अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: एक नजर में, कब और क्यों मनाया गया अधिकारों और समानता के संघर्ष का प्रत

By: jhansitimes.com
Mar 08 2017 08:37 am
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(RIPORT, धर्म विजय सिंह, विशेष संवाददाता  )झांसी। आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day) है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस प्रतिवर्ष  विश्व में और देश भर में महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए 8 मार्च को आयोजित किया जाता है। यह भी महिलाओं के अधिकारों और अंतर्राष्ट्रीय शांति के लिए  जाना जाता है। 8 मार्च को राजनीतिक, समुदाय, और व्यापार जगत के नेताओं के साथ-साथ प्रमुख शिक्षाविदों, अन्वेषकों, उद्यमियों और टेलीविजन हस्तियों सहित विभिन्न महिलाओं पर दुनिया भर में आयोजित की जाती हैं, संगोष्ठियों, सम्मेलनों का आयोजन किया जाता है। जिसमें महिला सशिक्तकरण तथा उनकी स्थिति पर मंत्रणा की जाती है।

 महिलाओं की हर क्षेत्र में भागीदारी भी चर्चा के केंद्र बिंदु रहते हैं।  स्कूलों और अन्य शैक्षिक संस्थाओं में कई छात्रों को विशेष शिक्षा, बहस या समाज में महिलाओं के महत्व, उनके प्रभाव के बारे में प्रस्तुतियों आदि पर मंत्रणा की जाती है। कुछ देशों में स्कूल के बच्चों को उनकी महिला शिक्षकों को उपहार लाने और महिलाओं दोस्तों या परिवार के सदस्यों से छोटे तोहफे प्राप्त करते हैं। कई कार्यस्थलों या दिन पर ध्यान केंद्रित कर प्रचार सामग्री सौंपने द्वारा आंतरिक समाचार पत्र या नोटिस के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के बारे में विशेष रूप से उल्लेख करते हैं।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कुछ देशों में सार्वजनिक अवकाश भी रखा जाता  है। 

 

महिला दिवस की पृष्ठभूमि

महिला दिवस प्रगति की रक्षा और हाल के दिनों में महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है। हालांकि दुनिया में कहीं नहीं महिलाओं को पुरुषों के रूप में सभी को समान अधिकार और अवसर हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार दुनिया के 1.3 अरब पूर्ण गरीब के बहुमत महिलाएं हैं। औसत पर महिलाओं को 30 और 40 प्रतिशत के बीच कम वेतन पुरुषों की तुलना में एक ही काम के लिए प्राप्त होते हैं। महिलाएं बलात्कार, घरेलू हिंसा आदि की शिकार होती हैं। 

 

पहला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 1911 में समारोह, रैलियों और बैठकों का आयोजन किया गया। जिसमें स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी जैसे देशों में एक बड़ी सफलता थी। क्योंकि यह दिन है कि प्रशिया के राजा 1848 में महिलाओं के लिए वोट में पेश करने का वादा किया था। वादा ने समानता के लिए आशा दी, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की तारीख 1913 में 8 मार्च की गई थी। संयुक्त राष्ट्र में एक अंतरराष्ट्रीय महिला वर्ष के लिए बुलावा दिया गया। 1975 में महिलाओं की चिंताओं पर दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। वहीं मैक्सिको सिटी में महिलाओं पर पहला सम्मेलन बुलाया गया। संयुक्त राष्ट्र महासभा तो 1977 में 8 मार्च महिलाओं के अधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र दिवस और इंटरनेशनल पीस के रूप में प्रचार करने के लिए दिन में मदद करने के लिए दुनिया भर में महिलाओं के खिलाफ भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से सदस्य देशों के लिए आमंत्रित किया। यह भी मदद कर महिलाओं को वैश्विक विकास में पूर्ण और समान भागीदारी हासिल करने पर जोर दिया। अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस भी 19 नवंबर को हर साल मनाया जाता है।

क्या आप जानते हैं पहली बार कब मनाया गया 

. क्या आप जानते हैं कि पहली बार यह कब मनाया गया था. यह सबसे पहली बार 1909 में मनाया गया था और इसे संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1975 से मनाना शुरू किया.  विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा और प्यार प्रकट करते हुए इस दिन को महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के उत्सव के तौर पर मनाया जाता है. यह दिन यह भी याद दिलाता है कि कैसे महिलाओं ने कई सामाजिक व अन्य बाधाओं को पार करते हुए मुकाम हासिल किए और लगातार कर रही हैं. आज की तारीख में हर क्षेत्र में महिलाएं आगे हैं लेकिन अतीत में ऐसा नहीं था. जिस प्रकार की आजादी आज हम महिलाओं को प्राप्त हुए देखते हैं, वे पहले नहीं थीं. न वे पढ़ पाती हैं न नौकरी कर पाती थीं और न ही उन्हें वोट डालने की आजादी थी.

 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत कैसे हुई, और इससे जुड़ी कुछ खास बातें आइए एक नजर में जानें :

 

1909: 28 फरवरी को पहली बार अमेरिका में यह दिन सेलिब्रेट किया गया. सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमेरिका ने न्यूयॉर्क में 1908 में गारमेंट वर्कर्स की हड़ताल को सम्मान देने के लिए इस दिन का चयन किया ताकि इस दिन महिलाएं काम के कम घंटे और बेहतर वेतनमान के लिए अपना विरोध और मांग दर्ज करवा सकें.

 

1913-14: महिला दिवस युद्ध का विरोध करने का प्रतीक बन कर उभरा. रुसी महिलाओं ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस फरवरी माह के आखिरी दिन पर मनाया और पहले विश्व युद्ध का विरोध दर्ज किया.  यूरोप में महिलाओं ने 8 मार्च को पीस ऐक्टिविस्ट्स को सपोर्ट करने के लिए रैलियां कीं.

 

1975: यूनाइटेड नेशन्स ने 8 मार्च का दिन सेलिब्रेट करना शुरू किया. 1975 वह पहला साल था जब अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया.

 

2011: अमेरिका के पूर्व प्रेजिडेंट बराक ओबामा ने मार्च को महिलाओं का ऐतिहासिक मास कहकर पुकारा. उन्होंने यह महीना पूरी तरह से महिलाओं की मेहनत, उनके सम्मान और देश के इतिहास को महत्वपूर्ण आकार प्रकार देने के लिए उनके प्रति समर्पित किया.

 

वैसे बता दें कि इस बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम है 'Be Bold for Change' यानी कि बदलाव के लिए सशक्त बनें. यह कैंपेन लोगों का आह्वान करता है कि वह बेहतर दुनिया के लिए कार्यरत हों जिसमें लिंगभेद से इतर सबको शामिल किया जाए.


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