सितंबर 2018 तक लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ संभव: चुनाव आयुक्त

By: jhansitimes.com
Oct 05 2017 10:36 am
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 सितंबर 2018 तक लोकसभा और विधानसभा के चुनाव कराने में सक्षम हो जायेगा और चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने साफ किया है कि संसाधनों के अभाव के चलते सितंबर 2018 के पहले यह संभव नहीं हो पाएगा। मध्य प्रदेश में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने यह जानकारी दी है। हालांकि यह केंद्र सरकार पर निर्भर करता है कि एक साथ चुनाव कराने के लिए वह प्रावधान कब तक लाती है।

मध्य प्रदेश के दौरे पर आए रावत ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार ने ईवीएम और वीवीपीएटी मशीन खरीदने के लिए जरूरी धन राशि उपलब्ध करवा दी है। सितंबर 2018 तक चुनाव आयोग को ये दोनों मशीनें मिल जाएंगी। लिहाजा अगले साल आयोग दोनों चुनावों को एक साथ कराने के लिए सक्षम हो जाएगा। चूंकि इसके लिए नियमों में जरूरी प्रावधान सरकार को करने होंगे, इसलिए हम यह नहीं बता सकते कि लोकसभा व विधानसभा के चुनाव कब से एक साथ होंगे।

इसके पहले रावत ने ईआरओ नेट का शुभारंभ किया। यह एक ऐप है। इससे यह पता चल सकेगा कि कोई मतदाता एक से ज्यादा स्थान पर दर्ज है या नहीं। इसके जरिये मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाया जा सकेगा और अपने डेटा को संशोधित भी कर सकेंगे।

- रावत के मुताबिक विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ कराने के लिये कुल 40 लाख मशीनों की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने इस बारे में चुनाव आयोग से जानकारी मांगी थी और तब आयोग ने सरकार को अपनी जरूरतों के बारे में बता दिया था। उन्होंने कहा कि इसके लिये केन्द्र सरकार की ओर से आवश्यक धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। 

- वीवीपैट मशीन के लिये 3400 करोड़ रुपये और ईवीएम के लिये 12 हजार करोड़ रुपये केन्द्र सरकार की ओर से दिए गए हैं। दो सरकारी क्षेत्र की कंपनियों को मशीनों के ऑर्डर दिए गए हैं। रावत के मुताबिक दोनों ही कम्पनियों ने मशीनों की आपूर्ति शुरू कर दी है। सितम्बर 2018 तक चुनाव आयोग के पास सभी मशीनें पहुंच जाएंगी। इनके अलावा अन्य आवश्यक तैयारियां भी पूरी कर ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि उसके बाद जब भी सरकार चाहेगी, चुनाव आयोग लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने में सक्षम होगा। 

- मध्य प्रदेश में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे रावत ने कहा कहा कि अब हर जगह वीवीपैट मशीनों के जरिए ही चुनाव कराए जाएंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि हमारी ईवीएम से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है लेकिन विश्वसनीयता बनाये रखने के लिए वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल किया जायेगा। उन्होंने पिछले दिनों गोवा में हुये विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुये बताया कि वहां 4 जगहों पर मशीनों में गड़बड़ी की शिकायत की गई थी। इस शिकायत के आधार पर ईवीएम और वीवीपैट मशीनों से निकली स्लिप का मिलान किया गया। मिलान करने पर कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई। 


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