दीपावली पर्व पर गरीबों के बच्चे नहीं छुड़ा सकते आतिशबाजी

By: jhansitimes.com
Nov 09 2018 05:46 pm
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(रिपोर्ट-सैय्यद तामीर उद्दीन) महोबा । दीपावली पर्व पर जहां पूरा नगर इलेक्ट्रानिक झालरों व लाइट से जगमगा रहा था, व आतिशबाजी छुटायी जा रही थी, वहंी रोज खाने कमानें वालें मजदूरों की कच्ची झोपड़िया में मिटटी के दीपक ही जलते रहे। करीब तबके के लोगों के यहां न तो पकवान बने और न ही आतिशबाजी छुड़ा सके। 

 दीपावली पर्व पर जहां धनवान लोगों में हर्षोंल्लास नजर आया, वहीं गरीबों के यहां मायूसी दिखी, फिर भी गरीब वर्ग के लोगों ने दीपावली पर्व विधिविधान व पूजा अर्चना के साथ मनाया, हालांकि मंहगाई व आर्थिक तंगी के चलते इनकी कच्ची झोपड़ियों में न तो इलेक्ट्रानिक झालरें नजर आयी और न ही उनके बच्चें आतिशबाजी छुड़ाते देखा गया, जब कि इनके मकानों में आज भी मिटटी के दीपकों की रोशनी जगमगा रही थी। दीपावली में ज्यादा गरीब तबके के लोगों ने सिर्फ रस्म अदायगी की। 

 नगर के कल्लू, माखन, चुनुवा, कामता आदि लोागें का कहना है कि हम लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, उन्होंने कहा कि जिस दिन मजदूरी नहीं मिली तो उस दिन उनके परिवार को भूखा ही सोना पड़ता है, यदि कोई पर्व आ जाता है, तो हम लोगों के सामने और परेशानी हो जाती है। कहना है कि दीपावली पर्व मनाने के लिये इन परिवारों ने बच्चों सहित दिन रात हाड़ तोड़ मेहनत मजदूरी की तब कहीं जाकर परिवार के लोग पर्व की रस्म अदायगी ही निभा पाये। उनका कहना है कि यह स्थिति सिर्फ उनकी नहीं बल्कि स्थिति प्रत्येक रोज खाने कमानें वाले गरीब मजदूरों की बनी रहती है, कहना है कि उन्हें मलाल तो इस बात का है कि मंहगाई व बेरोजगारी के चलते दीपावली पर्व पर वह अपने बच्चों को न तो नयी पोशाकें और न ही पटाखें दिला सके। कहा कि धनवान अपनी हवेलियों को इलेक्ट्रानिक झालरों की रोशनी से रोशन करते रहे, तो हमने भी मिटटी के दीपकों से अपने मकानों को जगमगाया है। 

 दीपावली पर प्रशासन द्वारा शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिये नगर में बेहतर पुलिस व्यवस्था नजर आयी, जिससे पर्व हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। 


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