हर बार बुंदेलखंड के नसीब में उपेक्षा ? सरकारों के बाद भाजपा ने संगठन में भी नहीं दी कार्यकर्ताओं क

By: jhansitimes.com
Feb 13 2018 11:57 am
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बुंदेलखंड। भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई की भारी भरकम कार्यकारिणी घोषित हो चुकी है। प्रदेश अध्यक्ष ने आलाकमान के निर्देश पर जो कार्यकारिणी घोषित की है, उसमें बुंदेलखंड को पूरी तरह उपेक्षित रखा गया है। बुंदेलखंड को विशेष तवज्जो देने की बात अपने हर भाषण में करने वाले पीएम व सीएम के साथ ही अन्य भाजपा नेता बुंदेलखंड के कार्यकर्ताओं को संगठन में रखने लायक नहीं समझते। जिन लोगों को कार्यकारिणी व विशेष आमंत्रित सदस्यों में चुना गया है, उनका कार्यकारिणी में क्या महत्व होता है, यह सभी समझते हैं। यह केवल बुंदेलखंड में नाराजगी से बचने के लिए किया गया एक कुत्सित प्रयास भर है। 

गौरतलब है कि प्रदेश कार्यकारिणी में महज चित्रकूट की रंजना उपाध्याय को शामिल किया गया है। जानकारों का कहना है कि रंजना उपाध्याय के पति सरकारी अधिकारी हैं और उनकी पोस्टिंग वर्तमान में चित्रकूट में ही है। वैसे वह मूलत: गोरखपुर की रहने वाली है। ऐसे में उन्हें बुंदेलखंड कोटे से संगठन में जगह देने को यहां का उपहास उड़ाना ही माना जा रहा है। पिछली कार्यकारिणी में यहां से पिछड़े व दलित वर्ग के कई नेता महत्वपूर्ण पदों पर थे। उनकी मेहनत का ही परिणाम रहा कि भाजपा ने वर्ष 2014 में बुंदेलखंड की चारों लोकसभा सीटों और वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों में सभी 19 सीटों पर विजय पाई। केंद्र व प्रदेश सरकारें बनने से पहले भाजपा नेताओं ने बुंदेलखंड को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने एवं इस पिछड़े क्षेत्र में विशेष रूप से विकास कराए जाने के दावे किए थे। मगर न तो केंद्र सरकार में ही बुंदेलखंड को कोई प्रतिनिधित्व मिला और न ही प्रदेश सरकार में।

 ऐसे में सभी को संगठन में बुंदेलखंड को प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद थी, मगर यहां भी कार्यकर्ताओं को धता बता दिया गया। ऐसे में बुंदेलखंड का कार्यकर्ता स्वयं को ठगा महसूस कर रहा है। जो सदस्य कार्यकारिणी में बनाए गए हैं, उन्हें भी केवल खुश करने का प्रयास मात्र किया गया है। क्या बुंदेलखंड की जनता ऐसे ही हर चुनाव में भाजपा के हाथों की कठपुतली बन अपना वोट देती रहेगी और भाजपा सरकार बनाकर उन्हें अंगूठा दिखाती रहेगी। हर बार केवल उपेक्षा ही है क्या बुंदेलखंड के नसीब में? 


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