ई-कॉमर्स पॉलिसी में बदलाव कर रिलायंस को फिर फायदा पहुंचाने का प्रयास

By: jhansitimes.com
Jan 27 2019 11:40 am
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भारत सरकार की ई-कॉमर्स पालिसी में बदलाव का परिणाम धीरे-धीरे सामने आने वाला है. कहा ये जा रहा है कि छोटे रहे रिटेलर्स और वेंडर्स को फायदा होगा. फ्लिपकार्ट और अमेजन अपनी हिस्सेदारी वाली कंपनी बनाकर अपने ही प्लेटफार्म पर प्रोडक्ट्स नहीं बेच पाएंगे. इसपर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी अपनी आपत्ति दर्ज की है. जबकि सच कुछ और है अगर ऐसा भविष्य में होता है तो, जिसकी खबरें भी आने लगी हैं.

 भारत के सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज बड़े पैमाने पर ईकॉमर्स में उतरने वाली है. प्रचार ये किया जा रहा कि इससे छोटे रिटेलर्स को फायदा होगा. जबकि सच्चाई यह है कि रिलायंस के ईकॉमर्स पर FDI की शर्तें लागू नहीं होंगी, जिससे रिलायंस अपनी हिस्सेदारी की कंपनी के प्रोडक्ट्स अपने प्लेटफार्म पर बेच पाएगी. ऐसी स्थिति में छोटे रिटेलर्स या छोटे वेंडर्स फिर से अपने को ठगा हुआ महसूस करेंगे. वो रिलायंस के मुकाबले न तो थोक में प्रोडक्ट्स सीधे खरीद पाएंगे और न ही तीन महीने का स्टोर कर पाएंगे. इसके अलावा रिलायंस से कोई भी वेंडर्स, रिटेलर्स कीमतों में मुकाबला नहीं कर पाएगा. वहीं फ्लिपकार्ट और अमेजन अपने उत्पाद नहीं बेच सकेंगी. क्योंकि ये दोनों कंपनी विदेशी हैं. फ्लिपकार्ट सिंगापुर में रजिस्टर्ड है, अमेजन अमेरिकी है. कुल मिलाकर सरकार ने चुनाव से पहले रिलायंस को बड़ा फायदा पहुंचाने, विदेशी कंपनियों को कंप्टीशन से हटाने का प्रबंध कर दिया. कुल मिलाकर इस पालिसी से रिलायंस को बड़ा फायदा होगा. 

पहला, रिलायंस मैनुफैक्चर्स से सीधे प्रोडक्ट्स खरीदकर अपने प्लेटफार्म पर बेच सकेगा. दूसरा, छोटे रिटेलर्स और दुकानदार न तो ज्यादा स्टोक कर पाएंगे और न ही रिलायंस की दर पर प्रोडक्ट्स खरीद पाएंगे. तीसरा, रिलायंस का कोई बड़ा विदेशी कॉम्पिटिर भी नहीं होगा. चौथा, जो स्नैपडील, शौपक्लू जैसे कॉम्पिटिर हैं, वो कुछ समय बाद वैसे ही बाहर हो जाएंगे जैसे टेलीकॉम सेक्टर में जियो के आने के बाद छोटी कंपनियां बाहर हो गई, हालत ये हो गए कि अब भारत जैसे विशाल देश में सिर्फ तीन कंपनियां बचीं टेलीकॉम सेक्टर में. पांचवां, ईकॉमर्स सेक्टर में रिलायंस का एक छत्र राज हो जाएगा. कांग्रेस ने रिलायंस को 22 सर्किल का लाइसेंस देकर रिलायंस को बड़ा फायदा पहुंचाया था, जिसपर बीजेपी सरकार ने कोई रिव्यू नहीं किया और आज उसका परिणाम सामने है. 

टेलीकॉम सेक्टर में नौकरियां गई. अब बीजेपी सरकार ने ईकॉमर्स नियमों में बदलाव कर रिलायंस को ही बड़ा फायदा पहुंचाने का काम कर दिया. जिसके नतीजे आने वाले समय में देखने को मिलेंगे. ऐसी नीतियां किसी भी देश की समग्र प्रगति के लिए खतरनाक हैं. जहां बड़ी कंपनियों को और बड़ा करने फायदा पहुंचाया जाता और नई शुरुआत करने वाले के लिए सभी दरवाजों पर ताला जड़ दिया जाता है. इसी का परिणाम है कि देश के कुछ लोग प्रतिदिन में ₹2200 करोड़ रुपये बनाते हैं, दूसरी ओर छोटा कारोबारी पूरे दिन संघर्ष में बिताता. ये ऑक्सफैम की रिपोर्ट पढ़ने से पता चल जाएगा.


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