झाँसी में पंचायती शिव लगाते हैं पंचायत, करते हैं भक्तों की मनोकामनाएं पूरी

By: jhansitimes.com
Feb 14 2018 12:10 pm
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झाँसी।  शिवरात्रि पर यूं तो भगवान शंकर और माता पार्वती के विवाह की ही चर्चा होती है और लोग शिव मंदिरों में  माथा टेकते हैं। साथ ही पूजा-अर्चना कर वरदान मांगते हैं। मगर झाँसी में पानी वाली धर्मशाला क्षेत्र में एक मंदिर ऐसा भी है जहां भगवान शिव की अगुवाई में पूरे पांच देवता पंचायत लगाते हैं और इस पंचायत में मांगी गई हर मन्नत को पूरा करते हैं। यहां भगवान शिव को पंचायती माना जाता है। मन्नत मांगने आने वाले श्रद्धालु यहां पंचायत लगाए जाने का आग्रह करते हैं। पंचायत देवता लगाते हैं। इसमें शिव भगवान के अलावा चार अन्य भगवान भी शामिल होते हैं।

बुंदेलखंड की नगरी झाँसी के इस ऐतिहासिक मंदिर के भक्तों ने बताया कि ये शिव मंदिर झांसी शहर के बीचोबीच मशहूर पानी वाली धर्मशाला के पास स्थित है। यहां कृष्ण पक्ष की चौदस को या किसी खास मौके पर पंचायत लगती है। श्रद्धालुओं द्वारा यहां हवन आदि कराया जाता है। इसके बाद भगवान शिव से पंचायत लगवाकर मन्नत मांगी जाती है। मंदिर में एक बड़े शिवलिंग के रूप में यहां भगवान शिव विराजमान हैं। साथ ही भगवान गणेश, दुर्गा, भगवान कृष्ण और सूर्य भी यहां विराजमान हैं। मुख्य मंदिर परिसर में इन चार भगवान के बीच एक बड़ा शिवलिंग स्थापित है। इसीलिए इस मंदिर को पंचायती शिव मंदिर के रूप में जाना जाता है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि इस पूजा में पांचों भगवान शामिल होते हैं। भगवानोंकी पंचायत में मांगी गई हर मनोकामना जरूर पूरी होती है। इस पंचायती शिव मंदिर के बड़े शिवलिंग में कुल 1100 छोटे-छोटे शिवलिंग बने हुए हैं। इसलिए इसे हजारी शिवलिंग के नाम से जाना जाता है। मंदिर में जिसे पंचायती शिवलिंग कहा जाता है, वह बेहद खास है। मंदिर परिसर के आसपास करीब सात और मंदिर बने हैं। बताया जाता है कि यह मंदिर मराठा शासन से पहले गुसांइयों ने अपने शासनकाल में बनवाया था। मालूम हो कि गुसाइयों ने यहां लगभग 500 साल पहले राज किया था। उनके द्वारा झांसी में ही कई मंदिर व मठ बनवाए गए। एक पूरा मोहल्ला ही झाँसी महानगर में गुसांईयों के नाम पर है, जिसे गुसांईपुरा के नाम से जाना जाता है। 


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