आईये जानते हैं, पूर्वजों के गर्भनिरोधक उपाय

By: jhansitimes.com
Mar 04 2017 09:57 am
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दोस्तों जरा सोचिए कि हमारे पूर्वजों ने कितनी परेशानियों का सामना किया होगा। खैर जो भी हो वक्त के साथ अब हर एक चीज बदल चुका है।  साइंस ने इतनी तरक्की कर ली है कि आज हमें इन सब चीजों के बारे में सोचने की कोई आवश्यकता हीं नहीं पड़ती। हमारे पूर्वजों ने इस वैज्ञानिक दौर के शुरुआत से पहले हीं हर मर्ज की दवा ढूंढ निकाली थी। 

तभी तो उनके बनाए हर नियमों के पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों हीं कारण निश्चित तौर पर निहित होते हैं. लेकिन आज हम पूर्वजों के बनाए नियमों की बात नहीं करेंगे बल्कि हम देखेंगे पूर्वजों के गर्भनिरोध तरीके -आखिर हमारे पूर्वज गर्भ निरोध के लिए किन तरीकों को अपनाया करते थे। 

 

आईये जानते हैं,पूर्वजों के गर्भनिरोध तरीके –

1. टैंपॉन

आज के समय में महिलाएं जिस टैंपॉन का इस्तेमाल पीरियड्स के दौरान करती हैं, उसी टैंपॉन को इजिप्ट में गर्व निरोधक के रूप में इस्तेमाल किया जाता था. इजिप्ट के लोग मानते थे कि टैंपॉन को प्राकृतिक जूसों जैसे नींबू इत्यादि में डुबोकर उपयोग करने से स्पर्म का असर नहीं होता और वह खत्म हो जाता है.

 2. जंगली गाजर

चौथी सदी में यहां तक कि तीसरी सदी में भी जंगली गाजर की पैदावार काफी ज्यादा मात्रा में हुआ करती थी. और इस जंगली गाजर को हमारे पूर्वज सेक्स करने के बाद खाते थे. कहा जाता था कि ये गाजर गर्भ निरोधक का काम करता था. लेकिन उनका ये तरीका पूरी तरह विश्वसनीय नहीं था. इसलिए बाद में इसका उपयोग बंद कर दिया गया.

3. भेड़िये का मूत्र

हमारे पूर्वजों के द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली ये प्रथा बहुत हीं अजीबो-गरीब थी. मध्य युग के समय में शारीरिक संबंध बनाने के बाद महिलाएं उस जगह पर पेशाब करती थी जहां किसी मादा भेड़िये के द्वारा पेशाब किया गया हो. ऐसी मान्यता थी कि ऐसा करने से गर्भधारण का खतरा टल जाता है.

4. जानवरों की थैली

कई तथ्यों के आधार पर इस बात का खुलासा होता है कि कंडोम का इस्तेमाल हजारों वर्षों से होता चला आया है. लेकिन लेटेस्ट कंडोम्स के आविष्कार होने से पहले रोमन और ग्रीक लोग जानवरों की अंतड़ियों से बने कंडोम का इस्तेमाल किया करते थे. ये कंडोम यौन संक्रमण रोगों को होने से बचाने में लाभदायक था. और साथ हीं गर्भ धारण के खतरे को भी टाल देता था.

5. विनेगर और स्पंज

हिब्रू संस्कृति में ये प्रथा काफी प्रचलन में थी. इसमें स्पंज को विनेगर के घोल में डुबोकर स्त्री की योनि में प्रविष्ट कराया जाता था. माना जाता था कि ऐसा करने से गर्भधारण का खतरा टल जाता है. विनेगर में जो रासायनिक तत्व मौजूद होते हैं, वो स्पर्म का असर खत्म कर देता है.

6. शहद

शहद का प्रयोग प्राचीन इजिप्ट में किया जाता था. इसमें शारीरिक संबंध बनाने से पहले शहद के घोल को गर्भाशय पर लगा दिया जाता था. कहते हैं इससे स्पर्म के लिए एक बाधा बन जाता था और गर्भधारण नहीं होता. दोस्तों बता दें कि आज भी ये तरीका अपनाया जाता है. इसे ‘हनी कैप’ कहा जाता है.

7. ऑलिव ऑयल

ऑलिव ऑयल और देवदार के तेल को मिलाकर महिलाएं शारीरिक संबंध बनाने के बाद इससे नहाया करतीं थीं. मान्यता है कि इससे पुरुष का स्पर्म धुल जाएगा. यह प्रथा ग्रीस में काफी चलन में थी.

8. जहरीली मरक्युरी

ये खतरनाक और डरावना तरीका अपनाया जाता था चाइना में. महिलाओं को खाली पेट तेल और मरक्यूरी का घोल पीने को दिया जाता था. दोस्तों मरक्यूरी शरीर के लिए जहर का काम करती है. इसके अधिक सेवन से इनफर्टिलिटी की समस्या हो जाती है.

9. जादुई थूक और चांदनी

ग्रीनलैंड के मूल निवासियों का एक समय में मानना था कि चांद के कारण महिलाएं गर्भवती होती हैं. इसलिए महिलाएं चांद की तरफ पीठ करके हीं सोया करती थीं. और सोने से पहले वो अपनी नाभि पर थूक लगा लेती थीं. जिससे चंद्रमा उन्हें नींद में प्रेग्नेंट ना बना दें.

10. लाइजॉल

1900 में लाइजॉल कीटाणु नाशक के द्वारा एक विज्ञापन निकाला गया था. जिसमें उन्होंने महिलाओं को गर्भ निरोध के लिए लाइजॉन उपयोग करने की हिदायत दी. लेकिन इसके इस्तेमाल से महिलाओं को सूजन और जलन की शिकायतें होने लगीं. 1911 में 193 महिलाएं पॉइजनिंग से ग्रसित हो गईं थीं. और इनमें से 5 की मृत्यु हो गई थी.


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