि भाजपा का सांसद बनेगा और केवल 4.25 फीसदी लोगों ने माना कि कांग्रेस को जीत मिलेगी । वहीं, 3.47 फीसदी यूजर्स का मानना है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में किसी अन्य दल का सांसद बनेगा ।

किन मुद्दों पर उमा भारती विफल रही है?

केंद्रीय मंत्री उमा भारती की सबसे बड़ी विफलता क्या है, तो सबसे अधिक 35.72 फीसदी लोगों की बुंदेलखंड राज्य निर्माण और पलायन न रुकना  मामले में कोई प्रगति न होना रही। जबकि अपर्याप्त रोजगार सृजन को 29.52 फीसदी लोगों ने उमा भारती की दूसरी बड़ी विफलता माना। वहीं, 13.5 फीसदी लोगों ने बुंदेलखंड में पर्याप्त विकास न कराना  बड़ी विफलता माना तो 12.97 फीसदी लोगों ने उमा भारती की अपने संसदीय क्षेत्र में कम मौजूदगी सबसे बड़ी विफलता माना।


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