क्या सेक्स के दौरान दो कंडोम लगाना सुरक्षित है

By: jhansitimes.com
Mar 20 2018 12:12 pm
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क्‍या आप सेक्‍स के दौरान एक्‍स्‍ट्रा प्रोटेक्‍शन के नाम पर दो कंडोम यूज में लेते हैं? चलिए पहले तो जानते है कि सेक्‍सुअल इंटरकोर्स के तहत कंडोम का यूज करना कितना जरुरी हैं। सेक्‍स के दौरान कंडोम यूज करने से न सिर्फ आप अनचाही प्रेगनेंसी से बचाव कर सकते हैं बल्कि इससे आप एसटीडी से भी खुद को और अपने पार्टनर को बचा सकते हैं। 

सस्‍ते, आसान और प्रभावी होने के वजह से कंडोम को अभी तक गर्भ निरोधक के रुप में सबसे आसान तरीका माना जाता है। वैसे सबसे ज्‍यादा लोग सेफ सेक्‍स के लिए कंडोम का ही इस्‍तेमाल करते हैं।

लेकिन अब मुद्दे पर आते है जैसे कि कई लोग एक्‍स्‍ट्रा प्रोटेक्‍शन के नाम पर सेक्‍स के दौरान एक साथ दो कंडोम यूज में लेते हैं, क्‍या आप भी दो कंडोम एक साथ पहनते हैं? आइए जानते हैं इस बारे में एक साथ दो कंडोम पहनना सही है या नहीं।

क्‍या दो कंडोम लगाना सुरक्षित हैं? 

खैर, हम आज तक सुनते है आए है कि जितना ज्‍यादा होगा उतना अच्‍छा होगा। एक से भले दो। इसका मतलब यह है कि जब भी किसी चीज पर दो लोग एक साथ काम करते हैं तो समस्‍या का हल जल्‍द ही निकल आता हैं। शायद जब बात सेफ सेक्‍स की आती हैं तो लोग इसी तर्क का अनुसरण करते होंगे। सेक्‍सुअल रिलेशन बनाते समय लोग सोचते हैं कि जितना ज्‍यादा लेटेक्‍स आपके और आपके पार्टनर के बीच होगा, उतना ज्‍यादा प्रोटेक्‍शन होगा। लेकिन फिर से सोचिए क्‍या ये सही हैं?

मेल कंडोम कैसे काम करता है? 

ये बहुत ही आराम से अपने आप काम करता हैं। कंडोम महिलाओं के वजाइना में सीमेन जाने से रोकता हैं। जब पुरुषों का लिंग उतेजित होता है तब इसे पुरुषों द्वारा पहना जाता हैं। कंडोम के शीर्ष पर थोड़ा सी जगह होती है जिसमें वीर्य या सीमेन के लिए रखा जाता हैं। कंडोम में यह जगह थोड़ी सी छोड़ी जाती है ताकि कंडोम यौन संबंध के दौरान फट ना जाएं।

दो कंडोम यूज करने का औचित्‍य

एक कंडोम को दूसरे कंडोम पर पहनकर ज्‍यादा घर्षण और तनाव बढ़ता हैं। यह घर्षण की स्थिति ज्‍यादा सुरक्षित नहीं होगी और इसकी वजह से ज्‍यादा लीकेज होगा और कंडोम फटने की ज्‍यादा सम्‍भावनाएं रहेंगी। एक साथ दो कंडोम पहनने से ये पेनिस पर ठीक तरह से फिट नहीं होगा। इसके अलावा इससे लीकेज की सम्‍भावना बढ़ेगी। कंडोम में जो जरुरी होता है कि उसकी सही साइज और फिटिंग, दो कंडोम एक साथ पहनने से फिटिंग में गड़बड़ी होगी और इसके वजह से सेक्‍स के दौरान या निकल जाएंगे और फट जाएंगे। इसकी वजह से ये योनि में भी भी फंस सकते हैं।

कई लोगों का मानना है कि कंडोम का उपयोग करने से यौन संवेदनशीलता में कमी आती हैं। 2007 में एक स्‍टडी में यह बात सामने आई कि 18 पुरुषों पर कराए गए सर्वे के अनुसार उन्‍होंने 30 दिन में कंडोम के यूज करने पर यौन संवेदनशीलता में किसी तरह की कमी नहीं देखी। ज्‍यादातर पुरुष वैसे इस बात को नहीं मानते हैं। इसलिए अगली बार इस बात का बहाना न बनाएं और कंडोम का इस्‍तेमाल करें और सुरक्षित रहें।

एक्सपायर होता है कंडोम ? 

कंडोम एक निश्चित समय के बाद खराब हो जाता है इसलिए सेक्चुअल एक्टिविटी के समय वह फट सकता है। क्योंकि लंबे समय के बाद इसका लुब्रिकेंट सूख जाता है और शुक्रनाशक प्रभाव खत्म हो जाता है जिसके कारण कंडोम का प्रभाव कम हो जाता है।

एक्‍सपायर्ड कंडोम के साथ सेक्‍स  ? 

अगर आपको सेक्‍स के दौरान या बाद में मालूम चलता है कि आपने एक्‍सपायर्ड कंडोम के साथ सेक्‍स किया है, तो देर न कीजीए जाकर यूरिन करें। फिर इसके बाद अपने जननांग धोएं। मन में अभी डर है तो इमरजेंसी कॉन्‍ट्रासेप्टिव पिल्‍स ले सकती है। (72 घंटे के अंदर)


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