मायावती पहली बार दूसरी पार्टी के नेता के पक्ष में आई सामनेए बोलीं. न घबरायें अखिलेश

By: jhansitimes.com
Jan 07 2019 03:55 pm
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लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अवैध खनन मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश के खिलाफ राजनीतिक विद्वेष से सीबीआई का इस्तेमाल किया जा रहा है। भाजपा राजनीतिक फायदे के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है।

बसपा की लखनऊ यूनिट ने सोमवार को अखिलेश यादव के पक्ष में रिलीज जारी कर बताया कि मायावती ने रविवार को अखिलेश यादव को फोन किया और कहा कि भाजपा द्वारा इस प्रकार की राजनीति करना इनका पुराना हथकंडा रहा है जिसे जनता समझती है। बसपाए इन षडयंत्रों की भुक्तभोगी रही है। मायावती ने कहा कि अखिलेश को घबराकर नहीं बल्कि डटकर मुकाबला करने की जरुरत है। मायावती ने कहा कि जिस दिन से सपा और बसपा के गठबंधन की खबर मीडिया में आई है। उसी दिन से भाजपा की सरकार बौखला गई है। भाजपा सरकार द्वारा सीबीआई को लम्बित पड़े खनन मामले में एक साथ अनेकों स्थानों पर उत्तर प्रदेश में छापेमार कार्रवाही की गई है। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी पूछतांछ करने की खबर जानबूझ कर फैलाई जा रही है। यह राजनीतिक द्वेष भावना और षड़यंत्र के तहत सपा.बसपा गठबंधन को बदनाम व प्रताड़ित करने की कार्यवाही है। यदि ऐसा नहीं होता तो सीबीआई को पहले से ही इस सम्बंध में अपनी कार्यवाही कर देना चाहिए था। भाजपा के नेताओं को इस सम्बंध में अनावश्यक व अनर्गल बयानबाजी करने की क्या जरुरत थी। इस मामले में भाजपा के मंत्री व नेतागण सीबीआई के प्रवक्ता कब से बन गये हैं। कांग्रेस की तरह भाजपा भी सरकारी मशीनरी का दुरुप्रयोग करके अपने विरोधियों को फर्जी मामले में फंसाने में माहिर रही है। लोकसभा की 80 में से 60 सीटें बीएसपी ने बीजेपी को देना स्वीकार नहीं किया तो उन्होंने ताज मामले में फर्जी तौर पर उन्हें फंसा दिया। जिसको ध्यान में रखते हुए उन्होंने 26 अगस्त सन 2003 में उन्होंने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। जिसका सूद समेत लोगों ने बदला लिया और सन 2007 के विधानसभा में बीएसपी की पूर्ण बहुमत की पहली सरकार बनाई। उन्होंने अखिलेश को फोन पर भरोसा दिलाया कि उन्हें भाजपा के इस प्रकार के हथकंडों से डरने की जरुरत नहीं है। जनता सब जानती है वह भाजपा को इसका करारा जबाब देगी।


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