जांघों के बीच की दाद-खुजली हैं परेशान तो इन घरेलू उपायों से भगाएं

By: jhansitimes.com
Feb 14 2018 02:52 pm
278

एक सामान्‍य सी बीमारी जिससे लोग आए दिन जूझते हैं, पैरों के बीच यानी जांघों के आस पास की खुजली से |  यह एक सामान्‍य सी बीमारी है जो महिलाओं को ज्यादा होती है ऐसा नहीं है कि पुरुषों को नहीं होती। गर्मियों और बारिशों में यह समस्‍या काफी अधिक होती है। लोग अकसर जननांगों और उसके आसपास के क्षेत्र की अनदेखी करते हैं, इस कारण यह समस्‍या और अधिक हो जाती है। इन क्षेत्रों में होने वाले रेशेज से खुजली हो सकती है, जो कई बार आपको असहज परिस्थिति में डाल सकती है। इसलिए आज हम आपको ऐसा आयुर्वेदिक व घरेलू इलाज़ बताने जा रहे हैं जिससे आप जांघों के बीच होने वाले दाद और खुजली से निजात पा सकते हैं।

जांघों में इंफेक्‍शन होने के कारण

 फंगल इफेक्‍शन, कास्‍मेटिक से एलर्जी, कपड़ों से एलर्जी, और अन्‍य उत्‍पादों से एलर्जी होना शरीर के इस हिस्‍से में रेशेज होने का बड़ा कारण होता है। कुछ अन्‍य लेकिन असामान्‍य कारणों में यौन संचारित रोग, और साइक्लिंग और जॉगिंग जैसी गतिविधियां भी शामिल हैं। इसके अलावा सोरायसिस, एक्जिमा और इम्‍पेटिगो जैसी त्‍वचा संबंधी बीमारियों के कारण भी रेशेज हो सकते हैं।

धनिए का पेस्‍ट 

धनिया भोजन के स्वाद और खुशबू को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पर सेहत को लाभ पहुंचाने की दृष्टि से यह और भी कई तरीकों से इस्तेमाल किया जाता है। ताज़ा हरे धनिये की पत्तियों को पीसकर पेस्ट बना लें। इसे 20 मिनट तक प्रभावित हिस्सों , त्वचा के चकत्ते में लगाकर रखें। फिर इसे ठंडे पानी से धोकर साफ कर लें।

आवंला 

वैसे तो आप जानते हैं कि आवंला खाने से बहुत सी बीमारियाँ ठीक हो जाती है, तो वहीं आवंला कि गुठली को अगर आप जलाकर पीस ले और उसमें नारियल का तेल मिलाकर खुजली पर लगाएं तो दो दिन में आपकी खुजली का नामों निशान मिट जाएगा।

टी बैग लगाएं 

पुदीने की चाय त्वचा के किसी भी हिस्से पर होने वाले रैश आदि में बहुत लाभकारी होती है। यह त्वचा में होने वाली जलन को कम करने में बेहतर रूप से काम करती है। इसके लिए पुदीने के टी बैग को पानी में भिगोकर त्वचा पर इस्तेमाल करना चाहिए।

नारियल तेल 

नारियल का तेल जितना खाने में गुणकारी है उतना ही शरीर में लगाने के लिए भी बहुत लाभकारी है। नारियल के तेल में नींबू का रस मिलाकर हल्के हाथों से मालिश करने से खुजली ठीक हो जाती है।

अजवायन 

अजवायन बहुत ही लाभकारी होता है, खुजली के लिए पानी में अजवायन को पीस लें और खुजली के ऊपर लगाएं खुजली जड़ से समाप्त हो जाएगी।

केला

 वैसे तो केला खाने में बहुत गुणकारी होता है लेकिन इसके और भी लाभ है। नींबू को केले के रस में मिलाकर खुजली वाली जगह पर लगाएं इससे खुजली ठीक हो जाती है।

खट्टा दही 

वैसे तो खट्टी दही कड़ी बनाने में काम आती है लेकिन खट्टी दही में खुजली दूर करने का गुण पाया गया है। इसे खुजली वाली जगह पर लगाएं और इस बीमारी से मुक्ति पाएं।


comments

Create Account



Log In Your Account



छोटी सी बात “झाँसी टाइम्स ” के बारे में!

झाँसी टाइम्स हिंदी में कार्यरत एक विश्व स्तरीय न्यूज़ पोर्टल है। इसे पढ़ने के लिए आप http://www.jhansitimes .com पर लॉग इन कर सकते हैं। यह पोर्टल दिसम्बर 2014 से वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की नगरी झाँसी (उत्तर प्रदेश )आरंभ किया गया है । हम अपने पाठकों के सहयोग और प्रेम के बलबूते “ख़बर हर कीमत पर पूरी सच्चाई और निडरता के साथ” यही हमारी नीति, ध्येय और उद्देश्य है। अपने सहयोगियों की मदद से जनहित के अनेक साहसिक खुलासे ‘झाँसी टाइम्स ’ करेगा । बिना किसी भेदभाव और दुराग्रह से मुक्त होकर पोर्टल ने पाठकों में अपनी एक अलग विश्वसनीयता कायम की है।

झाँसी टाइम्स में ख़बर का अर्थ किसी तरह की सनसनी फैलाना नहीं है। हम ख़बर को ‘गति’ से पाठकों तक पहुंचाना तो चाहते हैं पर केवल ‘कवरेज’ तक सीमित नहीं रहना चाहते। यही कारण है कि पाठकों को झाँसी टाइम्स की खबरों में पड़ताल के बाद सामने आया सत्य पढ़ने को मिलता है। हम जानते हैं कि ख़बर का सीधा असर व्यक्ति और समाज पर होता है। अतः हमारी ख़बर फिर चाहे वह स्थानीय महत्व की हो या राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय महत्व की, प्रामाणिकता और विश्लेषण के बाद ही ऑनलाइन प्रकाशित होती है।

अपनी विशेषताओं और विश्वसनीयताओं की वजह से ‘झाँसी टाइम्स ’ लोगों के बीच एक अलग पहचान बना चुका है। आप सबके सहयोग से आगे इसमें इसी तरह वृद्धि होती रहेगी, इसका पूरा विश्वास भी है। ‘झाँसी टाइम्स ‘ के पास समर्पित और अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ संवाददाताओं, समालोचकों एवं सलाहकारों का एक समूह उपलब्ध है। विनोद कुमार गौतम , झाँसी टाइम्स , के प्रबंध संपादक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। जो पूरी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता का पिछले लगभग 16 वर्षों का अनुभव है। के पी सिंह, झाँसी टाइम्स के प्रधान संपादक हैं।

विश्वास है कि वरिष्ठ सलाहकारों और युवा संवाददाताओं के सहयोग से ‘झाँसी टाइम्स ‘ जो एक हिंदी वायर न्यूज़ सर्विस है वेब मीडिया के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान बनाने में कामयाब रहेगा।