शराब की बोतले करती हैं क्या ईशारे, नशे में करते हैं झाँसी मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक उपचार

By: jhansitimes.com
Mar 11 2018 02:02 pm
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झाँसी। मेडिकल कॉलेज में आए दिन चिकित्सकों व स्टाफ की यह शिकायतें सामने आती हैं कि यहां तीमारदारों व मरीजों के साथ उचित व्यवहार नहीं किया जाता है। ऐसा क्यों होता है? जब झाँसी टाईम्स हिन्दी न्यूज पोर्टल की टीम ने मेडिकल कॉलेज के विभिन्न कमरों में जाकर देखा तो वहां शराब व बीयर की बोतलें पड़ी मिली। यहां तक कि जिस कक्ष में चिकित्सक बैठते हैं, वहां पर भी पलंग के नीचे बीयर की खाली  बोतलें पड़ी मिलीं। इनकी तस्वीरों के साथ सच्चाई सामने ला रहा है हमारा झांसी टाईम्स हिन्दी न्यूज पोर्टल।

जी हां, यह सच है। मेडिकल कॉलेज परिसर और कक्षों में पड़ी शराब व बीयर की बोतलें यही ईशारा करती हैं। अन्यथा यहां शराब और बीयर की बोतलों का क्या काम? चिकित्सकों के आराम करने के कक्ष में, बाथरूम में, आकस्मिक विभाग के विभिन्न कोनों में पड़ी बोतलें यही बता रही हैं कि उन्हें कॉलेज के चिकित्सीय स्टाफ ने इस्तेमाल किया है। अब यदि नशा करने केबाद मरीजों और तीमारदारों से बातचीत होगी अथवा उनका उपचार होगा तो निश्चित ही झगड़े का कारण भी पैदा होगा। लेकिन इस सच्चाई को न तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन मानने को तैयार है और न ही वहां का स्टाफ। वे तो अपना बचाव करते हैं और कहते हैं कि तीमारदार अथवा अन्य लोग इन बोतलों को यहां फेंक गए। तो फिर उस कक्ष में बोतलें कहां से आ गई, जिसमें केवल चिकित्सकों को जाने की इजाजत है। 

प्राचार्या ने कहा- जांच होगी, दोषियों पर की जाएगी कार्रवाई

झांसी मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. साधाना कौशिक ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए कमेटी बना दी गई है। यह कमेटी जांच करके बताएगी कि शराब व बीयर की बोतलें इन कक्षों में कहां से आई। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 


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