Lok Sabha Election 2019: सट्टा बाजार की है खतरनाक भविष्यवाणी, पढ़ लीजिये

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May 08 2019 07:36 pm
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भारत में 17वीं लोकसभा के गठन के लिए सात चरणों में चुनाव के बाद 23 मई को नतीजे जारी होंगे। किसकी सरकार बनेगी और कौन विपक्ष में बैठेगा, ये जनता तय करेगी और नतीजा 23 की शाम तक साफ हो जाएगा। लेकिन सट्टा बाजार में नतीजे को लेकर संभावनाएं लगनी शुरू हो गई है। जाहिर सी बात है, ये सट्टा बाजार है तो यहां पैसे भी दांव पर लगेंगे। अब तक 12 हजार करोड़ रुपये दांव पर लग चुके हैं।
इस चुनाव में दो प्रमुख गठबंधनों एनडीए और यूपीए के बीच राष्ट्रवाद, राफेल, बोफोर्स, न्याय, 15 लाख रुपये, रोजगार जैसे मुद्दे को लेकर लंबे समय तक आरोप प्रत्यारोप का दौर चला। लेकिन सट्टेबाजों को यह विश्वास नहीं है कि इन दोनों बड़े गठबंधनों में से किसी को सरकार बनाने के लिए पूर्ण बहुमत मिलेगा। सट्टेबाजों का अनुमान है कि महागठबंधन काफी संख्या में सीटें जीत सकता है और चुनाव बाद बड़े पैमाने पर हॉर्स-ट्रेंडिंग हो सकती है। साथ ही त्रिशंकु संसद की भी संभावना है।
 सट्टा बाजार का मानना है कि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए किसी तरह जोड़-तोड़ कर फिर से सरकार बना सकती है। एनडीए सरकार के पक्ष में भाव 11 रुपये है तथा कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के पक्ष में 33 रुपये। सट्टेबाजों को लगता है कि एनडीए को 185 से 220 के बीच सीट मिल सकती है। वहीं, यूपीए 160 से 180 सीटों के बीच सिमट सकती है। सटोरियों के अनुसार, वर्तमान में एनडीए की रेट 2 रुपये है, जबकि कांग्रेस को 1.5 रुपये की रेट मिल रही है। सट्टेबाजों की मानें को भगवा पार्टी को सर्जिकल स्ट्राइक का पूरा फायदा मिलता नहीं दिख रहा है। बता दें कि चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचना जारी करने से पहले सट्टेबाजों ने भाजपा को 250 सीट मिलने की संभावना जताई थी।
सट्टा बाजार में वर्तमान में चल रहे ट्रेंड के अनुसार, एनडीए और यूपीए की तुलना में तीसरे फ्रंट ‘महागठबंधन’ को 225 से 250 सीट मिल सकता है। सूरत, मुंबई, कोलकाता और दिल्ली जैसे शहरों के सटोरियों का अनुमान है कि महागठबंधन को निर्णायक सीट मिल सकती है और यह दो प्रमुख विपक्षी पार्टियों से बेहतर हो सकता है। गुजरात में भी भगवा पार्टी को बड़ा झटका लग सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को अपने गृह राज्य में 6 सीटों का नुकसान हो सकता है। हालांकि, सूरत, मुंबई और दिल्ली के सटोरियों की इस मामले पर अलग-अलग राय है। दिल्ली वालों के अनुसार, भाजपा गुजरात में 22 सीटें जीत सकती है। कांग्रेस को सिर्फ चार सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। सूरत और मुंबई के सटोरियों का मानना है कि भाजपा के जीत की संभावना 19 सीटों पर है। कांग्रेस शेष अन्य 7 सीटें जीत सकती है।


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