हाल-ए रोडवेज: रास्ते में डिपो की बसें दे जाती दगा,यात्री होते परेशान

By: jhansitimes.com
Oct 13 2017 05:33 pm
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(रिपोर्ट-सैय्यद तामीर उद्दीन) महोबा। महोबा डिपो से संचालित होने वाली यात्री बसों का बुरा हाल है, यहां बांदा, हमीरपुर, मुस्कुरा, राठ, मोदहा, आदि क्षेत्रों में दौड़ने वाली बसों का यह भरोसा नहीं रहता है कि यह बसें कहा पर दगा दे जायें, और यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़े। सर्दी के इस मौसम में यात्रियों को और अधिक परेशानी होती है, शुक्रवार की सुबह रोडवेज डिपों की बस खराब हो गयी, और इसमें सवार यात्री घण्टो परेशान होते रहे, काफी समय बाद जब दूसरी बस मार्ग से गुजरी तब यात्री इस पर सवार होकर रवाना हो सके। बताते चले वर्तमान समय में महोबा डिपों में एक सैकड़ा से अधिक बसों का बेड़ा है। डिपों से प्रति दिन सात दर्जन से अधिक बसें विभिन्न मार्गाे को जाती, आती है, उनमें से जो बसे लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, मथुरा, दिल्ली, आदि क्षेत्रांे का जाति है, उनकी तो स्थिति सही है, लेकिन जो बसे यहां से बांदा, मुस्कुरा, राठ, हमीरपुर, मौदहा की ओर, आती, जाती है उनकी स्थिति सही नहीं है।

सूत्रों की मांने तो माइलेज पूरा करने वाली बसों को इन मार्गो पर दौड़ाया जा रहा है। कुछ बसों में शीशे नहीं है, तो कुछ की चादर उखड़ी पड़ी है, टायरों की स्थिति भी सही नहीं है, कुल मिलाकर ठोक, पीठकर बसो को मार्गो पर भेजा जाता है, और इसका खामियाजा सर्दी के इस मौसम में बस खराब हो जाने पर यात्रियों को भुगतना पड़ता है। शुक्रवार को रोडवेज की बस खराब हो जाने पर यात्रियों को दो घण्टे तक परेशान होना पड़ा और जब राठ मार्ग पर दूसरी बस निकली उस पर यात्री जा सके। रोडवेज के जिम्मेदार डिपों की आय बढ़ाने के लिये बसो को ठोंक, पीटकर मार्गो पर भेज रहे है, जिससे बसे रास्ते में ही दगा दे जाती है, यात्री परेशान होते है, और चालक तथा परिचालक के यात्रियों की नोंक, झोंक होती है, फिर भी डिपांे के जिम्मेदारों की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। हालांकि अभी रोडवेज डिपों का निर्माण कार्य पूरा हो गया है, लेकिन फिर भी कुछ काम बाकी होती पर बसो का संचालन कार्यशाला से किया जा रहा है, कार्यशाला में जगह, कम होने के कारण यात्रियों को सुविधाएंे नहीं मिल रही जिससे यहां आने वाले यात्री पहले से ही परेशान रहते है, और रही सही कसर डिपों की बस रास्ते में खराब हो जाने पर पूरी हो जाती है। 


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