डा. आदित्य चाढा ने ढूंढा आईसीयू में खर्च कम करने का तरीका

By: jhansitimes.com
Apr 07 2017 08:35 pm
426

झांसी। अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के डाक्टर आदित्य ने आईसीयू में मृत्यु को कम करने को लेकर काफी महत्वपूर्ण काम किया है। उन्होंने रिसर्च के माध्यम से निष्कर्ष निकाला है कि सप्ताह के और दिनों की अपेक्षा वीकेंड को आईसीयू में ज्यादा मौतें होती हैं। उनका रिसर्च आईसीयू में डेथ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अमेरिका के लाॅस एंजेल्स में आयोजित वार्षिक चेस्ट मीटिंग में उनका यह रिसर्च और आईसीयू प्रबंधन को लेकर दूसरे महत्वपूर्ण शोध कार्य को काफी सराहा गया है। रिसर्च के अनुसार वीकेंड में बहुत से मरीज अनियंत्रित बीपी, स्ट्रोक, कई प्रकार के हार्ट अटैक और हेड इंजुरी से पीड़ित होकर इलाज के लिए आईसीयू में भर्ती होते हैं। आमतौर पर आईसीयू में गंभीर रूप से बीमार मरीज ही आते हैं। कई कारणों से अस्पताल में इलाज का तरीका काफी लंबा होता है, जैसे तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता के केस में देखा गया। डाक्टर आदित्य आईसीयू में केस हैंडल करने के मामले में दूसरे डाक्टरों से काफी अलग हैं।

मूलतः भारत के आंध्र प्रदेश के रहने वाले डाक्टर आदित्य यूनिवर्सिटी आॅफ आरकांसास फाॅर मेडिकल साइंसेज में पल्मेरी मेडिसीन डिवीजन के चीफ फेलो हैं। डाक्टर आदित्य फ्लोरिडा हाॅस्पिटल से इंटरनेल मेडिसीन के रेजिडेंज रहे हैं। उन्होंने कई स्तरों पर मेडिकल क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया है। इनमें सेप्सिस की पहचान और रोकथाम सबसे महत्वपूर्ण है। सेप्सिस एक प्रकार का खतरनाक इंफेक्शन है, इसमें ब्लड प्रेशर धीरे-धीरे कम हो जाता है, जिससे रोगी की मौत हो जाती है।   डाक्टर आदित्य ने इस प्रकार की बीमारियों की रोकथाम को लेकर काफी मौलिक कार्य किया है, जिनका कई जनल्र्स में प्रकाशन हुआ है। उनका पेपर जर्नल्स आॅफ हाॅस्पिटल मैग्जीन में भी प्रकाशित हुआ है। डाक्टर आदित्य ने अपने काम को आईसीयू में होने वाले मौतों को कम करने पर फोकस किया है, जिससे मरीज पर आईसीयू में भर्ती के दौरान होने वाले खर्च को कम किया जा सके।


comments

Create Account



Log In Your Account



छोटी सी बात “झाँसी टाइम्स ” के बारे में!

झाँसी टाइम्स हिंदी में कार्यरत एक विश्व स्तरीय न्यूज़ पोर्टल है। इसे पढ़ने के लिए आप http://www.jhansitimes .com पर लॉग इन कर सकते हैं। यह पोर्टल दिसम्बर 2014 से वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की नगरी झाँसी (उत्तर प्रदेश )आरंभ किया गया है । हम अपने पाठकों के सहयोग और प्रेम के बलबूते “ख़बर हर कीमत पर पूरी सच्चाई और निडरता के साथ” यही हमारी नीति, ध्येय और उद्देश्य है। अपने सहयोगियों की मदद से जनहित के अनेक साहसिक खुलासे ‘झाँसी टाइम्स ’ करेगा । बिना किसी भेदभाव और दुराग्रह से मुक्त होकर पोर्टल ने पाठकों में अपनी एक अलग विश्वसनीयता कायम की है।

झाँसी टाइम्स में ख़बर का अर्थ किसी तरह की सनसनी फैलाना नहीं है। हम ख़बर को ‘गति’ से पाठकों तक पहुंचाना तो चाहते हैं पर केवल ‘कवरेज’ तक सीमित नहीं रहना चाहते। यही कारण है कि पाठकों को झाँसी टाइम्स की खबरों में पड़ताल के बाद सामने आया सत्य पढ़ने को मिलता है। हम जानते हैं कि ख़बर का सीधा असर व्यक्ति और समाज पर होता है। अतः हमारी ख़बर फिर चाहे वह स्थानीय महत्व की हो या राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय महत्व की, प्रामाणिकता और विश्लेषण के बाद ही ऑनलाइन प्रकाशित होती है।

अपनी विशेषताओं और विश्वसनीयताओं की वजह से ‘झाँसी टाइम्स ’ लोगों के बीच एक अलग पहचान बना चुका है। आप सबके सहयोग से आगे इसमें इसी तरह वृद्धि होती रहेगी, इसका पूरा विश्वास भी है। ‘झाँसी टाइम्स ‘ के पास समर्पित और अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ संवाददाताओं, समालोचकों एवं सलाहकारों का एक समूह उपलब्ध है। विनोद कुमार गौतम , झाँसी टाइम्स , के प्रबंध संपादक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। जो पूरी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता का पिछले लगभग 16 वर्षों का अनुभव है। के पी सिंह, झाँसी टाइम्स के प्रधान संपादक हैं।

विश्वास है कि वरिष्ठ सलाहकारों और युवा संवाददाताओं के सहयोग से ‘झाँसी टाइम्स ‘ जो एक हिंदी वायर न्यूज़ सर्विस है वेब मीडिया के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान बनाने में कामयाब रहेगा।