सड़कों पर उतरकर जनता के वोट और नोट का मांगेंगे हिसाब: ख़ास मुलाकात में बोले- पूर्व MLA दीपनारायण

By: jhansitimes.com
Jan 16 2018 07:13 pm
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न्यूज एडिटर मदन यादव के साथ वीडियो जर्नलिस्ट की रिपोर्ट

झाँसी। समाजवादी पार्टी के गरौठा से पूर्व विधायक व वरिष्ठ नेता दीप नारायण सिंह यादव ने एक खास मुलाकात में झाँसी टाईम्स न्यूज़ पोर्टल से कहा कि इस सरकार में जनता के वोट और नोट का हिसाब नहीं दिया जा रहा है। सरकार एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। इसलिए यदि जनता की गाढ़ी कमाई की लूट-खसोट बंद नहीं हुई तो समाजवादी पार्टी जल्द ही सदन से सडक़ तक बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि मप्र में कांग्रेस के साथ गठबंधन की कोई आवश्यकता नहीं है। क्योंकि कांगे्रस ने वहां की जनता के साथ महापाप किया है। भाजपा ने जनता को लूटा है। उन्होंने उप्र की भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार किए और सपा शासनकाल की योजनाएं बंद करने पर नाराजगी जताई। 

सवाल: क्या कारण है कि संगठन मजबूत होने और प्रदेश में तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं को चलाने व विकास कार्य कराने के बावजूद समाजवादी पार्टी को विधानसभा चुनाव और फिर अब निकाय चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा? 

दीपनारायण सिंह यादव: हम लोग मानते हैं कि जैसे जीत की वजह होती है इसी प्रकार हार की भी वजह होती है। सपा शासनकाल में मुख्यमंत्री ने हर वर्ग का ध्यान रखा। चाहे वह कन्या विद्या धन, बेरोजगारी भत्ता, लैपटॉप वितरण, किसानों के लिए तमाम योजनाएं, सिंचाई के  साधन, बांधों का निर्माण, समाजवादी पेंशन शुरू कराई और सडक़ व विद्यालय आदि का निर्माण कराया। हम ही नहीं, पूरा देश आश्चर्य चकित है कि इतनी जन कल्याणकारी योजनाओं के बावजूद पार्टी को पराजय का मुंह क्यों देखना पड़ा। लेकिन इस नई सरकार के पास सिर्फ बातें बड़ी हैं। उन्होंने हमारे विकास को लोगों के समक्ष छलावा बताया और लोग उनके बहकावे में आ गए। लोगों ने जिता तो दिया, मगर आज भी उनके दिमाग में अखिलेश यादव का वो हंसता हुआ चेहरा समाया है, जो विकास करता था और उनके कल्याण के लिए कार्य करता था। आज तक प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री कोई भी ऐसा फैसला नहीं ले सके, जो लोगों के हित में हो। जल्द ही हमारी पार्टी पूर्ण बहुमत में आकर एक बार फिर जन कल्याण के लिए सरकार बनाएगी। निकाय चुनाव में पार्टी को पिछले के बजाए अधिक सीटें मिली। हम स्वीकार करते हैं कि पार्टी शहरी क्षेत्रों में कमजोर है। लेकिन नगर पंचायत व नगर पालिकाओं में भाजपा के पास जो सीटें थीं, इस चुनाव में उनमें कमी आई है। सपा को अपेक्षा से अधिक सीटें नगर पंचायत और नगर पालिकाओं में मिली हैं।

सवाल: सपा का परंपरागत मुस्लिम वोट बैंक धीरे-धीरे बसपा और कांग्रेस में खिसक रहा है। कुछ हद तक भाजपा ने भी इसमें सेंध लगाई है। क्यों मुसलमानों का सपा से मोह भंग हो रहा है?

