धूम्रपान से एनीयरिज्म ब्लड क्लाटिंग का खतरा, जा सकती है जान

By: jhansitimes.com
Dec 21 2018 05:03 pm
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( रिपोर्ट - प्रदीप श्रीवास्तव) नई दिल्ली। एनीयरिज्म या नसों का वाल बलून की तरह फूल जाने से ब्लड की क्लाटिंग होना ऐसी बीमारी है, जिसका कोई लक्षण नहीं है। यह धीरे धीरे बढ़ता है, और एक दिन फूट जाता है, जिससे रोगी की अचानक मौत हो जाती है। इसका पता लगाने और इस बीमारी के पूर्वानुमान पर भारतीय मूल की अमेरिकी डाॅक्टर यामिनी अटलूरी ने बेहतरीन रिसर्च किया है,जिससे पहले से मरीजों को जोखिम के खतरों से आगाह किया जा सके और उसकी जान बचायी जा सके।

डाॅक्टर यानिमी यामीनि के अनुसार, रक्त वाहिका की दीवार का एनीयरिज्म या ब्लड की क्लाटिंग आमतौर पर बिना किसी लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ती है। परिपक्व होने पर ब्लड नसों की क्लाटिंग वाॅल फट जाता है, और इससे शरीर के अंदर बहुत तेजी से खून बहने लगता है, जिससे रोगी की मृत्यु हो जाती है। महाधमनी या एओटर शरीर की मुख्य धमनी होती है। 65 वर्ष से कम उम्र के धूम्रपान करने वाले व्यक्ति में एबडोमिनल एटिक एनीरियम (जिसे एएए या ट्रिपल ए भी कहा जाता है) का जोखिम बहुत अधिक रहता है। यह महिलाओं में भी हो सकता है। महाधमनी की दीवार कमजोर होने से यह एक गुब्बारे की तरह फूलने लगता है। बिना किसी लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ता है, बाद में इसके फूटने से अत्यधिक खून बहने के कारण व्यक्ति की मौत हो जाती है।

लंबे रिसर्च और एडवांस तंत्रिका नेटवर्क विकसित करते हुए मिशिगन के स्पेक्ट्रम हेल्थ में कार्यरत डाक्टर यामिनी अटलुरी ने रोगियों का ईलेक्ट्रानिक स्वास्थ्य रिकार्ड रखना शुरू कर दिया है। इसकी मदद से ज्यादा जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान की जा सकती है। पूर्वानुमान लगाकर ज्यादा जोखिम वाले व्यक्तियों को पहले से आगाह किया जा सकता है। डाक्टर यामिनी कहतीं है कि इसके लिए वह रोगी के हाई ब्लड प्रेशर व स्मोकिंग के इतिहास के साथ ही कार्डियोवस्कुलर फैक्टर जैसे कोलोस्ट्रोल, उम्र और पारिवारिक इतिहास की पूरी जानकारी एकत्रित करतीं हैं। वह इस विधि की मदद से ज्यादा जोखिम वाले रोगियों को आसानी से ढूंढ लेती हंै। डाॅक्टर यामिनी के इस उपयोगी विधि की हर तरफ तारीफ हो रही है। खासतौर से मेडिकल क्षेत्र में इस योगदान के लिए उन्हें बधाईयां मिल रही हैं।


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