अभी जानें...कब दिखेगा करवा चौथ का आपके शहर में चांद, तिथि एवं पूजा का शुभ मुहूर्त

By: jhansitimes.com
Oct 08 2017 08:50 am
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कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाने वाला उत्तर भारत का विशेष पारंपरिक व्रत पर्व करवा चौथ आज 8 अक्टूबर को मनाया जाएगा| इस दिन महिलाएं पति की लम्बी उम्र की कामना के लिए पूरे दिन उपवास रखेंगी और शाम को पूजन करने के बाद चांद और पति को छलनी में से देखने के बाद जल ग्रहण करेंगी. यह पर्व चांद के दर्शन से जुड़ा है और चंद्रमा का उदय रात आठ बजे के बाद होगा. आपके शहर में चांद कब दिखाई देगा यह आप यहां जान सकते हैं|     

सुहागिन स्त्रियां अपने पति के लिए और कुंआरी लड़कियां अच्छे वर की चाहत में इस दिन निर्जला उपवास रखती हैं और चंद्रमा को अर्ध्य देकर अपना व्रत खोलती हैं।

आइए जानते है करवचौथ पूजा मुहूर्त

दिन-रविवार

तारीख-8 अक्टूबर

करवा चौथ पूजा मुहूर्त- 17:55 से 19:09

चंद्रोदय- 20:14

चतुर्थी तिथि आरंभ- 16:58 (8 अक्टूबर)

चतुर्थी तिथि समाप्त- 14:16 (9 अक्टूबर)

उत्तर भारत में गाजियाबाद में चंद्रमा के दर्शन रात 8.30 बजे किए जा सकेंगे. लखनऊ में 8.35 बजे, देहरादून में 8.32 बजे, आगरा में 8.35 बजे और चंडीगढ़ में 8.42 बजे चांद देखा जा सकेगा.

भोपाल में रात 8 बजकर 34 मिनट पर चांद दिखाई देगा. अहमदाबाद में 8.45 बजे, मुंबई में 8.35 बजे और पुणे में 8.30 बजे चांद के दर्शन करके महिलाएं व्रत समाप्त कर सकेंगी.

उधर पूर्वोत्तर में गुवाहाटी के आसमान में रात 8.40 बजे चांद आएगा. कोलकाता में 8.35 बजे और पटना में 8 बजकर 30 मिनट पर चंद्रमा के दीदर किए जा सकेंगे. दक्षिण भारत में चेन्नई में रात 8.30 बजे और बेंगलुरु में भी 8.30 बजे चंद्रमा के दर्शन हो सकेंगे.     

करवा चौथ पर पूजन के लिए शाम 5.55 बजे से 7 बजकर 9 मिनट तक पूजन करने का मुहूर्त है. इस पूजन के बाद चंद्रमा के उदित होने पर व्रत समाप्त होगा.

कहा जाता है कि कि ये व्रत करने से सुहागिनों के पति की आयु लंबी होती है, उन्हें सुख-समृद्दि भी मिलती है । इस व्रत को करने वाली स्त्री को अखंड सौभाग्य होने का गौरव मिलता है।

करवाचौथ क्यों है चमत्कारी?

वैसे इस व्रत के चमत्कारी होने के पीछे एक कहानी कही जाती है कि जब पांडव वनवास कर रहे थे तो भगवान श्री कृष्ण ने अपनी सखी द्रौपदी को इस दिव्य व्रत के बारे बताया था, जिसे करने के बाद ही द्रौपदी को अखंड सौभाग्यवती होने का वरदान मिला था।


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