पढ़ लीजिये चौंकाने वाली घटना, एक साथ 900 से ज्यादा लोगों ने की आत्महत्या

By: jhansitimes.com
Dec 09 2017 10:24 am
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अब तक आपने कई ऐसे शासकों के बारे में सुना होगा जो अपनी क्रूरता के लिए मशहूर रहे हैं। अमेरिकी इतिहास में जिम जोंस का नाम ऐसी घटना से जुड़ा है, जिसने पूरी दुनिया को हिला के रख दिया। गुयाना के जोंसटाउन में 39 साल पहले एक साथ 900 से ज्यादा लोगों ने आत्महत्या की थी। 

जिम जोंस कम्युनिस्ट विचारधारा का था। वह अपने आप को मसीहा बताता था। उसने 1956 में पीपल्स टेंपल नाम से एक चर्च बनाया था, जिसका मकसद जरूरतमंद लोगों की मदद करना था। उसने अपनी बातों से कई लोगों को अपना फॉलोवर बनाया। इंडियाना से जिम ने अपना चर्च कैलिफोर्निया के रेडवुड वैली में शिफ्ट किया। 

जिम के विचार अमेरिकी सरकार से अलग थे, इस वजह से उन्होंने सबसे दूर जाकर साउथ अमेरिका के गुयाना में अपने फॉलोवर्स के साथ बसने का फैसला किया। लेकिन वहां जाकर फॉलोवर्स को पता चला कि असलियत में वह वो नहीं हैं, जो खुद को बताते हैं। लोगों से 11 घंटों से ज्यादा काम करवाया जाता था। इतना ही नहीं, रात को स्पीकर पर बजने वाले जिम के भाषण की वजह से कोई सो भी नहीं पाता था। जब अमेरिकी सरकार ने वहां से लोगों को निकालने की कोशिश की, तो जिम ने इसे सरकारी क्रूरता करार देते हुए लोगों से एक साथ आत्महत्या करने की अपील की। इनमें से कई लोगों ने जिम की बात मान कर जहर पी लिया। और जिन्होंने इसका विरोध किया, उन्हें जबरदस्ती जहर देकर मार दिया गया।

१८ नवंबर 1978 में हुए इस दर्दनाक कांड में 900 से ज्यादा लोगों की जहर पीने से मौत हुई थी। इसमें 276 बच्चे  शामिल थे। जब अमेरिकी फाॅर्स वहां पहुंची, तो पूरा जोंसटाउन बॉडीज से भरा पड़ा था। 

अमेरिकी सरकार ने जोंसटाउन से लोगों को निकालने के लिए सैन मातेओ से लियो रयान को ग्रुप के साथ वहां भेजा। पहले तो सब नॉर्मल था। जिनको रयान के साथ जाना था उनकी लिस्ट मिल चुकी थी। जैसे ही सब टाउन से निकलने को तैयार हुए, उनपर हमला कर रयान का गला काटने की कोशिश की गई।

जिम ने सभी लोगों को टाउन के पवेलियन में बुलाया और लोगों से कहा कि अब अमेरिकी सरकार उनपर बम गिराकर उन्हें मार डालेगी। वो उनके बच्चों को टॉर्चर करेंगे। इसलिए हम सबको एक साथ सुसाइड कर उन्हें जवाब देना होगा। इसके बाद तैयार किया गया जहरीला मॉकटेल जिसके पीने के 5 मिनट के अंदर इंसान की मौत हो जाती थी। 


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