योगीयुग में किसान कर्जा माफी के नाम पर मजाक, बहुतेरों को 10 रुपए माफी में टहलाया

By:
Sep 11 2017 09:05 pm
1106

ललितपुर से नितिन गिरि/कृष्णा और हमीरपुर नईम अख्तर की खास रिपोर्ट। किसानों के साथ यह कैसा मजाक हो रहा है उत्तर प्रदेश के बुन्देलखंड में। कुदरत ने उनकी किस्मत के साथ कम मजाक किया था जो अब भाजपा की योगी सरकार भी मजाक कर रही है। यह हम नहीं बल्कि फसली ऋण मोचन योजना के अंतर्गत कर्ज माफी के लिए बांटे गये प्रमाण पत्र कह रहे हैं। जिनमें किसानों के एक लाख रुपए की जगह 10 रुपए, 125 और 38 रुपए व 215 रुपए का कर्ज माफ किया गया है। 

मालूम हो कि कभी ओला वृष्टि तो कभी अतिवृष्टि ने बुन्देलखंड के किसानों को कुदरत की मार से उभरने नहीं दिया है। दिन प्रतिदिन उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। यहां तक की खाने के लाले पड़ गये। उन्हें वर्तमान योगी सरकार से काफी उम्मीद थी कि किसानों के कर्ज माफी के वादे को पूरा कर उन्हे लाभ पहुंचाया जायेगा। योगी सरकार ने भी अपने वादे को पूरा करने की तैयारी की। लेकिन कुछ अलग ही ढंग से।

यदि हम ललितपुर जनपद की बात करें तो यहां आज फसली ऋण मोचन योजना के अंतर्गत किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रमाण पत्र वितरित किये हैं। जिनमें प्रथम चरण में 7 हजार से अधिक किसानों को प्रमाण पत्र वितरित किये गये है। वितरित किये गये प्रमाण पत्र पर जब नजर मारी गई तो किसान दंग हो उठे। ऐसे ही एक किसान लाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उस पर बैंक का 68 हजार रुपए कर्ज है। कर्ज माफी का प्रमाण पत्र देने के लिए उसे बुलाया गया था। वह यहां आया और चिलचिलाती धूप में घंटो इंतजार किया। घंटों इंतजार के बाद जब प्रमाण पत्र मिला और उसे देखा तो उसके होश उड़ गये। क्यों कि कर्ज के नाम पर उसका केवल 125 रुपए माफ किया गया है। जबकि उस पर 68 हजार रुपए से अधिक का कर्ज है। योगी सरकार को जब उस जैसे किसानों का मजाक ही बनाना था तो फिर यहां क्यों बुलाया था। कुदरत कम थी जो यह भी मजाक करने आ गये। 

इसी प्रकार यदि हम हमीरपुर की बात करें तो यहां सबसे अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां प्रमाण प्रत्र प्राप्त कर चुकी शांति देवी से बात की गई तो उसने बताया कि उसका 10 रुपए का कर्ज माफ किया गया है। वहीं यूनिश का कहना है कि योगी सरकार ने उसका 38 रुपए कर्ज माफ किया है। साथ ही मुन्ना लाल का 215 रुपए 03 पैसे कर्जा माफ किया गया है। 

यह कहानी ललितपुर के लाल सिंह और हमीरपुर की शांति की ही अकेली नहीं है। बल्कि बुन्देलखंड समेत उत्तर प्रदेश के न जाने कितने किसानों की है। जो इस प्रकार के ऋण मुक्त प्रमाण पत्र वितरित कर योगी सरकार ने किसानों के दर्द पर मरहम लगाने का काम नहीं बल्कि किसानों की बदहाली पर नमक लगाने का काम किया है। 


comments

Create Account



Log In Your Account



छोटी सी बात “झाँसी टाइम्स ” के बारे में!

झाँसी टाइम्स हिंदी में कार्यरत एक विश्व स्तरीय न्यूज़ पोर्टल है। इसे पढ़ने के लिए आप http://www.jhansitimes .com पर लॉग इन कर सकते हैं। यह पोर्टल दिसम्बर 2014 से वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की नगरी झाँसी (उत्तर प्रदेश )आरंभ किया गया है । हम अपने पाठकों के सहयोग और प्रेम के बलबूते “ख़बर हर कीमत पर पूरी सच्चाई और निडरता के साथ” यही हमारी नीति, ध्येय और उद्देश्य है। अपने सहयोगियों की मदद से जनहित के अनेक साहसिक खुलासे ‘झाँसी टाइम्स ’ करेगा । बिना किसी भेदभाव और दुराग्रह से मुक्त होकर पोर्टल ने पाठकों में अपनी एक अलग विश्वसनीयता कायम की है।

झाँसी टाइम्स में ख़बर का अर्थ किसी तरह की सनसनी फैलाना नहीं है। हम ख़बर को ‘गति’ से पाठकों तक पहुंचाना तो चाहते हैं पर केवल ‘कवरेज’ तक सीमित नहीं रहना चाहते। यही कारण है कि पाठकों को झाँसी टाइम्स की खबरों में पड़ताल के बाद सामने आया सत्य पढ़ने को मिलता है। हम जानते हैं कि ख़बर का सीधा असर व्यक्ति और समाज पर होता है। अतः हमारी ख़बर फिर चाहे वह स्थानीय महत्व की हो या राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय महत्व की, प्रामाणिकता और विश्लेषण के बाद ही ऑनलाइन प्रकाशित होती है।

अपनी विशेषताओं और विश्वसनीयताओं की वजह से ‘झाँसी टाइम्स ’ लोगों के बीच एक अलग पहचान बना चुका है। आप सबके सहयोग से आगे इसमें इसी तरह वृद्धि होती रहेगी, इसका पूरा विश्वास भी है। ‘झाँसी टाइम्स ‘ के पास समर्पित और अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ संवाददाताओं, समालोचकों एवं सलाहकारों का एक समूह उपलब्ध है। विनोद कुमार गौतम , झाँसी टाइम्स , के प्रबंध संपादक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। जो पूरी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता का पिछले लगभग 16 वर्षों का अनुभव है। के पी सिंह, झाँसी टाइम्स के प्रधान संपादक हैं।

विश्वास है कि वरिष्ठ सलाहकारों और युवा संवाददाताओं के सहयोग से ‘झाँसी टाइम्स ‘ जो एक हिंदी वायर न्यूज़ सर्विस है वेब मीडिया के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान बनाने में कामयाब रहेगा।