CM योगी के गृहनगर में शव के लिए नहीं मिली एंबुलेंस, कहा- बच्चा तो छोटा है, टेंपो में ले जाओ

By: jhansitimes.com
Aug 13 2017 10:29 am
54

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृहनगर गोरखपुर में बीआरडी कॉलेज में हुई अब हॉस्पिटल पर आरोप है कि बच्चों की मौत के बाद उनके शवों को घर तक पहुंचाने की भी उचित व्यवस्था नहीं की हुई थी।मीडिया से बात करते हुए राजेश नाम के शख्स ने बताया कि वह सिद्धार्थनगर से वहां 9 अगस्त को अपने बच्चे का इलाज करवाने के लिए आया था। राजेश के मुताबिक, उसके बच्चे की हालत बहुत खराब थी और वह बार-बार बुरी तरह कांप रहा था। जब राजेश ने हॉस्पिटल के डॉक्टरों से पूछा कि उसको क्या हुआ है तो उन्होंने कहा कि बच्चे को कुछ नहीं होगा और वह दो-चार दिन में बिल्कुल ठीक हो जाएगा। डॉक्टरों ने कहा था कि बच्चे को नियोनिया हुआ है। लेकिन आखिर में बच्चे की मौत हो गई। राजेश का आरोप है कि डॉक्टर असल में उसके बच्चे की बीमारी के बारे में ठीक से पता ही नहीं लगा पाए थे।

राजेश के मुताबिक, पहले तो हॉस्पिटल वाले उसको घर जाने ही नहीं दे रहे थे क्योंकि स्वास्थ मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह वहां आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे। राजेश ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने बच्चे के शव को घर लेकर जाने की भी कोई व्यवस्था नहीं की थी। राजेश के मुताबिक, उसने एंबुलेंस मांगी तो कहा गया कि तुम्हारा बच्चा तो छोटा है, इसको तो टेंपो में भी लेकर जा सकते हो। इसके बाद राजेश अपनी पत्नी के बाद, अपने बेटे को गोदी में कपड़े से ढंककर खड़ा रहा।

राजेश ने भी ऑक्सीजन की कमी की बात कही है। उसके मुताबिक, हॉस्पिटल में बेड और डॉक्टरों की भी कमी थी। राजेश ने कहा कि वहां एक डॉक्टर 60-60 लोगों का इलाज कर रहा था। गोरखपुर के इस अस्तपाल में पिछले पांच दिनों में 60 से अधिक बच्चों की मौतों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है।


comments

Create Account



Log In Your Account



छोटी सी बात “झाँसी टाइम्स ” के बारे में!

झाँसी टाइम्स हिंदी में कार्यरत एक विश्व स्तरीय न्यूज़ पोर्टल है। इसे पढ़ने के लिए आप http://www.jhansitimes .com पर लॉग इन कर सकते हैं। यह पोर्टल दिसम्बर 2014 से वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की नगरी झाँसी (उत्तर प्रदेश )आरंभ किया गया है । हम अपने पाठकों के सहयोग और प्रेम के बलबूते “ख़बर हर कीमत पर पूरी सच्चाई और निडरता के साथ” यही हमारी नीति, ध्येय और उद्देश्य है। अपने सहयोगियों की मदद से जनहित के अनेक साहसिक खुलासे ‘झाँसी टाइम्स ’ करेगा । बिना किसी भेदभाव और दुराग्रह से मुक्त होकर पोर्टल ने पाठकों में अपनी एक अलग विश्वसनीयता कायम की है।

झाँसी टाइम्स में ख़बर का अर्थ किसी तरह की सनसनी फैलाना नहीं है। हम ख़बर को ‘गति’ से पाठकों तक पहुंचाना तो चाहते हैं पर केवल ‘कवरेज’ तक सीमित नहीं रहना चाहते। यही कारण है कि पाठकों को झाँसी टाइम्स की खबरों में पड़ताल के बाद सामने आया सत्य पढ़ने को मिलता है। हम जानते हैं कि ख़बर का सीधा असर व्यक्ति और समाज पर होता है। अतः हमारी ख़बर फिर चाहे वह स्थानीय महत्व की हो या राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय महत्व की, प्रामाणिकता और विश्लेषण के बाद ही ऑनलाइन प्रकाशित होती है।

अपनी विशेषताओं और विश्वसनीयताओं की वजह से ‘झाँसी टाइम्स ’ लोगों के बीच एक अलग पहचान बना चुका है। आप सबके सहयोग से आगे इसमें इसी तरह वृद्धि होती रहेगी, इसका पूरा विश्वास भी है। ‘झाँसी टाइम्स ‘ के पास समर्पित और अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ संवाददाताओं, समालोचकों एवं सलाहकारों का एक समूह उपलब्ध है। विनोद कुमार गौतम , झाँसी टाइम्स , के प्रबंध संपादक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। जो पूरी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता का पिछले लगभग 16 वर्षों का अनुभव है। के पी सिंह, झाँसी टाइम्स के प्रधान संपादक हैं।

विश्वास है कि वरिष्ठ सलाहकारों और युवा संवाददाताओं के सहयोग से ‘झाँसी टाइम्स ‘ जो एक हिंदी वायर न्यूज़ सर्विस है वेब मीडिया के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान बनाने में कामयाब रहेगा।