क्या आप जानते हैं, आंखों से निकलने वाला आंसू नमकीन क्यों होता है?

By: jhansitimes.com
Sep 06 2018 11:50 am
184

 इंसान हो या जानवर हर किसी को तकलीफ होती है और जब तकलीफ बर्दाश्‍त से बाहर होती है तो आंसू बहने लगते हैं। जिस तरह से आईना हमारे बाहरी व्‍यक्‍तित्‍व को दर्शाता है वैसे ही आंसू भी हमारे अंदर छिपे दर्द को बयां करते हैं।

वैसे तो जानवरों को भी तकलीफ होती है और दर्द होने पर वो भी रोते हैं लेकिन उनके आंसुओं को इतना महत्‍व नहीं दिया जाता है। इंसानों की बात करें तो वो ही शायद इस धरती पर एकमात्र ऐसा प्राणी है जिसके आंसुओं और तकलीफ को महत्‍व दिया जाता है।

अगर कभी आपने देखा हो तो मनुष्‍य के आंसू नमकीन होते हैं। क्‍या आपने कभी सोचा है कि आंखों से निकलने वाले आंसुओं में नमक कहां से आता है या ये नमकीन क्‍यों होते हैं ?

दोस्‍तों आज हम इस पोस्‍ट के ज़रिए इंसान के आंसू में क्या होता है । वैज्ञानिकों की मानें तो इंसानों के आंसू में सोडियम क्‍लोराइड होता है। इसके अलावा आंसू में लाइसोजयम पाया जाता है। आंसू की प्रत्‍येक बूंद लिपिट और अन्‍यफैट की बाहरी लेयर या इनरलेयरम्‍यूकस से बनी होती है। दोनों लेयर एक सैंडविच की तरह एक पानी की लेयर बनाते हैं।

क्‍यों निकलते हैं आंसू

ओहियोस्‍टेट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्‍होंने पहली बार आंसू में पाई जाने वाले कुछ नई लेयर के बारे में पता लगाया है। इन लेयर्स को फैटीएसिड के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा वैज्ञानिकों को आंसू में ओलेमाइ भी मिला जोकिब्रेन और केंद्रीय तंत्रिता मंत्र में पहले देखा गया था।

ओलेमाइड को हमारे स्‍लीपप्रोसेस से जुड़ा हुआ माना जाता है। अगर आंखों में जरूरत से ज्‍यादाओलेमाइड बन गया तो लिपिड परत नमी को लॉक करने की अपनी क्षमता खो सकती है। इसकी वजह से त्‍वचा संबंधित कई विकार हो सकते हैं।

सेहत के लिए फायदेमंद हैं इंसान के आंसू

आंसू आने से आंखों में नमी बनी रहती है और आंखों में सूखापन नहीं होता है। आंसू से आंखे साफ और कीटाणुरहित होती हैं। आंसू आंख की अश्रु नलिकाओं से निकलने वाला तरल पदार्थ है जो पानी और नमक के मिश्रण से बना होता है।

दोस्‍तों, आंसुओं के मामले में इसान दूसरे जीवों जैसे कि जानवरों से बहुत अलग है और अपने नज़दीकीरिश्‍तेदारचिंपाजी से भी। अगर हमारे चेहरे से आंसुओं को हटा दिया जाए तो चेहरे पर दुख के भाव काफी कम हो जाते हैं। वहीं दूसरी ओर आंसुओं के साथ व्‍यक्‍तिज्‍यादा दुखी लगता है।

इसका मतलब साफ है कि आंसुओं के साथ हम अपने दुख को आसानी से व्‍यक्‍त कर सकते हैं और ये हमारे सच में दुखी होने का सबूत भी हैं। हालांकि, वैज्ञानिकों की मानें तो अकेले में तकिए के नीचे सिर छिपाकर रोने से कोई फायदा नहीं मिलता है।

इंसान के आंसू – तो दोस्‍तों, अगर आप सेहतमंद रहना चाहते हैं और अपनी आंखों को कीटाणुओं से बचाकर रखना चाहते हैं तो जान लीजिए कि थोड़ा-बहुत रोना तो चल जाएगा। इसमें कोई दिक्‍कत नहीं है। इससे आप ना केवल अपना दुख दिखा पाते हैं बल्कि आंखों को भी स्‍वस्‍थ रख सकते हैं।


comments

Create Account



Log In Your Account



छोटी सी बात “झाँसी टाइम्स ” के बारे में!

झाँसी टाइम्स हिंदी में कार्यरत एक विश्व स्तरीय न्यूज़ पोर्टल है। इसे पढ़ने के लिए आप http://www.jhansitimes .com पर लॉग इन कर सकते हैं। यह पोर्टल दिसम्बर 2014 से वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की नगरी झाँसी (उत्तर प्रदेश )आरंभ किया गया है । हम अपने पाठकों के सहयोग और प्रेम के बलबूते “ख़बर हर कीमत पर पूरी सच्चाई और निडरता के साथ” यही हमारी नीति, ध्येय और उद्देश्य है। अपने सहयोगियों की मदद से जनहित के अनेक साहसिक खुलासे ‘झाँसी टाइम्स ’ करेगा । बिना किसी भेदभाव और दुराग्रह से मुक्त होकर पोर्टल ने पाठकों में अपनी एक अलग विश्वसनीयता कायम की है।

झाँसी टाइम्स में ख़बर का अर्थ किसी तरह की सनसनी फैलाना नहीं है। हम ख़बर को ‘गति’ से पाठकों तक पहुंचाना तो चाहते हैं पर केवल ‘कवरेज’ तक सीमित नहीं रहना चाहते। यही कारण है कि पाठकों को झाँसी टाइम्स की खबरों में पड़ताल के बाद सामने आया सत्य पढ़ने को मिलता है। हम जानते हैं कि ख़बर का सीधा असर व्यक्ति और समाज पर होता है। अतः हमारी ख़बर फिर चाहे वह स्थानीय महत्व की हो या राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय महत्व की, प्रामाणिकता और विश्लेषण के बाद ही ऑनलाइन प्रकाशित होती है।

अपनी विशेषताओं और विश्वसनीयताओं की वजह से ‘झाँसी टाइम्स ’ लोगों के बीच एक अलग पहचान बना चुका है। आप सबके सहयोग से आगे इसमें इसी तरह वृद्धि होती रहेगी, इसका पूरा विश्वास भी है। ‘झाँसी टाइम्स ‘ के पास समर्पित और अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ संवाददाताओं, समालोचकों एवं सलाहकारों का एक समूह उपलब्ध है। विनोद कुमार गौतम , झाँसी टाइम्स , के प्रबंध संपादक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। जो पूरी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता का पिछले लगभग 16 वर्षों का अनुभव है। के पी सिंह, झाँसी टाइम्स के प्रधान संपादक हैं।

विश्वास है कि वरिष्ठ सलाहकारों और युवा संवाददाताओं के सहयोग से ‘झाँसी टाइम्स ‘ जो एक हिंदी वायर न्यूज़ सर्विस है वेब मीडिया के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान बनाने में कामयाब रहेगा।