सपा-बसपा गठबंधन फाइनल, मायावती और अखिलेश 12 जनवरी को साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में करेंगे एलान

By: jhansitimes.com
Jan 11 2019 01:29 pm
502

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 की घोषणा से पहले ही उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है. यूपी में बुआ-भतीजा यानी मायावती और अखिलेश यादव ने साथ आने का मन बना लिया है और उम्मीद की जा रही है कि शनिवार 12 जनवरी को  लगभग १२ बजे सपा-बसपा गठबंधन को लेकर औपचारिक ऐलान हो सकता है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आरएलडी महागठबंधन का हिस्सा हो गया है, गौरतलब है कि 26 साल पहले हुए गेस्ट हाउस कांड के बाद दोनों पार्टियों में आई दूरी के बाद यह पहला मौका है जब दोनों नेता एक साथ पत्रकारों के सामने बैठे दिखेंगे। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में गठबंधन और सीट बंटवारे का एलान किया जाएगा। समाजवादी पार्टी की ओर से जारी मीडिया निमंत्रण के मुताबिक ये प्रेस कॉन्फ्रेंस लखनऊ के गोमती नगर स्थित होटल ताज में होगी। सूत्रों के मुताबिक इस गठबंधन में आरएलडी भी शामिल होगा। कांग्रेस के लिए अमेठी और रायबरेली सीट छोड़ने की खबरें आ रही हैं।

 गौरतलब है कि एसपी-बीएसपी के गठबंधन को लेकर लंबे वक्त से बातचीत चल रही थी। पिछले सप्ताह दिल्ली में बीएसपी सुप्रीमो मायावती और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की मुलाकात हुई थी। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस मुलाकात में गठबंधन के फॉर्मूले पर अंतिम मुहर लगी थी। मुलाकात के बाद सूत्रों के मुताबिक ऐसी खबरें थीं कि दोनों के बीच सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय हो चुका है। अब केवल इसका औपचारिक ऐलान किया जाना बाकी है। 

जानकारी के मुताबिक मायावती और अखिलेश यादव के बीच जो फॉर्मूला तैयार हुआ है, उसके मुताबिक समाजवादी पार्टी 35 सीट, बीएसपी 36 सीट और राष्ट्रीय लोकदल 3 सीट पर चुनाव लड़ेगी। वहीं 4 सीट रिजर्व रखी जाएंगी। इसके अलावा गठबंधन अमेठी और रायबरेली में अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगा।

आपको बता दें कि बता दें कि गोरखपुर उपचुनाव के दौरान से ही दोनों पार्टियां 26 साल की पुरानी दुश्मनी भुलाकर साथ आईं थीं। अखिलेश पर हाल ही में सीबीआई द्धारा शिकंजा कसने के बाद से बीएसपी पूरी तरह से उसके साथ दिखी है। एसपी के महासचिव राम गोपाल यादव और बीएसपी के सतीष चंद्र मिश्रा ने हाल ही में ज्वाइंट प्रेस कॉन्फेंस करके बीजेपी हमला किया था। इसके साथ ही बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने अखिलेश यादव को फोन किया था। मायावती ने इसे बीजेपी का घिनौना चुनावी षड्यंत्र करार दिया था। उन्होंने कहा था कि ये बीजेपी का पुराना हथकंडा है, जो अपने विरोधियों के खिलाफ आजमाती रहती है।


comments

Create Account



Log In Your Account



छोटी सी बात “झाँसी टाइम्स ” के बारे में!

झाँसी टाइम्स हिंदी में कार्यरत एक विश्व स्तरीय न्यूज़ पोर्टल है। इसे पढ़ने के लिए आप http://www.jhansitimes .com पर लॉग इन कर सकते हैं। यह पोर्टल दिसम्बर 2014 से वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की नगरी झाँसी (उत्तर प्रदेश )आरंभ किया गया है । हम अपने पाठकों के सहयोग और प्रेम के बलबूते “ख़बर हर कीमत पर पूरी सच्चाई और निडरता के साथ” यही हमारी नीति, ध्येय और उद्देश्य है। अपने सहयोगियों की मदद से जनहित के अनेक साहसिक खुलासे ‘झाँसी टाइम्स ’ करेगा । बिना किसी भेदभाव और दुराग्रह से मुक्त होकर पोर्टल ने पाठकों में अपनी एक अलग विश्वसनीयता कायम की है।

झाँसी टाइम्स में ख़बर का अर्थ किसी तरह की सनसनी फैलाना नहीं है। हम ख़बर को ‘गति’ से पाठकों तक पहुंचाना तो चाहते हैं पर केवल ‘कवरेज’ तक सीमित नहीं रहना चाहते। यही कारण है कि पाठकों को झाँसी टाइम्स की खबरों में पड़ताल के बाद सामने आया सत्य पढ़ने को मिलता है। हम जानते हैं कि ख़बर का सीधा असर व्यक्ति और समाज पर होता है। अतः हमारी ख़बर फिर चाहे वह स्थानीय महत्व की हो या राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय महत्व की, प्रामाणिकता और विश्लेषण के बाद ही ऑनलाइन प्रकाशित होती है।

अपनी विशेषताओं और विश्वसनीयताओं की वजह से ‘झाँसी टाइम्स ’ लोगों के बीच एक अलग पहचान बना चुका है। आप सबके सहयोग से आगे इसमें इसी तरह वृद्धि होती रहेगी, इसका पूरा विश्वास भी है। ‘झाँसी टाइम्स ‘ के पास समर्पित और अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ संवाददाताओं, समालोचकों एवं सलाहकारों का एक समूह उपलब्ध है। विनोद कुमार गौतम , झाँसी टाइम्स , के प्रबंध संपादक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। जो पूरी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता का पिछले लगभग 16 वर्षों का अनुभव है। के पी सिंह, झाँसी टाइम्स के प्रधान संपादक हैं।

विश्वास है कि वरिष्ठ सलाहकारों और युवा संवाददाताओं के सहयोग से ‘झाँसी टाइम्स ‘ जो एक हिंदी वायर न्यूज़ सर्विस है वेब मीडिया के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान बनाने में कामयाब रहेगा।