अकेलापन और अवसाद मौत की दूसरी सबसे बड़ी वजह

By: jhansitimes.com
May 09 2019 04:06 pm
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(रिपोर्ट - प्रदीप श्रीवास्तव ) दिल्ली। अकेलापन और अवसाद, हार्ट अटैक के बाद अमेरिका और विश्व स्तर पर दूसरी सबसे आम मौत का कारण है। अस्पताल में भर्ती मरीज दवाओं और अकेलेपन के कारण अवसाद में चले जाते हैं। ऐसे में डाॅ मधु बैडिरेड्डी अपनी वेबसाइट www.fightingloneliness.online. के माध्यम से ऐसे मरीजों और समाज में जागरूकता फैला रहे हैं, जिससे लोगों के अंदर जीने की चाहत को बढ़ाया जा सके। 

डॉ बैडिरेड्डी कहते हैं कि अकेलेपन को दूर करने के लिए टेलीविजन देखना, खेल खेलना और समाज में घुलने मिलने की जरूरत है। यहां तक की अस्पताल में भर्ती बीमार रोगियों को भी चलने-फिरने और शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लेने की जरूरत है। शारीरिक गतिविधि और खेल खेलना मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्रभावकारी होता है। 

उपयुक्त चीजों को करने से मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य का तेजी से विकास होता है। और मरीज या रोगी दर्द की दवा कम लेता है और छोटी मोटी बीमारियों में अस्पताल में भर्ती होने की भी जरूरत नहीं होती है। बाहर घूमने व सामाज में घुलने मिलने से बीमारी भी जल्दी ठीक होती है। मरीज के जल्दी स्वस्थ्य होने में परिवार के सहयोग की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कई बार बहुत से कारणों से मरीज जब आईसीयू से डिस्चार्ज होता है तो कई महीने बाद भी उसकी बीमारी बढ़ जाती है।  इस प्रकार की मानसिक स्वास्थ्य की परेशानी को रोका जा सकता है।

एक अमेरिकी अध्ययन से पता चलता है कि सामाजिक रूप से जो लोग काफी घुल मिल कर रहते हैं, उनमें हर्ट अटैक से मृत्यु की समस्या काफी कम होती है। डाक्टर बैडिरेड्डी ने भारत के कुरनूल मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया है। बाद में वह यूके में मनोचिकित्सक के रूप में प्रशिक्षित हुए। वर्तमान में वह क्राइस्टस सांता रोजा हॉस्पिटल्स, सैन एंटोनियो, टेक्सास, संयुक्त राज्य अमेरिका में कार्यरत हैं। डाक्टर बैडिरेड्डी का काम वैश्विक महत्व का है। वर्तमान में, अपने सकारात्मक व्यक्तित्व की तरह, वह हमें खुशी और संतुष्टि का मूल्यवान सबक सिखा रहे हैं। सकारात्मक सोच को बढ़ावा देता है जो हमारे अस्तित्व का एक मजबूत कारण है।


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