मोदी सरकार में गरीब दुःखी: राहुल बोले- देश के 20 फीसदी गरीब परिवारों को मिलेंगे सालाना 72 हजार रुपये

By: jhansitimes.com
Mar 25 2019 02:56 pm
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नई दिल्ली:  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनावी जंग में बाजी अपने नाम करने के लिए राहुल गांधी ने न्यूनतम आय गारंटी योजना का वादा किया और कहा कि अगर उनकी सरकार सत्ता में आती है तो गरीब परिवारों को सालाना 72 हजार रुपये मिलेंगे. राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर न्यूनतम आय गारंटी योजना का वादा किया, जिसके तहत कांग्रेस अगर सत्ता में आती है तो हर किसी को 12 हजार रुपये प्रति महीने कांग्रेस सरकार देगी. राहुल गांधी ने कहा कि पांच साल तक मोदी सरकार में गरीब दुखी रहे, अब हम उन्हें न्याय देंगे.

राहुल गांधी ने कहा कि हमने मनरेगा कमिट किया था और अब आय गारंटी देकर दिखा देंगे. हम गरीबी मिटा देंगे. हमारा कहना है कि अगर आप काम कर रहे हो तो महीने में 12 रुपए से आय कम से कम होनी चाहिए. हिंदुस्तान में अगर मिनिमन इनकम से कम आमदनी है तो यह आय बढ़ाने की कोशिश होगी. जिससे गरीबी से निकाला जा सकता है. यह सेकेंड फेज में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से निकाल देगी. इस योजना को हम आगे लाकर दिखाएंगे. 

इस देश का झंडा है और प्रधानमंत्री की पॉलिटिक्स से दो हिंदुस्तानी झंडा है... एक अनिल अंबानी झंडा और दूसरा गरीबी के लिए. 21वीं सदी में हिंदुस्तान में इस देश में गरीबी को हटाना है. यह स्कीम नहीं है यह अब गरीबी पर आखिरी पड़ाव है. हम दो हिंदुस्तान नहीं बनने देंगे, यह अमीरों और गरीबों दोनों का ही देश होगा. मैं महात्मा नहीं बनना चाहता मैं दो हिंदुस्तान नहीं बनने दूगा. गरीबों को भी इज्जत दिलाना चाहता हूं. 

राहुल गांधी ने कहा कि हर रोज गरीबों के पैसे चोरी हो रहे हैं. गरीबों को महज लगभग तीन रुपये मिलते हैं, जबकि अमीरों को लाखों-करोड़ों. प्रधानमंत्री ने 2 भारत बनाए हैं- एक अनिल अंबानी जैसा और एक गरीबों का किसानों का. 

 

राहुल गांधी के वादे की अहम बातें:

72 हजार रुपये सालाना इनकम

20 फीसदी गरीबों को आय गारंटी का लाभ

5 करोड़ परिवारों को मिलेगा लाभ

25 करोड़ लोगों को मिलेगा योजना का लाभ

इस योजना में प्रावधान है कि हर नागरिक को सरकार हर महीने एक निश्चित रकम देगी. यह रकम कितनी हो यह गरीबी रेखा के मानक से तय किया जा सकता है. राहुल गांधी ने जिस न्यूनतम आमदनी गारंटी योजना का जिक्र किया है, उसमें लोगों को सरकार न्यूनतम आय गारंटी के रूप में देगी. इसके तहत सरकार एक निश्चित रकम तय करेगी और फिर एक मानत स्थापित कर इसका वितरण होगा. 


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