शादी में मेहंदी से लेकर फेरों तक की रस्मों के पीछे छुपे हैं कई राज़, फोटो पर क्लिक कर जानें

By: jhansitimes.com
Jan 01 2018 02:23 pm
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एक ख़ास पल होता है शादी, जो ना सिर्फ दो लोगों को जोड़ता है बल्कि दो परिवारों को जोड़ता है। शादी में कई रस्में निभाई जाती हैं, ये रस्में दो परिवारों को और करीब ले आती हैं और इन्हीं रस्मों में लोग खूब एन्जॉय भी करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है यह रस्में स्वास्थ्य के लिए भी काफ़ी फायदेमंद होते हैं और मेहँदी से लेकर फेरों तक की रस्मों के पीछे छिपे हैं कई वैज्ञानिक राज़। आज इस ब्लॉग के ज़रिये हम आपको इन्हीं कुछ राज़ों के बारे में और उनके महत्व के बारे में बता रहे हैं।

1. मेहँदी की रस्म के फायदे

सबसे पहले शादी में मेहँदी की रस्म होती है और इस रस्म के साथ ही लड़की के साथ उनकी दोस्तों की छेड़छाड़ शुरू हो जाती है। सब कहने लगते हैं की मेहँदी का रंग जितना गहरा होगा पति उतना ही प्यार करेगा पर यह सब तो हैं बस हंसी मज़ाक की बातें। मेहँदी लगाने का एक बहुत बड़ा कारण है की मेहँदी में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं और यह दुल्हन और दूल्हे के लिए बहुत फायदेमंद होता है। एक दौर था जब शादी के वक़्त मेहँदी सिर्फ लडकियां और दुल्हन ही लगाती थीं लेकिन अब दूल्हे को भी हल्की सी ही सही लेकिन मेहँदी लगाई जाती है। शादी के वक़्त दूल्हा और दुल्हन काफ़ी व्यस्त रहते हैं और इस दौरान उन्हें काफ़ी थकावट हो जाती है इसलिए मेहँदी से तनाव, सिरदर्द जैसी समस्याएं दूर होती है, यह फ्रेशनेस भी महसूस कराती है। इसके अलावा एंटीसेप्टिक गुण होने के कारण यह स्किन इन्फेक्शन या फंगल इंफेक्शन से भी बचाती है।

2. हल्दी की रस्म

मेहँदी के बाद होती है हल्दी की रस्म, शादी से पहले हल्दी की रस्म से लोगों का मानना होता है की हल्दी से दुल्हन और दूल्हे के रंगत में निखार आता है और यह कुछ हद तक सही भी है। लेकिन इसके अलावा इसका एक वज्ञानिक कारण भी है वो यह की हल्दी एंटीसेप्टिक होता है और इसमें मौजूद औषधीय गुण त्वचा के इन्फेक्शन को और गन्दगी को दूर कर के स्किन में ग्लो लाता है।

3. चूडि़यां डालना

शादी के वक़्त दुल्हन को चूडि़यां पहनाई जाती है यह एक शगुन होता है लेकिन वैज्ञानिक तौर पर अगर देखा जाए तो कलाईयों में कई एक्युप्रैशर पॉइंट्स होते हैं और चूडि़यां पहनने पर इन पॉइंट्स पर दबाव पड़ता जिससे महिला स्वस्थ रहती है।

4. मांग भरना (सिन्दूर लगाना)

सिन्दूर लगाना यानी मांग भरना हिंदू शादी में एक सबसे बड़ी रीतिरिवाज़ है और इसका बहुत ज़्यादा महत्व है, यह एक लड़की की शादीशुदा होने की अहम् निशानी है और यह पति की लंबी उम्र के लिए लगाया जाता है। सिन्दूर को सुहाग की निशानी माना जाता है, लेकिन इसके अलावा यह स्त्री के स्वास्थ्य के लिए भी काफ़ी लाभकारी होता है क्यूंकि इसमें कुछ धातु और पारा होता है जो स्त्री के शरीर को आराम और ठंडक महसूस कराता है।

5. फेरे लेना

अग्नि के फेरे लेकर ही वर और वधु हमेशा के लिए सात जन्मों के बंधन में बंध जाते हैं और यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण रस्म होती है। अग्नि को बहुत पवित्र माना गया है और अग्नि के फेरे लेने का एक वैज्ञानिक कारण यह है की अग्नि वातावरण को शुद्ध करता है और नेगेटिव एनर्जी को दूर करके पॉजिटिव एनर्जी लाता है इसलिए जब वर और वधु अग्नि के फेरे लेते हैं तो उनके अंदर सकारात्मक ऊर्जा आती है और वो अपने नए जीवन की शुरुआत पॉजिटिव एनर्जी के साथ करते हैं।

शादी एक बहुत ही ख़ास मौका होता है और इसकी रस्में और भी ख़ास और ख़ुशी देने वाली होती है लेकिन आपने कभी यह नहीं सोचा होगा के इन रस्मों के पीछे इतने वैज्ञानिक कारण भी छुपे हो सकते हैं।


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