JNU छात्रसंघ चुनाव: सभी चार सीटों पर लेफ्ट का कब्जा, सैनिक की बेटी गीता बनीं अध्यक्ष, देखें पूरा रिजल

By: jhansitimes.com
Sep 10 2017 09:42 am
220

नई दिल्ली: रविवार की सुबह लगभग 2 बजे जवाहरलाल नेहरू यूनिवसिर्टी (JNU) छात्रसंघ चुनाव के परिणाम में लेफ्ट यूनिटी के तरफ से आइसा की गीता कुमारी अध्यक्ष पद पर जीती हैं. गीता कुमारी हरियाणा की रहने वाली हैं. उनकी जीत पर उनके परिवार के लोग भी खुशियां मना रहे हैं. पढ़ने में मेधावी गीता इतिहास से एमफिल कर रही हैं. जीत के बाद गीता कुमारी ने कहा, 'मैं इस जश्न के मौके का श्रेय जेएनयू के उन छात्रों को देती हूं जो मानते हैं कि यह इस जैसी लोकतांत्रिक जगह को बचाए रखने की जरूरत है. मैंने प्रचार में जेएनयू की सीटों में कटौती, नजीब की गुमशुदगी, नए हॉस्टल और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाया था. शुक्रवार को हुए मतदान में कुल 4620 स्टूडेंट ने वोट डाला था.

गीता को कुल 1506 वोट मिले जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी एबीवीपी की निधि त्रिपाठी को 1042 मत मिले. बापसा की शबाना अली तीसरे नंबर पर रहीं और उन्हें कुल 935 वोट मिले. निर्दलीय फारूक आश्चर्यजनक रूप से 419 वोट पाकर चौथे और अपराजिता राजा 416 वोट पाकर पांचवें नंबर पर रहीं.

उपाध्यक्ष पद पर लेफ्ट यूनिटी के तरफ से आइसा की सिमोन जोया खान चुनी गईं. उन्हें कुल 1876 वोट मिले जबकि एबीवीपी के दुर्गेश कुमार को कुल 1028 वोट मिले. बापसा के उम्मीदवार सुबोध कुमार 910 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे.

जनरल सेक्रेटरी पद पर लेफ्ट यूनिटी के तरफ से दुग्गीराला श्रीकृष्णा चुने गए. इन्हें कुल 2082 मत मिले जबकि इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी एबीवीपी के निकुंज मकवाना को कुल 975 वोट मिले. बापसा के करम बिद्यानाथ खुमान को 854 वोट मिले.

जॉइंट सेक्रेटरी पद पर लेफ्ट यूनिटी के तरफ से डीएसएफ के शुभांशु सिंह कुल 1755 वोट मिले और एबीवीपी के पंकज केशरी को 930 वोट जबकि बापसा के विनोद कुमार को 860 वोट मिले.

शनिवार देर रात आए चुनाव परिणाम के बाद पूरा जेएनयू कैंपस नारों से गूंज उठा. ढोल नगाड़ों के बीच विजयी दलों के छात्र झूमते गाते हुए दिखे. सेंट्रल पैनल की चारों सीट पर लेफ्ट यूनिटी ने कब्जा किया. लेफ्ट यूनिटी की ओर से गीता कुमारी के अलावा सिमोन जोया खान ने उपाध्यक्ष, दुग्गिराला श्रीकृष्ण ने महासचिव तो शुभांशु सिंह ने संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की.

एनयूएसयू चुनाव समिति के अनुसार कुल 7,903 मतदाताओं में से 4,639 ने वोट डाला और इस तरह 58.69 प्रतिशत मतदान हुआ. पिछले वर्ष 59.60 प्रतिशत मतदान हुआ था. छात्र संघ के अध्यक्ष पद के लिए सात उम्मीदवार चुनावी मैदान थे. गौर करने वाली बात यह है कि पिछले चुनाव में भी अध्यक्ष सीट पर आइसा का कब्जा था. इस बार भी अध्यक्ष पद पर विजयी हुईं गीता आइसा की ही हैं.

गीता कुमारी पानीपत, हरियाणा की रहने वाली है.उन्होंने जेएनयू से फ्रेंच में बीए फिर आधुनिक इतिहास में एमए किया है. फिलहाल वो आधुनिक इतिहास में एमफिल के दूसरे साल में हैं.

उनके पिता सेना के आर्डिनेंस विभाग में जेसीओ हैं. जीतने के बाद फर्स्टपोस्ट से अपनी बातचीत में गीता ने कहा कि वो सोसाइटी को बेहतर करने के लिए छात्र राजनीति और आइसा से जुड़ी हैं. उनका कहना है कि वो देश में युवाओं के विकास के लिए पॉलिसी लेवल पर बदलाव चाहती हैं.

उन्होंने बताया कि शुरू-शुरू में माता-पिता उनके राजनीति करने का विरोध किया करते थे लेकिन अब उनके माता-पिता को उनका राजनीति करना पसंद है. गीता ने बताया कि उनके माता-पिता उनकी जीत से खुश हैं.

गीता ने बताया कि 9 फरवरी को जेएनयू में हुई घटना के बाद उनके माता-पिता जेएनयू के पक्ष में खड़े थे. हालांकि वे गीता को संभलकर रहने की सलाह भी देते हैं.

गीता का कहना है कि उनके छात्र संघ का पहला काम यूजीसी द्वारा जेएनयू में की गई सीट कट के खिलाफ लड़ना है. उन्होंने कहा कि उनका छात्रसंघ गायब छात्र नजीब को न्याय दिलवाने के लिए लड़ाई लड़ेगी.