दीपनारायण सिंह: हमने कभी किसी जाति अथवा वर्ग को परंपरागत वोट बैंक की तरह नहीं रखा। हमने कभी नफरत फैलाकर वोट हासिल नहीं किया। हम सभी में प्यार और आपसी सद्भाव व भाईचारा चाहते हैं। मुस्लिम ही नहीं, हर वर्ग का वोट हमें मिला। संख्या के आधार पर आज भाजपा जरूर आगे दिख रही है, मगर हम भी पीछे नहीं है। वोट हमारा बढ़ा है, कम नहीं हुआ। इसलिए इस बात को मैं स्वीकार नहीं करता कि सपा से मुस्लिमों का मोह भंग हो रहा है। वे सपा से महज पार्टी की तरह नहीं, बल्कि अपनी भावनाओं से जुड़े हैं। 

सवाल: अखिलेश यादव बार-बार महागठबंधन की बात करते हैं, मगर अन्य विपक्षी दल उनकी बात को बहुत हल्के फिलहाल ले रहे हैं। ऐसे में उनके प्रयास किस हद तक कारगर होंगे?  

दीपनारायण सिंह: अखिलेश यादव की सोच है कि राजनीति तो करते रहेंगे, मगर देश की एकता अखण्डता को सर्वोपरि रखें। ऐसी शक्तियों को आगे न आने दिया जाए, जो देश की अखण्डता को तोडऩे का काम करतीं हैं। हमारा मकसद है कि हम देश को एकजुट रखें। भले इसके लिए हम थोड़े पीछे रह जाए, थोड़ा झुक जाएं। इसी सकारात्मक सोच को लेकर अखिलेश जी सभी विपक्षी दलों से महागठबंधन की बात बार-बार करते हैं। उनका प्रयास एक दिन जरूर रंग लाएगा। 

सवाल: अखिलेश यादव बार-बार कांगे्रस से गठबंधन बनाए रखने और दोस्ती बरकरार रखने की बात करते हैं, मगर कांग्रेस की ओर से काई बयान नहीं आया अभी तक ऐसा। राहुल गांधी कांग्रेस के नए अध्यक्ष बने। आगे इस दोस्ती को आप किस तरह देखते हैं? बरकरार रहेगी या नहीं? 

दीपनारायण सिंह: शुरू से ही समाजवादियों ने कांग्रेस की नीतियों का विरोध किया है। हमारा प्रयास, हमारी सोच और हमारा संगठन काफी बड़ा है। अखिलेश जी की सोच है कि वे बार-बार दोस्त नहीं बदलते। इसलिए वह चाहते हैं कि देश को बांटने वाली शक्तियों से एकजुट होकर लड़ा जाए, बाकि हमें चुनाव में किसी भी सहारे अथवा बैसाखी की जरूरत नहीं है। हम अकेले भी सब पर भारी हैं। अखिलेश यादव की उम्र भले ही छोटी हो, लेकिन उन्होंने बहुत बड़े-बड़े फैसले लिए हैं। उनके फैसलों ने बड़े-बड़े राजनेताओं का कद उनके आगे छोटा कर दिया है। 

सवाल: अखिलेश यादव ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090 हेल्पलाइन शुरू की। आज भाजपा सरकार उनकी नकल कर रही। कानून व्यवस्था भी सबके सामने है। आखिर क्या चाहती है भाजपा? 

दीपनारायण सिंह: अगर राजनीति में रहना है तो उन्हें अखिलेश यादव की नकल तो करनी ही पड़ेगी। क्योंकि उनके पास करने को कुछ नया है ही नहीं। अखिलेश ने मां-बेटियों के सम्मान की रक्षा के लिए 1090 हेल्पलाइन शुरू कराई। आज भाजपा उसकी नकल करने लगी। अभी तो उन्हें अखिलेश के विकास कार्यों की नकल करनी  होगी। लैपटॉप, विद्याधन, पेंशन, सडक़ व कॉलेज निर्माण आदि सबकी नकल करनी होगी, तभी राजनीति में रह पाएंगे, अन्यथा नहीं। 

सवाल: सपा शासनकाल में एरच बांध परियोजना शुरू हुई थी। आज उस पर व अन्य कई परियोजनाओं पर सरकार ने जांच बैठाकर काम बंद करा दिया। ऐसे में किसान इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। आखिर सपा कब इसके खिलाफ आवाज उठाएगी? 

