आइए जानते हैं हॉकी में भारत के गौरवमय इतिहास के बारे में....

By: jhansitimes.com
Jul 01 2016 08:33 am
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भारत में हॉकी को राष्ट्रीय खेल माना जाता है, और मानें भी क्यों नहीं, जब हमारे देश में इस खेल का स्वर्णिम इतिहास रहा हो। जी हां, हमारे देश में हॉकी का 1928 से 1956 तक स्वर्णिम काल रहा है। इस काल में ही हॉकी जादूगर नाम से प्रसिद्ध मेजर ध्यान चंद ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इस काल में ही हमारी टीम ने लगातार छह बार ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता।

आइए जानते हैं हॉकी में अपने देश के गौरवमय इतिहास के बारें में..... 

--भारतीय हॉकी पुरुष टीम 1928 में अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की पहली गैर यूरोपीय सदस्य टीम बनी। 1928 में, टीम ने अपना पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता और 1956 तक ओलंपिक में भारतीय पुरुष टीम अजेय रही, उसने लगातार छह स्वर्ण पदक जीते। 

--भारतीय हॉकी टीम ने अब तक आठ ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते है। अभी तक यह कारनामा सभी हॉकी खेलने वाले देशों में से किसी भी देश की राष्ट्रीय टीम नहीं कर पाई है। 

--भारत ने ओलंपिक में कुल 11 पदक जीते हैं, जिनमे 8 स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। 

--ओलंपिक खेलों में वर्ष 1928 से वर्ष 1956 तक लगातार छह स्वर्ण पदक जीतने के बाद भारतीय टीम ने दो स्वर्ण वर्ष 1964 और वर्ष 1980 के ओलंपिक में जीते। 

--इसके अलावा एशियाई खेलों में भारत ने तीन स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। 

ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम का सफर- 

-स्वर्ण 1928 एम्स्टर्डैम

-नीदरलैंड्स स्वर्ण 1932 लॉस एंजिलिस

-संयुक्त राज्य अमेरिका स्वर्ण 1936 बर्लिन

-जर्मनी स्वर्ण 1948 लंदन

-यूनाइटेड किंगडम स्वर्ण 1952 हेलसिंकी

-फिनलैंड स्वर्ण 1956 मेलबर्न

-ऑस्ट्रेलिया रजत 1960 रोम

-इटली स्वर्ण 1964 टोक्यो

-जापान कांस्य 1968 मेक्सिको सिटी

-मेक्सिको कांस्य 1972 म्यूनिख

-जर्मनी स्वर्ण 1980 मॉस्को

--एशियाई खेलों में भी तीन स्वर्ण एशियाई खेलों में भारतीय टीम ने तीन बार स्वर्ण पदक जीता है। पहला स्वर्ण पदक 1966 के बैंकाक (थाईलैंड) एशियाड में भारत ने पाकिस्तान को 1-0 से हरा कर जीता था । 

--दूसरा स्वर्ण पदक 1998 में बैंकाक में हुए एशियाई खेलों में धनराज पिल्ले की अगुवाई में स्वर्ण जीता था । 

--तीसरा स्वर्ण पदक दक्षिण कोरिया के इंचियोन में हुए एशियाई खेल 2014 में पाकिस्तान को पेनल्टी शूट आउट में हराकर जीता ।


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