लोकसभा 2019: बीजेपी के सौ सांसदों के टिकट पर खतरा, यूपी के सांसदों का रिपोर्ट कार्ड सबसे खराब

By: jhansitimes.com
Jun 25 2018 09:09 am
936

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भाजपा के लगभग सौ सांसदों पर टिकट कटने का खतरा मंडरा रहा है। इनमें डेढ़ दर्जन केंद्रीय मंत्री भी शामिल हैं। पार्टी के विभिन्न राज्यों के संगठन मंत्रियों ने अपने अपने राज्यों के आकलन में सांसदों के कामकाज और जनता में लोकप्रियता की कसौटी पर आंकड़ा तैयार किया है। इन सभी को स्थिति बेहतर करने के लिए छह माह का समय दिया जाएगा, साथ ही वैकल्पिक उम्मीदवार की तलाश भी की जाएगी। 

केंद्र सरकार के चार साल पूरा होते ही भाजपा में हर लोकसभा सीट की समीक्षा व तैयारी का काम शुरू कर दिया गया है। संघ व संगठन के फीडबैक, निजी एजेंसियों के सर्वे और नमो एप से हर क्षेत्र व हर सांसद की जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार हाल में सूरजकुंड में भाजपा के देश भर के सभी राज्यों के संगठन मंत्रियों की बैठक में अनौपचारिक विचार विमर्श में भाजपा के 104 लोकसभा सांसदों की स्थिति को कमजोर माना गया है। सांसद के कामकाज व जनता की राय को इसमें प्रमुख आधार माना गया है। 

सूत्रों के अनुसार इसमें उत्तर प्रदेश से आने वाले चार केंद्रीय मंत्रियों समेत 19 सांसद शामिल है। इसके बाद राजस्थान का नंबर आता है। बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात व कर्नाटक में सांसदों के प्रति भी नाराजगी सामने आई है। यूपी और बिहार में अभी विपक्षी गठबंधन को लेकर विचार नहीं किया गया है। अभी केवल सांसद की स्थिति पर ही राय तैयार की गई है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी नमो एप पर सांसदों के कामकाज पर जनता से सीधे प्रतिक्रिया ले रहे हैं। जनता से सांसदों के कामकाज के साथ उसकी लोकप्रियता, क्षेत्र का सबसे लोकप्रिय नेता की जानकारी जुटाई जा रही है।  इसका आंकलन संसद के मानसून सत्र के पहले किया जाएगा। सत्र के दौरान संसदीय दल की बैठक में और अलग से मुलाकात कर भी प्रधानमंत्री सांसदों को उनकी स्थिति से अवगत करा देंगे। 

जनवरी में तय होंगे उम्मीदवार

पार्टी के एक प्रमुख नेता ने कहा है कि जिन सांसदों का रिपोर्ट कार्ड खराब है, उनको छह महीने का आखिरी समय दिया जाएगा। इस दौरान उस क्षेत्र में वैकल्पिक उम्मीदवार का नाम भी तय किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार पार्टी जनवरी में हर क्षेत्र के लिए उम्मीदवार तय कर लेगी। इस बीच दो सर्वे कराए जाएंगे। आखिरी सर्वे चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद किया जाएगा।


comments

Create Account



Log In Your Account



छोटी सी बात “झाँसी टाइम्स ” के बारे में!

झाँसी टाइम्स हिंदी में कार्यरत एक विश्व स्तरीय न्यूज़ पोर्टल है। इसे पढ़ने के लिए आप http://www.jhansitimes .com पर लॉग इन कर सकते हैं। यह पोर्टल दिसम्बर 2014 से वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की नगरी झाँसी (उत्तर प्रदेश )आरंभ किया गया है । हम अपने पाठकों के सहयोग और प्रेम के बलबूते “ख़बर हर कीमत पर पूरी सच्चाई और निडरता के साथ” यही हमारी नीति, ध्येय और उद्देश्य है। अपने सहयोगियों की मदद से जनहित के अनेक साहसिक खुलासे ‘झाँसी टाइम्स ’ करेगा । बिना किसी भेदभाव और दुराग्रह से मुक्त होकर पोर्टल ने पाठकों में अपनी एक अलग विश्वसनीयता कायम की है।

झाँसी टाइम्स में ख़बर का अर्थ किसी तरह की सनसनी फैलाना नहीं है। हम ख़बर को ‘गति’ से पाठकों तक पहुंचाना तो चाहते हैं पर केवल ‘कवरेज’ तक सीमित नहीं रहना चाहते। यही कारण है कि पाठकों को झाँसी टाइम्स की खबरों में पड़ताल के बाद सामने आया सत्य पढ़ने को मिलता है। हम जानते हैं कि ख़बर का सीधा असर व्यक्ति और समाज पर होता है। अतः हमारी ख़बर फिर चाहे वह स्थानीय महत्व की हो या राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय महत्व की, प्रामाणिकता और विश्लेषण के बाद ही ऑनलाइन प्रकाशित होती है।

अपनी विशेषताओं और विश्वसनीयताओं की वजह से ‘झाँसी टाइम्स ’ लोगों के बीच एक अलग पहचान बना चुका है। आप सबके सहयोग से आगे इसमें इसी तरह वृद्धि होती रहेगी, इसका पूरा विश्वास भी है। ‘झाँसी टाइम्स ‘ के पास समर्पित और अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ संवाददाताओं, समालोचकों एवं सलाहकारों का एक समूह उपलब्ध है। विनोद कुमार गौतम , झाँसी टाइम्स , के प्रबंध संपादक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। जो पूरी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता का पिछले लगभग 16 वर्षों का अनुभव है। के पी सिंह, झाँसी टाइम्स के प्रधान संपादक हैं।

विश्वास है कि वरिष्ठ सलाहकारों और युवा संवाददाताओं के सहयोग से ‘झाँसी टाइम्स ‘ जो एक हिंदी वायर न्यूज़ सर्विस है वेब मीडिया के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान बनाने में कामयाब रहेगा।