मीडिया के सामने आई फरार हनीप्रीत, कहा- बाप-बेटी के पवित्र रिश्ते को किया तार-तार

By: jhansitimes.com
Oct 03 2017 10:16 am
1903

नई दिल्ली।  20 साल के लिए जेल भेजे गए डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के बलात्कारी बाबा गुरमीत राम रहीम की ‘फरार’ बेटी हनीप्रीत आखिरकार लंबे समय बाद सामने आ गई। 36 दिनों से 7 सूबों की पुलिस हनीप्रीत की तलाश में जुटी है, लेकिन अब तक उसे कामयाबी नहीं मिल पाई। लेकिन सामने आते ही हनीप्रीत ने सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि राम रहीम को पूरी तरह निर्दोष बताया है। इस दौरान हनीप्रीत ने कहा, ‘बाप-बेटी  के बीच पवित्र रिश्ता है।’इस रिश्ते को तार-तार कर दिया। उन्होंने एक चैनल  को दिए इंटरव्यू में कहा कि क्या एक बाप अपनी बेटी के सिर पर हाथ नहीं रख सकता? क्या एक बेटी अपने बाप से प्यार नहीं कर सकती ।

इतने दिनों तक आखिर वह कहां गायब रहीं? इस पर हनीप्रीत ने कहा कि उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था। उन्होंने कहा, ‘मैं हरियाणा से किसी तरह दिल्ली गई। अब हरियाणा-पंजाब कोर्ट में जाऊंगी।’ हालांकि हनीप्रीत ने सरेंडर होने पर कहा कि इस पर वह कानूनी सलाह लेंगी।

जब उनसे पूछा गया कि वह इतने दिनों तक कहां थीं, तो हनीप्रीत ने कहा, ‘मैं इतनी डरी हुई थी कि अपनी मानसिक स्थिति बयां नहीं कर सकती हूं। मुझे तो किसी तरह की प्रक्रिया भी नहीं पता थी। कुछ लोग कह रहे हैं कि मैं अपने पापा के साथ हेलिकॉप्टर में कैसे गई तो मैं आपको बता दूं कि यह कोर्ट की इजाजत के बाद हुआ है।’

राम रहीम से रिश्तों पर भी बोलीं हनीप्रीत

हनीप्रीत ने कहा कि उनका और राम रहीम का रिश्ता बेहद पवित्र रिश्ता है। यह उतना ही पाक है, जितना बाप-बेटी का रिश्ता होता है। क्या बाप बेटी के सिर पर हाथ नहीं रख सकता? क्या बेटी अपने पिता से लाड़ नहीं कर सकती? इस दौरान जब उनके पूर्व पति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मैं विश्वास गुप्ता के बारे में बात भी नहीं करना चाहती।’

अपने ऊपर दंगा भड़काने के आरोपों पर भी बोलते हुए हनीप्रीत ने कहा, ‘आप कोई एक क्लिप ऐसी दिखा दीजिए जिसमें मैं ऐसा कुछ कह रही हूं या कर रही हूं। कुछ लोगों को साजिश के तहत दंगा भड़काने के लिए भेजा गया था।’ इस दौरान जब उनसे डेरे के रहस्यों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘जो लोग डेरे में नर कंकाल होने की बात करते हैं, मैं उनसे पूछती हूं कि क्या नरकंकाल मिले। जिन दो लड़कियों ने आरोप लगाए हैं क्या वे कभी सामने आईं? सिर्फ चिट्ठियों के आधार पर दोषी बना दिया।’


comments

Create Account



Log In Your Account



छोटी सी बात “झाँसी टाइम्स ” के बारे में!

झाँसी टाइम्स हिंदी में कार्यरत एक विश्व स्तरीय न्यूज़ पोर्टल है। इसे पढ़ने के लिए आप http://www.jhansitimes .com पर लॉग इन कर सकते हैं। यह पोर्टल दिसम्बर 2014 से वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की नगरी झाँसी (उत्तर प्रदेश )आरंभ किया गया है । हम अपने पाठकों के सहयोग और प्रेम के बलबूते “ख़बर हर कीमत पर पूरी सच्चाई और निडरता के साथ” यही हमारी नीति, ध्येय और उद्देश्य है। अपने सहयोगियों की मदद से जनहित के अनेक साहसिक खुलासे ‘झाँसी टाइम्स ’ करेगा । बिना किसी भेदभाव और दुराग्रह से मुक्त होकर पोर्टल ने पाठकों में अपनी एक अलग विश्वसनीयता कायम की है।

झाँसी टाइम्स में ख़बर का अर्थ किसी तरह की सनसनी फैलाना नहीं है। हम ख़बर को ‘गति’ से पाठकों तक पहुंचाना तो चाहते हैं पर केवल ‘कवरेज’ तक सीमित नहीं रहना चाहते। यही कारण है कि पाठकों को झाँसी टाइम्स की खबरों में पड़ताल के बाद सामने आया सत्य पढ़ने को मिलता है। हम जानते हैं कि ख़बर का सीधा असर व्यक्ति और समाज पर होता है। अतः हमारी ख़बर फिर चाहे वह स्थानीय महत्व की हो या राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय महत्व की, प्रामाणिकता और विश्लेषण के बाद ही ऑनलाइन प्रकाशित होती है।

अपनी विशेषताओं और विश्वसनीयताओं की वजह से ‘झाँसी टाइम्स ’ लोगों के बीच एक अलग पहचान बना चुका है। आप सबके सहयोग से आगे इसमें इसी तरह वृद्धि होती रहेगी, इसका पूरा विश्वास भी है। ‘झाँसी टाइम्स ‘ के पास समर्पित और अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ संवाददाताओं, समालोचकों एवं सलाहकारों का एक समूह उपलब्ध है। विनोद कुमार गौतम , झाँसी टाइम्स , के प्रबंध संपादक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। जो पूरी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता का पिछले लगभग 16 वर्षों का अनुभव है। के पी सिंह, झाँसी टाइम्स के प्रधान संपादक हैं।

विश्वास है कि वरिष्ठ सलाहकारों और युवा संवाददाताओं के सहयोग से ‘झाँसी टाइम्स ‘ जो एक हिंदी वायर न्यूज़ सर्विस है वेब मीडिया के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान बनाने में कामयाब रहेगा।