दीपनारायण सिंह: सवा सौ साल के बाद पारीछा के नीचे बन रहा है एरच बांध। अस्सी फीसदी बांध बनकर तैयार है। आज सरकार ने उसे रोक दिया है। सरकार में अधिकार मिले हैं तो आप जांच कराएं, मगर निर्माण कार्य न रोकें। काम रुकने से किसान, मजदूर कमजोर होते हैं और विकास रुकता है। उनका भाग्य रुकता है। यदि काम शुरू नहीं कराया, तो हम समाजवादी जान पर खेल कर आंदोलन करेंगे, लेकिन बांध को बंद नहीं होने देंगे। हमने बुड़वार झील भरने की योजना बनाई थी, मगर काम रुकने से आज डेढ़ सौ साल पुरानी झील सूख रही है। किसान पानी के लिए तरस रहे हैं। यह सरकार किसानों की बात करके ही सत्ता में आई है और अब उनसे ही धोखा कर रही है। हम ऐसा नहीं होने देंगे और जनता की आवाज को पूरी तरह से उठाया जाएगा। 

सवाल: सपा शासन की अधिकांश जनकल्याणकारी योजनाओं को भाजपा सरकार ने बंद करा दिया। लेकिन पार्टी अभी तक चुप है। आखिर कब सपा जनता के साथ हो रहे इस अन्याय के खिलाफ लड़ेगी? क्या रणनीति है? 

दीपनारायण सिंह: सपा शासन काल की लैपटॉप योजना, कन्या विद्याधन, समाजवादी पेंशन जैसी योजनाएं बंद कर दी गई। जनता के मेहनत की गाढ़ी कमाई इस सरकार में लूटी जा रही है। हमारे नेता ने छह माह का समय दिया है। यदि सरकार नहीं चेती और जनता के धन का बंदरबांट किया तो निश्चित ही समाजवादी पार्टी सदन से लेकर सडक़ तक लड़ाई लड़ेगी। 

सवाल: प्रदेश की खनन नीति बदल गई। बालू महंगी हो गई। निर्माण कार्य नहीं हो पा रहे। मजदूर भूखों मर रहा है। इस बारे में आप क्या कहना चाहेंगे? 

दीपनारायण सिंह: जिस राज्य का राजा ईमानदार होगा, वहां आम आदमी बड़ा बनने लगता है। लेकिन इस सरकार में योजनाओं के नाम गरीबों, किसानों को ठगा जा रहा है। यह प्रदेश किसानों का प्रदेश है। यहां अस्सी फीसदी आबादी गांव में है। किसान और आम आदमी कर्ज में दबा है। उसे सहारे की जरूरत थी। उसने कुछ बदलाव के लिए इन्हें सरकार में बैठाया था, मगर ये तो लगातार कई प्रकार के टैक्स लगाकर उसे और गर्त में धकेल रहे हैं। ये वैध खनन के नाम पर गरीब जनता को लूट रहे हैं। आज एक ट्राली बालू के जो मूल्य हैं,  सपा सरकार में वहीं लगभग आधे मूल्य में मिल जाती थी। गरीब का खुद का मकान बनाने का सपना ही खत्म हो गया। आम आदमी के सपनों को तोडऩे वालों, इससे आप भाग नहीं सकते। आने वाले 2019 में इसका जवाब जरूर मिलेगा। 

सवाल: शिवपाल यादव की वजह से पार्टी को बहुत नुकसान हुआ, आगे भविष्य में क्या होगा? 

