डिजिटल इंडिया की समस्या: बिना सूचना दिए कंपनियों ने किए हजारों रसोई गैस कनेक्शन इधर से उधर

By: jhansitimes.com
Jan 12 2018 11:57 am
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झाँसी। रसोई गैस मानवीय जीवन का एक मूल आधार बन गई है। यह नहीं, तो आज कोई परिवार पूरा नहीं है। झाँसी जनपद में ही प्रत्येक कंपनी के पास हजारों उपभोक्ता  हैं। इन कंपनियों ने बिना उपभोक्ताओं को बताए हजारों संयोजन अपनी मर्जी से एक से दूसरे डिस्ट्रीब्यूटर को स्थानान्तरित कर दिए हैं। इससे उपभोक्ता अपने संयोजनों की तलाश में भटक रहे हैं। 

घर से डिस्ट्रीब्यूटर थे दूर

मालूम हो कि गैस उपभोक्ताओं की अक्सर शिकायत रहती थी कि उन्हें अपने डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क साधने या किसी डाक्यूमेंट को जमा करने के लिए काफी दूर तक जाना पड़ता है। ऐसे में उनका समय भी खराब होता है और काम भी अधूरा ही रह जाता है कभी-कभी। भारत गैस, इंडेन गैस, हिन्दुस्तान जैसी बड़ी कंपनियां इस समस्या का स्थाई निदान सोच रही थीं। 

निदान मिला, पर नहीं किया सूचित

इस बार इस समस्या का निदान तो किया गया, मगर उपभोक्ताओं को सूचित करना कंपनियां भूल गई। प्रत्येक गैस कंपनी ने अपने उपभोक्ताओं की सुविधा को देखते हुए उसके घर से सबसे पास जो भी डिस्ट्रीब्यूटर था, उसके पास उसका संयोजन ट्रांसफर कर दिया। यह एक अच्छा कार्य हुआ, मगर कंपनियां अपने उपभोक्ताओं को यह जानकारी देने में कंजूसी कर गई। 

गैस बुकिंग के समय हो रही जानकारी

उपभोक्ता जब अपनी गैस की बुकिंग फोन से करा रहा, तो उसे बुकिंग नंबर देने के बजाए डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क करने की सलाह दी जा रही है। जब उपभोक्ता अपने डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क कर रहा तो उसे बताया जा रहा कि उसका संयोजन फलां एजेंसी पर ट्रांसफर हो गया। अब नई एजेंसी पर उसे पुन: केवाईसी लगाने के लिए बाध्य किया जा रहा है। 

कंपनियों के मनमानी से बढ़ गई परेशानी

गैस कंपनियों की इस मनमानी से आम उपभोक्ता परेशान हो गया है। वह अपने रोजमर्रा के कामकाज छोडक़र डिस्ट्रीब्यूटर के चक्कर लगा रहा है। उसे केवाईसी जमा करने के नाम पर काफी समय बर्बाद करना पड़ रहा है। ऐसे में डिजीटल इंडिया का सपना संजोए मोदी सरकार प्रतिवर्ष कोई न कोई नया शिगूफा आम जनता के लिए छोड़ देती है और लोग सरकार के विकास कार्यों की समीक्षा करने के बजाए अपनी सामान्य जिंदगी को बचाने में जुट जाते हैं।

 


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