आरक्षण पर चर्चाः भड़कीं मायावती, कहा- RSS आरक्षण-विरोधी मानसिकता त्याग दे तो बेहतर

By: jhansitimes.com
Aug 19 2019 02:00 pm
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तल्ख अंदाज में बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण  पर चर्चा संबंधी बयान पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने कहा कि आरएसएस का एससी/एसटी/ओबीसी आरक्षण के सम्बंध में यह कहना कि इसपर खुले दिल से बहस होनी चाहिए, संदेह की घातक स्थिति पैदा करता है जिसकी कोई जरूरत नहीं है। आरक्षण मानवतावादी संवैधानिक व्यवस्था है जिससे छेड़छाड़ अनुचित व अन्याय है। संघ अपनी आरक्षण-विरोधी मानसिकता त्याग दे तो बेहतर है।

आग से खेले तो ठीक नहीं होगा
साथ ही RJD सांसद मनोज झा ने कहा कि आरक्षण की मंजिल अभी काफी दूर है और हासिल करने में अभी समय है. सिर्फ बहुमत के आधार पर सब कुछ नहीं किया जा सकता है. संसदीय बहुमत और नैतिकता में काफी फर्क है. संविधान नैतिकता और बहुमत की नोंक पर है और यदि इसे कोई नुकसान पहुंचा तो मैं आगाह करता हूं ठीक नहीं होगा.

चर्चा में है परेशानी
सांसद ने चर्चा के सवाल पर कहा कि बिल्कुल चर्चा में दिक्कत है. सौहार्दपूर्ण माहौल कहां छोड़ा है देश में, ऐसा माहौल तो रहने ही नहीं दिया गया है. पिछड़े और आदिवासियों को तो अभी उनका हक ही नहीं मिला है. आंशिक तौर पर जो मिला है उसकी भी समीक्षा की बातें हो रही हैं. इन लोगों के इरादों और इशारों पर आपत्ति है.

भागवत ने कहा था- होनी चाहिए बातचीत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा था कि जो आरक्षण के पक्ष में हैं और जो इसके खिलाफ हैं उन लोगों के बीच इस पर सद्भावपूर्ण माहौल में बातचीत होनी चाहिए. भागवत ने कहा कि उन्होंने पहले भी आरक्षण पर बात की थी लेकिन इससे काफी हंगामा मचा और पूरी चर्चा वास्तविक मुद्दे से भटक गई. भागवत ने कहा था कि आरक्षण का पक्ष लेने वालों को उन लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए बोलना चाहिए जो इसके खिलाफ हैं और इसी तरह से इसका विरोध करने वालों को इसका समर्थन करने वालों के हितों को ध्यान में रखते हुए बोलना चाहिए. उन्होंने कहा कि आरक्षण पर चर्चा हर बार तीखी हो जाती है जबकि इस दृष्टिकोण पर समाज के विभिन्न वर्गों में सामंजस्य जरूरी है.


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