जेएनयू छात्रसंघ की नई उपाध्यक्ष सिमोन जोया खान मूलतः यूपी के बांदा की हैं और असम के नुमालीगढ़ में पली-बढ़ी हैं. सिमोन का कहना है कि आज वो जो भी हैं वह अपनी मां निशात खान की वजह से हैं. सिमोन का कहना है कि उनकी मां ने कभी उन्हें किसी काम को करने से नहीं रोका बल्कि उनका सपोर्ट ही किया है. उनकी मां असम में गर्ल्स हॉस्टल की वार्डेन हैं.

सिमोन जेएनयू के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में इंडो-पैसिफिक सेंटर में पीएचडी द्वितीय वर्ष की स्टूडेंट हैं. सिमोन का कहना है कि वो वामपंथ की राजनीति से इत्तेफाक रखती हैं.

सिमोन का कहना है सीट कट और नजीब के मुद्दे के साथ-साथ वो हॉस्टल एलोटमेंट में हो रही देरी के खिलाफ आवाज उठाएंगी.

लेफ्ट यूनिटी के तरफ से जनरल सेक्रेटरी पद के लिए चुने गए एसएफआई के दुग्गीराला श्रीकृष्णा आंध्र प्रदेश के प्रकाशम् जिले के रहने वाले हैं. दुग्गीराला के पिता एक छोटे किसान हैं. पैसों की तंगी की वजह से दुग्गीराला ने कई बार पार्ट टाइम नौकरी की है. वे रेलवे से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक छोटे-मोटे काम कर चुके हैं.

दुग्गीराला का कहना है कि नजीब और सीट कट के साथ-साथ वे छात्रों को होने वाली रोजाना परेशानी को दूर करने का भी काम करेंगे.

दुग्गीराला स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के इनर एशिया सेंटर में पीएचडी प्रथम वर्ष के छात्र हैं.

लेफ्ट यूनिटी के तरफ से जॉइंट सेक्रेटरी पद के लिए चुने गए शुभांशु सिंह डीएसएफ से जुड़े हैं. वे सेंटर फॉर पॉलिटिकल स्टडीज में पीएचडी दूसरे वर्ष के छात्र हैं. शुभांशु आगरा के रहने वाले हैं.उनके पिता सरकारी नौकरी में हैं. शुभांशु का कहना है कि उनके घर वालों ने राजनीति में आने का विरोध नहीं किया. उनके घर वाले उनसे राजनीतिक रूप से सहमत नहीं हैं लेकिन शुभांशु की जीत से काफी खुश हैं.

शुभांशु का कहना है कि छात्रसंघ में रहते हुए उनका मुख्य उद्देश्य कैंपस में सामाजिक न्याय की लड़ाई को तेज करना है. उन्होंने कहा कि वो जेएनयू के पॉलिटिकल कल्चर पर हो रहे हमले के खिलाफ लड़ाई को तेज करेंगे.


comments

Create Account



Log In Your Account



छोटी सी बात “झाँसी टाइम्स ” के बारे में!

झाँसी टाइम्स हिंदी में कार्यरत एक विश्व स्तरीय न्यूज़ पोर्टल है। इसे पढ़ने के लिए आप http://www.jhansitimes .com पर लॉग इन कर सकते हैं। यह पोर्टल दिसम्बर 2014 से वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की नगरी झाँसी (उत्तर प्रदेश )आरंभ किया गया है । हम अपने पाठकों के सहयोग और प्रेम के बलबूते “ख़बर हर कीमत पर पूरी सच्चाई और निडरता के साथ” यही हमारी नीति, ध्येय और उद्देश्य है। अपने सहयोगियों की मदद से जनहित के अनेक साहसिक खुलासे ‘झाँसी टाइम्स ’ करेगा । बिना किसी भेदभाव और दुराग्रह से मुक्त होकर पोर्टल ने पाठकों में अपनी एक अलग विश्वसनीयता कायम की है।

झाँसी टाइम्स में ख़बर का अर्थ किसी तरह की सनसनी फैलाना नहीं है। हम ख़बर को ‘गति’ से पाठकों तक पहुंचाना तो चाहते हैं पर केवल ‘कवरेज’ तक सीमित नहीं रहना चाहते। यही कारण है कि पाठकों को झाँसी टाइम्स की खबरों में पड़ताल के बाद सामने आया सत्य पढ़ने को मिलता है। हम जानते हैं कि ख़बर का सीधा असर व्यक्ति और समाज पर होता है। अतः हमारी ख़बर फिर चाहे वह स्थानीय महत्व की हो या राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय महत्व की, प्रामाणिकता और विश्लेषण के बाद ही ऑनलाइन प्रकाशित होती है।

अपनी विशेषताओं और विश्वसनीयताओं की वजह से ‘झाँसी टाइम्स ’ लोगों के बीच एक अलग पहचान बना चुका है। आप सबके सहयोग से आगे इसमें इसी तरह वृद्धि होती रहेगी, इसका पूरा विश्वास भी है। ‘झाँसी टाइम्स ‘ के पास समर्पित और अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ संवाददाताओं, समालोचकों एवं सलाहकारों का एक समूह उपलब्ध है। विनोद कुमार गौतम , झाँसी टाइम्स , के प्रबंध संपादक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। जो पूरी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता का पिछले लगभग 16 वर्षों का अनुभव है। के पी सिंह, झाँसी टाइम्स के प्रधान संपादक हैं।

विश्वास है कि वरिष्ठ सलाहकारों और युवा संवाददाताओं के सहयोग से ‘झाँसी टाइम्स ‘ जो एक हिंदी वायर न्यूज़ सर्विस है वेब मीडिया के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान बनाने में कामयाब रहेगा।