31 जनवरी,सेक्‍स के लिए शुभ मूहर्त...Blue Moon की चांदनी में शारीरिक सम्बन्ध बनाने से होंगे नए बदलाव

By: jhansitimes.com
Jan 26 2018 01:26 pm
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फुल मून या चांदनी रात में सेक्‍स करना हर कपल्‍स की पसंदीदा फैंटेंसीज में से एक होता है। लेकिन इस महीनें की 31 तारीख को सेक्‍स करना आपकी सेक्‍स लाइफ में कुछ बदलाव ला सकता है। जानना चाहती है कैसे? इस 31 जनवरी को दुर्लभ पूर्ण चंद्रग्रहण होगा जिसमें इस महीने में ये दूसरी बार पूर्णिमा होगी। 

इसे Super Blue Blood Moon कहा जा रहा है। जो सदियों में एक या दो बार होता है। ज्‍योतिषीय गणना के अनुसा ये चंद्र ग्रहण आपकी सेक्‍स लाइफ को जरुर प्रभावित करेगा। ये प्रभाव दो तरह का हो सकता है प्‍यार और भय का। जानिए कैसे?

150 साल बाद होगा ये नजारा ..

 इस 31 जनवरी को 'सुपर मून', 'ब्लू मून' और चंद्र ग्रहण तीनों स्थितियां एक साथ बन रही है जिसे Super Blue Blood Moon कहा जाता है। 

यह नजारा 150 साल से ज्यादा समय बाद दिखाई देगा। और यह 2018 का पहला चंद्रग्रहण होगा। जैसे कि इस बार चंद्रग्रहण की ये दुलर्भ स्थिति बन रही है तो इसका प्रभाव बहुत सी राशियों में पड़ेगा। इस बार चंद्र का प्रभाव शनि के सामने विशेष रुप से मजबूत होगा। शनि पिछले महीनें ही मकर में स्‍थानांतारित हो चुका है। अब देखना है कि आपकी राशि में स्थित शनि की दशा पर आपके कॅरियर, रोमांस और स्‍वास्‍थय को कैसे बाधित करता है।

अगर आप किसी भय में है तो 

जब हम सेक्‍स करते हैं तो हमारी एनर्जी एक्‍सचेंज होती है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता हे कि वो सिर्फ एक केजुअल सेक्‍स है या फिर लम्‍बे समय से रिलेशनशिप में रह रहे लोगों के बीच सेक्‍स हो। जो एनर्जी सेक्‍स के दौरान पार्टनर से एक्‍सचेंज होती है, वह पॉजीटिव या नेगटिव दोनों ही हो सकती है। 

अगर डार्क एनर्जी से बाहर निकलने के लिए कोई तंत्र नहीं है जो कि शुद्धिकरण, सांप्रदायिक देखभाल और आत्म-प्रेम के कृत्यों के माध्यम से होता है, तो ये हमारे चारों तरफ ही मंडराती रहती है। जैसा कि अंधेरा,अंधेरे को आकर्षित करती है और प्रकाश, प्रकाश को। अंधकार ऊर्जा अंततः बढ़ती जाएगी, जब तक कि हम अपने आप को शुद्ध नहीं करते हैं। 

कुंडली में मौजूद शनि के प्रभाव कभी क‍भी काली शक्तियां या नेगेटिव एनर्जी हमारे आसपास घेरा डाल देती है। जिसकी वजह से हम एक तरह का भय महसूस करते हैं।

डर से बाहर निकलने की ऊर्जा मिलेगी.. 

अगर इस दिन आप अपने साथ किसी तरह का भय बेडरुम में अपने पार्टनर के साथ ले जाते है तो आप महसूस करेंगे कि पार्टनर के साथ सेक्‍स करने से आप खुद को इस दुनिया में अलग महसूस करेंगे और आप खुद में एक बदलाव लाना चाहेंगे। आपको लगेगा कि आप अगर कोई उत्‍पीड़न में है तो उस उत्‍पीड़न से बाहर निकलने के लिए विनाशकारी ऊर्जा महसूस करेंगे।

अगर आप बहुत ही ज्‍यादा प्‍यार में है तो 

सुपर ब्‍लड ब्‍लू मून के दौरान सेक्‍स करने से आप अपने पार्टनर से सेक्‍सुअली और आध्‍यत्मिक तौर पर जुड़ाव महसूस करेंगे। ये जरुरी नहीं है कि ये जुड़ाव आप एक लम्‍बे समय से चले आ रहे रिलेशनशिप में ही महसूस करेंगी। केजुअल सेक्‍स भी आपके लिए खुशियों की बौछार कर सकता है। सुपर ब्‍लड ब्‍लू मून के दौरान सेक्‍स करने से आपका प्‍यार की सच्‍ची फीलिंग्‍स को बढ़ा सकता है।

ढूंढेंगे नए विकल्‍प 

इस दिन सेक्‍स करने से किसी भी राशि के कपल्‍स के बीच इमोशनल अटैचमेंट बढ़ने लगेगी। जिन कपल्‍स के बीच दरार आ चुकी है अगर वो इस दिन शारीरिक संबंध बनाते है तो हो सकता है आप दोनों को एक नया मौका मिले। अगर आप पुराने अनुभव से सीखकर रिलेशनशिप में नए पड़ना चाहते है तो आप अपने लिए कोई नया रास्‍ता ढूंढेंगे, जिसे ढूंढने में आपकी आंतरिक प्रकाश मदद करेगा।

क्या होता है सुपरमून 

चांद और धरती के बीच की दूरी सबसे कम हो जाती है और इस समय चंद्रमा की चांदनी बहुत ही तेज होती है।। ये पिछले साल 3 दिसंबर को भी दिखाई दिया था। लेकिन इस बार नीला चांद पिछले बार की तुलना में 14 फीसदी ज्यादा बड़ा और 30 फीसदी तक ज्यादा चमकीला दिखेगा। इस महीने पूर्ण चंद्रमा दिखने की घटना हो रही है। इस कारण इसे ब्लू मून भी कहा जा रहा है।

क्या होता है ब्लू मून

 NASA के मुताबिक, ब्लू मून हर ढाई साल में एक बार नजर आता है। इसमें चंद्रमा का नीचे का हिस्सा ऊपरी हिस्से की तुलना में ज्यादा चमकीला दिखाई देता है और नीली रोशनी फेंकता है। 31 जनवरी 2018 के बाद ये 2028 और 2037 में देखने को मिलेगा।

चंद ग्रहण चंद्र ग्रहण 

तब होता है जब सूर्य, पृथ्वी एवं चंद्रमा ऐसी स्थिति में होते हैं कि कुछ समय के लिए पूरा चांद अंतरिक्ष धरती की छाया से गुजरता है। लेकिन पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरते वक्त सूर्य की लालिमा वायुमंडल में बिखर जाती है और चंद्रमा की सतह पर पड़ती है। इसे ब्लड मून भी कहा जाता है। ये तीनों एक ही रात को पड़ेगा। जिसे सुपर ब्लू ब्लड मून भी कहा जा रहा है।


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