मोदीयुग में मां के शव को कंधे पर लेकर अस्पताल में भटकता रहा बेटा, भूख के चलते हुई थी मौत

By: jhansitimes.com
Jun 05 2018 07:31 pm
452

चतरा : गरीबों को बेहतर सुविधाएं देने का वादा करने वाली भाजपा की झारखंड सरकार में चतरा जिले में भूख के कारण एक महिला की मौत हो गई | मामला इटखोरी थाना क्षेत्र के इटखोरी बाजार का है. जानकारी के अनुसार, बिहार के गया जिला अंतर्गत डोभी की रहने वाली मीना मुसहरीन नामक महिला अपने परिवार के साथ इटखोरी थाना क्षेत्र में रहकर कबाड़ चुनने का काम करती थी. वह पिछले कई दिनों से बीमार थी. मृतका के परिजनों के अनुसार बीमार होने के कारण महिला पिछले दस दिनों से कुछ खा नहीं रही थी जिसके चलते उसे भूख जनित बीमारियों ने अपनी चपेट में ले लिया था और उसकी मौत हो गई. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब मीणा का पुत्र उसका उपचार कराने इटखोरी स्वास्थ्य उपकेंद्र ईटखोरी पहुंचा. जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया

यदि आप अपने भारी भरकम बिजली के बिल से तंग आ चुके हैं, तो सोलर पैनल है सबसे बेहतर विकल्प, आकर्षक ऑफर, कीमत  मात्र 29,990/  में,जल्दी करें

सम्पर्क करें: 09935965454, 0510-2445454

नहीं जागी अस्पताल प्रबंधन की संवेदना

अपनी मां को जीवित समझकर उसका उपचार कराने अस्पताल पहुंचे मीणा के पुत्र को देखकर अस्पताल प्रबंधन की भी संवेदना नहीं जागी. अपनी मां के शव को कंधे पर लेकर उसका पुत्र अस्पताल के एक कमरे से दूसरे कमरे तक भटकता रहा, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की. जब मीडियाकर्मियों की भीड़ अस्पताल में उमड़ी तो मौके पर मौजूद चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी हरकत में आए और आनन-फानन में मृत महिला के शव को उसके बेटे के कंधे से उतार कर अस्पताल के बेड पर लिटाया. इससे पूर्व ना तो उसे किसी तरह का स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराया गया और ना ही उसकी बीमार मां की स्वास्थ्य जांच की गई. इस दौरान अस्पताल में चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों को खोज रही बेबस पुत्र की आंखों ने व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी.

मुख्यमंत्री दाल भात योजना पर उठ रहे सवाल

भूख से महिला की मौत के बाद प्रखंड में संचालित मुख्यमंत्री दाल भात योजना पर भी सवाल उठने लगे हैं. मृतका के पुत्र के अनुसार, मीना विगत 10 दिनों से कुछ नहीं खाई थी जिसके कारण गंभीर बीमारियों के चपेट में आने से उसकी मौत हो गई. ऐसे में यह सवाल उठता है कि मुख्यमंत्री दाल भात योजना का संचालन आखिर किसके लिए होता है. जब भूख से गरीब व असहाय लोग अकाल मौत के गाल में समा ही रहे हैं तो ऐसे योजनाओं के संचालन का औचित्य क्या है. लोग प्रखंड में संचालित मुख्यमंत्री दाल भात योजना की जांच की मांग करने लगे हैं.

यदि आप अपने भारी भरकम बिजली के बिल से तंग आ चुके हैं, तो सोलर पैनल है सबसे बेहतर विकल्प, आकर्षक ऑफर, कीमत  मात्र 29,990/  में,जल्दी करें

सम्पर्क करें: 09935965454, 0510-2445454

एडीएम रैंक के अधिकारी करेंगे मामले की जांच

इटखोरी में भूख जनित रोग से मुशहर महिला की मौत के मामले को उपायुक्त जितेंद्र कुमार सिंह ने गंभीरता से लिया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी ने एडीएम रैंक के अधिकारियों से घटना की जांच कराने का निर्देश दे दिया है. डीसी ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराने के बाद दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी.


comments

Create Account



Log In Your Account



छोटी सी बात “झाँसी टाइम्स ” के बारे में!

झाँसी टाइम्स हिंदी में कार्यरत एक विश्व स्तरीय न्यूज़ पोर्टल है। इसे पढ़ने के लिए आप http://www.jhansitimes .com पर लॉग इन कर सकते हैं। यह पोर्टल दिसम्बर 2014 से वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की नगरी झाँसी (उत्तर प्रदेश )आरंभ किया गया है । हम अपने पाठकों के सहयोग और प्रेम के बलबूते “ख़बर हर कीमत पर पूरी सच्चाई और निडरता के साथ” यही हमारी नीति, ध्येय और उद्देश्य है। अपने सहयोगियों की मदद से जनहित के अनेक साहसिक खुलासे ‘झाँसी टाइम्स ’ करेगा । बिना किसी भेदभाव और दुराग्रह से मुक्त होकर पोर्टल ने पाठकों में अपनी एक अलग विश्वसनीयता कायम की है।

झाँसी टाइम्स में ख़बर का अर्थ किसी तरह की सनसनी फैलाना नहीं है। हम ख़बर को ‘गति’ से पाठकों तक पहुंचाना तो चाहते हैं पर केवल ‘कवरेज’ तक सीमित नहीं रहना चाहते। यही कारण है कि पाठकों को झाँसी टाइम्स की खबरों में पड़ताल के बाद सामने आया सत्य पढ़ने को मिलता है। हम जानते हैं कि ख़बर का सीधा असर व्यक्ति और समाज पर होता है। अतः हमारी ख़बर फिर चाहे वह स्थानीय महत्व की हो या राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय महत्व की, प्रामाणिकता और विश्लेषण के बाद ही ऑनलाइन प्रकाशित होती है।

अपनी विशेषताओं और विश्वसनीयताओं की वजह से ‘झाँसी टाइम्स ’ लोगों के बीच एक अलग पहचान बना चुका है। आप सबके सहयोग से आगे इसमें इसी तरह वृद्धि होती रहेगी, इसका पूरा विश्वास भी है। ‘झाँसी टाइम्स ‘ के पास समर्पित और अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ संवाददाताओं, समालोचकों एवं सलाहकारों का एक समूह उपलब्ध है। विनोद कुमार गौतम , झाँसी टाइम्स , के प्रबंध संपादक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। जो पूरी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता का पिछले लगभग 16 वर्षों का अनुभव है। के पी सिंह, झाँसी टाइम्स के प्रधान संपादक हैं।

विश्वास है कि वरिष्ठ सलाहकारों और युवा संवाददाताओं के सहयोग से ‘झाँसी टाइम्स ‘ जो एक हिंदी वायर न्यूज़ सर्विस है वेब मीडिया के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान बनाने में कामयाब रहेगा।