दीपनारायण सिंह: समाजवादी आंदोलन को यहां तक लाने में कई लोगों ने अपनी जान तक दी है। पहले भी कई बार ऐसा हुआ कि समाजवादियों को तोडऩे का प्रयास किया गया, मगर जिनका आप नाम ले रहे हैें, उन्होंने अपना अलग विचार बना रखा है। उनके रहने और न रहने से पार्टी पर अथवा समाजवादी आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सपा एक मिशन है, जो आम लोगों को साथ लेकर गरीबों और किसानों के लिए लड़ता है। 

सवाल: सपा शासन काल में यादवों के  चयन को लेकर लोक सेवा आयोग को यादव सेवा आयोग तक कहा गया। अब विशेष वर्ग के लोग ही चुने गए हैं। आप क्या कहेंगे इस बारे में? 

दीपनारायण सिंह: यही तो लड़ाई है। जो लोग उस समय अन्याय की बात करते थे, वहीं आज लोगों के साथ अन्याय कर रहे हैं। वर्ग विशेष के लोगों का ही जज व अन्य प्रभावशाली पदों पर कब्जा है। उनके लोग ही उन्हें चयनित कर पदों पर बैठा देते हैं। सपा सरकार में जरा सा न्याय अन्य लोगों को क्या मिला? बस चीखने लगे। बाबा साहब अंबेडकर जी की वजह से कुछ हद तक दलितों और पिछड़ों को न्याय मिला। लेकिन देश में पिछड़ों और दलितों का बहुत शोषण हुआ है और हो रहा है। सपा-बसपा एक मजबूत विकल्प थे। उनके एक होने से शोषण करने वाले स्वयं को कमजोर महसूस कर रहे थे, मगर साजिश के तहत उन्हें लड़ाकर अलग कर दिया गया। 

सवाल: मप्र में आपकी पत्नी ने चुनाव लड़ा और विधायक बनीं। इस बार फिर चुनाव की जोरशोर से तैयारी है। क्या वहां कांग्रेेस से गठबंधन होगा? कैसा प्रदर्शन करेगी समाजवादी पार्टी वहां? 

दीपनारायण सिंह: समाजवादी पार्टी की ओर जनता तीसरे विकल्प के रूप में देख रही है। मध्य प्रदेश में सपा इस बार बेहतर प्रदर्शन करेगी और बहुत अच्छे रिजल्ट आएंगे। कांग्रेस  से गठबंधन पर मेरी व्यक्तिगत राय है कि हमारे पास बहुत कुछ है। हमें किसी के साथ चुनाव में जाने की जरूरत नहीं। मप्र में अगर बीजेपी के फैसलों ने निराश किया है तो कांग्रेस ने भी धोखा ही दिया जनता को। ऐसे में दोनों पार्टियों का पुरजोर विरोध है। जनता को विकल्प चाहिए। और वह विकल्प सपा के रूप में उनके सामने है। कांग्रेस और भाजपा दोनों दल मिले हुए हैं और सरकारें बदलकर जनता को लूटने का काम किया है। 

सवाल: तो क्या मप्र में कांग्रेस से गठबंधन की संभावनाएं खत्म समझी जाएं? 

दीपनारायण सिंह: नहीं ऐसा नहीं है। गठबंधन का फैसला नेतृत्व लेता है। लेकिन मेरी व्यक्तिगत राय है कि जनता के फैसले को मानते हुए अकेले ही चुनाव लडऩा बेहतर होगा। आज हमें जनता का समर्थन मिल रहा है और जनता हमें तीसरे विकल्प के रूप में ले रही है। वहां जब बदलाव होगा, तभी जनता का भला भी होगा। जब तीसरे विकल्प की सरकार बनेगी। समाजवादी योजनाएं चलेंगी। तभी मप्र का स्वरूप बदलेगा और वहां सुनहरे दिन आएंगे। इसलिए मैं व्यक्तिगत रूप से कतई गठबंधन के पक्ष में नहीं हूं। कांग्रेस ने तो वहां महापाप किया है। जनता को मजलूम बना दिया है। इसलिए वहां किसी गठबंधन की जरूरत नहीं है। 

 

 

 

 

 

 

 


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