जिओ कम्पनी के नेटवर्क ने शुरु किया रुलाना, उपभोक्ता हुए परेशान

By: jhansitimes.com
Jul 11 2019 08:44 pm
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(रिपोर्ट-देवेन्द्र चतुर्वेदी) झांसी/मऊरानीपुर। रिलाइंस कंपनी का जिओ फ़ॉर जी लॉन्च होने के बाद संचार सेवाओं से जुड़ी विभिन्न कंपनियां अपनी सर्विस दुरुस्त बनाने में जुट गई। कभी देश की नवरत्न कंपनियों में शुमार भारत संचार निगम लिमिटेड बाधाओ का पड़ाव पार करने में हांफने लगी थी। लेकिन कुछ दिनों से रिलायंस कंपनी के अधिकारियों के मनमाने रवैया की वजह से जिओ की संचार व्यवस्थाएं ध्वस्त होती जा रही है। जिसकी वजह से नगर एव क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को लगातार परेशानियों में जबरदस्त नाराजगी देखने को मिल रही है। अभी बहुत समय नही बीता जब जिओ की संचार सेवाओ का कोई मुकावला नही था। 
नगर हो या ग्रामीण क्षेत्र हर स्थान पर जिओ की मौजूदगी कंपनी अग्रणी साबित होने को पर्याप्त थी। धीरे-धीरे संचार सेवाओ के क्षेत्र में अन्य निजी कंपनियों ने अपनी अपनी सेवाओं को उपभोक्ताओं की मांग अनुसार तैयार किया ओर पूर्ण रूप से सिंगल के साथ निर्वाध बातचीत लोगो को अपनी ओर आकर्षित करने लगी और अब सभी संसाधन स्पर्धा के लिए जिओ कंपनी स्वयं को तैयार नही कर पा रही है और धीरे धीरे अब इसके वजूद पर ही संकट मंडराने लगे है।क्योंकि मौजूदा समय मे जहा रिलायंस कंपनी फ़ॉर जी ने संचार सेवाओ से जुड़ी कंपनियों को चुनोती दी थी। लेकिन वह फ़ॉर जी कंपनी अब अपनी सेवाओ को निर्वाध नही बना पा रही।

आये दिन गड़बड़ियों की वजह से मोबाइल के सिंग्नल चले जाना आम बात हो गई। कभी कभी तो ऐसा होता है कि सिग्नल चले जाते है तो बातचीत का सिलसिला कई घण्टे के लिए बंद हो जाता है ओर जिओ कंपनी से जुड़े हजारो उपभोक्ताओं को समस्या का सामना करना पड़ता है ओर आवश्यक कार्य होने पर भी उपभोक्ताओं से किसी से बात चीत नही कर पाते और उन्हें दूसरे नेटवर्क का सहारा लेना पड़ता है। वही एक सिम जिओ का उपयोग करने वाले लोग देश व दुनिया से कट जाते है। इसकी वजह यह है कि नगर में रिलायंस के टावरों की कमी होना बताया जा रहा है।साथ ही लोगो का यह भी कहना है कि कंपनी के अधिकारी टॉवर लगाने वाले स्थान के मालिक से सुविधा शुल्क की मांग करते है ओर नगर में जो टावर लगे है उनकी देखभाल भी सही ढंग से नही करते है।जिसकी वजह से वाधा उतपन्न होती है।नगर एव क्षेत्र के जिओ उपभोक्ताओं ने रिलायंस कंपनी के उच्चाधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए नगर में टॉवरो की संख्या बढ़ाये जाने की मांग की जिससे संचार व्यवस्था सही रूप से चल सके।
 


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