RIO 2016: दीपा ने रचा इतिहास, जिम्नास्टिक के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनी

By: jhansitimes.com
Aug 08 2016 09:22 am
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रियो दि जिनेरियो: लंबे इंतज़ार के बाद इतिहास रचते हुए पहले दिन और दूसरे दिन जिम्नास्ट दीपा करमाकर और भारत के लिए खुशियां आ गई हैं।  भारतीय जिम्नास्ट दीपा ने क्वालीफायर्स में आठवे पायदान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाइ किया।  52 सालों के बाद किसी भी महिला जिम्नास्ट का ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना ही बहुत बड़ी बात थी लेकिन अब फाइनल में जगह बनाने के बाद ये करिश्मा और भी बड़ी हो गया है और भारत की पदक की उम्मीद भी बढ़ गई है। 

दीपा जिम्नास्टिक की सभी पांच क्वालिफिकेशन सबडिवीजन स्पर्धा के समापन के बाद वॉल्ट में आठवें स्थान पर रहीं, जो फाइनल में क्वालिफाई करने के लिए आखिरी स्थान था.

दीपा ने रविवार को हुए तीसरी सबडिवीजन क्वालिफाइंग स्पर्धा के वॉल्ट में 14.850 अंक हासिल किया. तीसरे सबडिवीजन की समाप्ति पर दीपा छठे स्थान पर थीं, लेकिन अमेरिका की सिमोन बाइल्स और कनाडा की शैलन ओल्सेन आखिरी के दो सबडिवीजन से फाइनल में प्रवेश करने में सफल रहीं.

सिमोन बाइल्स ने वॉल्ट में 16.050 अंक हासिल कर शीर्ष स्थान के साथ फाइनल में प्रवेश किया, जबकि दीपा सबसे निचले आठवें पायदान के साथ फाइनल में पहुंची हैं. इससे स्पष्ट है कि दीपा को फाइनल में पदक हासिल करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा.

कलात्मक जिम्नास्टिक स्पर्धा के क्वालिफिकेशन सबडिवीजन-3 में दीपा का ओवरऑल प्रदर्शन तो औसत रहा, लेकिन वॉल्ट में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई है.

दीपा ने वॉल्ट में बेहद कठिन माने जाने वाले प्रोदुनोवा को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और रियो-2016 में ऐसा करने वाली वह एकमात्र जिम्नास्ट रहीं. हालांकि अमेरिका की सीमोन बाइल्स ने प्रोदुनोवा जैसा कठिन मार्ग न चुनने के बावजूद प्रदर्शित कर दिया है कि अन्य वॉल्ट कलाओं के जरिए भी अधिक अंक हासिल किए जा सकते हैं.

दीपा का ऑल अराउंड प्रदर्शन औसत रहा और उन्होंने 51.665 का स्कोर करते हुए 61 प्रतिभागियों में 51वां स्थान हासिल किया, जबकि ऑल अराउंड के फाइनल में 29वें स्थान तक की कुल 24 खिलाड़ियों ने फाइनल में प्रवेश किया है.

दीपा अब 14 फरवरी को वॉल्ट स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में पदक की दावेदारी पेश करेंगी.


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