सपा ने भाजपा को दो-दो मंत्रियों के गढ़ में दी करारी शिकस्त, निर्विरोध चुना ब्लाक प्रमुख

By: jhansitimes.com
Mar 10 2018 01:19 pm
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(रिपोर्ट-नितिन गिरि/कृष्णा) ललितपुर। भारतीय जनता पार्टी उस वक्त अपने ही गढ़ में लाचार नजर आई, जब उसका प्रदेश सरकार का मंत्री, केंद्रीय मंत्री व क्षेत्रीय सांसद  और जिलाध्यक्ष ने पूरी ताकत झोंक दी, मगर अविश्वास प्रस्ताव लाने के बावजूद अपना प्रत्याशी तक खड़ा नहीं कर सके और एक बार फिर जिस सपा के ब्लाक प्रमुख को साजिश रचकर पद से हटाया था, वही निर्विरोध निर्वाचित हो गया। 

गौरतलब है कि सत्ता परिवर्तन के बाद से ही उत्तर प्रदेश में भाजपा ने ऐसी सीटों पर कब्जा जमाने का प्रयास तेज कर दिया था, जहां जिला पंचायत, ब्लाक (क्षेत्र पंचायत) में उनके अध्यक्ष नहीं थे। कुछ स्थानों पर सफलता मिली अवश्य, मगर अधिकांश जगहों पर भाजपाईयों को मुंह की खानी पड़ी। ऐसा ही बुंदेलखंड का एक एक जनपद है ललितपुर। यहां के मड़ावरा ब्लाक से सपा शासन काल में चंद्रदीप रावत ब्लाक प्रमुख चुने गए थे। केंद्र व प्रदेश में भाजपा सरकारें आई तो भाजपाईयों की बांछें खिल गई और उन्होंने मड़ावरा ब्लाक प्रमुख चंद्रदीप के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव केंद्रीय मंत्री उमा भारती के नजदीकी अपने बीडीसी और भाजपा के कद्दावर नेता विक्रम सिंह लोधी के नेतृत्व में पारित कराया। 

इसमें महरौनी से विधायक और प्रदेश सरकार के मंत्री मनोहर लाल पंथ उर्फ़ मन्नू कोरी, केंद्रीय मंत्री, क्षेत्रीय सांसद उमा भारती, जिलाध्यक्ष रमेश लोधी ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस पूरे प्रकरण में रची गई साजिश के तहत मंत्री मन्नू कोरी का एक ऑडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वे अपने पक्ष के ब्लाक प्रमुख उम्मीदवार को समर्थन करने के लिए पुलिस पर दबाव बना रहे थे। पूरी भाजपा लॉबी ने इस ब्लाक प्रमुख की सीट को प्रतिष्ठा का प्रश्र बना लिया था। जब दोबारा ब्लाक प्रमुख चुनने का समय आया और नामांकन किए गए। तो भाजपा बैकफुट पर आ गई |  

भाजपा की ओर से किसी ने नामांकन तक नहीं किया। अंतत: जिस चंद्रदीप रावत को ब्लाक प्रमुख पद से अविश्वास प्रस्ताव लाकर हटाया गया था, उसे फिर निर्विरोध ब्लाक प्रमुख चुन लिया गया। यह भाजपा की ही नहीं, पूरी लॉबी की हार मानी जा रही है। अपने ही गढ़ में भाजपा उम्मीदवार नामांकन नहीं कर सका और सपा को फिर से वॉक ओवर मिल गया। ऐसी विडम्बना आखिर क्या रही होगी? जो भाजपा को मुंह की खानी पड़ी। 


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