नई पीढ़ी का बचपन मौत साये में, महज 50 रुपये कम होने पर बच्चे की मौत, मंत्री ने दिया शर्मनाक बयान

By: jhansitimes.com
Aug 22 2017 09:43 am
443

रांची:   भाजपा शासित राज्य झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल में एक बच्चे की मौत ऑक्सीजन या किसी दवा की कमी से नहीं बल्कि जांच के लिए पिता के पास 50 रुपये नहीं होने के कारण हुई है| उस पर भी शर्मनाक यहां के स्वास्थ्य मंत्री का बयान रहा है. इस ख़बर को जब मीडिया में उछाला गया तो झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, 'जिसने खबर छापी उसे ही 10-10 रुपये चंदा देना चाहिए.'

झारखण्ड राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में पिता के पास 50 रुपये कम होने के कारण एक साल के मासूम श्याम का सीटी स्कैन नहीं हो पाया. इस कारण उसका समय पर इलाज शुरू नहीं हो सका. बेबस पिता संतोष कुमार अपने बच्चे को बचाने के लिए डॉक्टर और जांच घर के चक्कर लगाता रहा. पर वह अपने मासूम बच्चे को नहीं बचा पाया. आखिरकार उचित इलाज के अभाव में श्याम की मौत हो गई.

श्याम के पिता संतोष कुमार रांची के जगन्नाथपुर का रहनेवाला है. रिक्शा चला कर किसी तरह अपने परिवार को जीवन चलाता है.  संतोष का एक साल का बेटा श्याम खेलने के दौरान घर की छत से गिरा गया था. उसके सिर में भी चोट आई थी. परिजन पहले पास में ही किसी डॉक्टर के पास ले गये. पर ठीक नहीं होने के कारण रविवार को उसे लेकर रिम्स पहुंचे. श्याम को रिम्स के शिशु इमरजेंसी में डॉक्टर को दिखाया गया. डॉक्टर ने श्याम का सीटी स्कैन कराने की सलाह दी. इसके बाद आनन-फानन में परिजन सीटी स्कैन की परची कटाने के लिए कैश काउंटर पर पहुंचे. पर 50 रुपये कम होने के कारण उसकी जांच नहीं हो पाई. 

इस पुरे मामले पर अब रिम्स प्रबंधन जांच कर करवाई कर की बात कर रहा है. वहीं, झारखण्ड के स्वास्थ्य मंत्री रामचन्द्र चंद्रवंशी ने मीडिया में गैर जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि जिसने खबर छापी उसे ही 10-10 रुपये चंदा देना चाहिए. स्वास्थ्य मंत्री के बयान की चारों तरफ कड़ी निंदा हो रही है. लेकिन सवाल वहीं खड़ा है कि आखिर जिस देश को नौजवानों का देश कहा जाता है, वहां नई पीढ़ी अपना बचपन भी नहीं देख पा रही है. कभी ऑक्सीजन की कमी तो कभी पैसों की कमी के कारण मासूम काल के गाल में समा रहे हैं.


comments

Create Account



Log In Your Account



छोटी सी बात “झाँसी टाइम्स ” के बारे में!

झाँसी टाइम्स हिंदी में कार्यरत एक विश्व स्तरीय न्यूज़ पोर्टल है। इसे पढ़ने के लिए आप http://www.jhansitimes .com पर लॉग इन कर सकते हैं। यह पोर्टल दिसम्बर 2014 से वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की नगरी झाँसी (उत्तर प्रदेश )आरंभ किया गया है । हम अपने पाठकों के सहयोग और प्रेम के बलबूते “ख़बर हर कीमत पर पूरी सच्चाई और निडरता के साथ” यही हमारी नीति, ध्येय और उद्देश्य है। अपने सहयोगियों की मदद से जनहित के अनेक साहसिक खुलासे ‘झाँसी टाइम्स ’ करेगा । बिना किसी भेदभाव और दुराग्रह से मुक्त होकर पोर्टल ने पाठकों में अपनी एक अलग विश्वसनीयता कायम की है।

झाँसी टाइम्स में ख़बर का अर्थ किसी तरह की सनसनी फैलाना नहीं है। हम ख़बर को ‘गति’ से पाठकों तक पहुंचाना तो चाहते हैं पर केवल ‘कवरेज’ तक सीमित नहीं रहना चाहते। यही कारण है कि पाठकों को झाँसी टाइम्स की खबरों में पड़ताल के बाद सामने आया सत्य पढ़ने को मिलता है। हम जानते हैं कि ख़बर का सीधा असर व्यक्ति और समाज पर होता है। अतः हमारी ख़बर फिर चाहे वह स्थानीय महत्व की हो या राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय महत्व की, प्रामाणिकता और विश्लेषण के बाद ही ऑनलाइन प्रकाशित होती है।

अपनी विशेषताओं और विश्वसनीयताओं की वजह से ‘झाँसी टाइम्स ’ लोगों के बीच एक अलग पहचान बना चुका है। आप सबके सहयोग से आगे इसमें इसी तरह वृद्धि होती रहेगी, इसका पूरा विश्वास भी है। ‘झाँसी टाइम्स ‘ के पास समर्पित और अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ संवाददाताओं, समालोचकों एवं सलाहकारों का एक समूह उपलब्ध है। विनोद कुमार गौतम , झाँसी टाइम्स , के प्रबंध संपादक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। जो पूरी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता का पिछले लगभग 16 वर्षों का अनुभव है। के पी सिंह, झाँसी टाइम्स के प्रधान संपादक हैं।

विश्वास है कि वरिष्ठ सलाहकारों और युवा संवाददाताओं के सहयोग से ‘झाँसी टाइम्स ‘ जो एक हिंदी वायर न्यूज़ सर्विस है वेब मीडिया के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान बनाने में कामयाब रहेगा।