बोलीं मायावती- दलितों के साथ सीएम योगी का सहभोज राजनीतिक स्टंट

By: jhansitimes.com
Jun 15 2017 02:17 pm
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नई दिल्ली। बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, सांसद (राज्यसभा) व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सुश्री मायावती ने बीजेपी के जातिवादी नेताओं व प्रदेश के मुख्यमंत्रंी योगी आदित्यनाथ द्वारा भी बीते दिनों दलितों के साथ ’सहभोज’ को राजनीतिक नाटकबाजी करार दिया। उन्होंने कहा कि यह सभी जानते हैं कि इन सब दिखावटी व बनावटी कामों से ना तो बीजेपी का वर्षों पुराना दलित व पिछड़ा वर्ग-विरोधी चाल, चरित्र व चेहरा बदलने वाला है और ना ही इससे खासकर दलित समाज का सही मायने में कुछ कल्याण व उत्थान होने वाला है।  उनके ऊपर होने वाले हर प्रकार के अन्याय व जुल्म का ही अन्त होने वाला है।

सुश्री मायावती ने एक बयान में कहा कि खासकर दलितों के मामले में बीजेपी सरकार की नीयत व नीति में अगर थोड़ी भी सच्चाई व ईमानदारी होती तो सहारनपुर का जातीय दंगा कभी भी इतना गंभीर रुप धारण नहीं करता और ना ही उनके ऊपर जुल्म-ज्यादती अभी तक भी पक्षपातपूर्ण तरीके से जारी रहती। साथ ही, सहारनपुर जातीय दंगा के मुख्य दोषी लोगों को अभी तक भी गिरफ्तार नहीं करना व दंगा पीडि़तों को अब तक न्याय नहीं दिला पाना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश बीजेपी सरकार का दलित-विरोधी रवैया पूरे देश में अन्य बीजेपी सरकारों की तरह एक जैसा ही जातीय द्वेष व अन्यायपूर्ण है।

दलित व अन्य पिछड़ा वर्ग समाज सदियों से शोषित-पीडि़त, उपेक्षित, जातीय हिंसा व विद्वेष से पीडि़त समाज है। आज भी उस समाज के करोड़ों लोग सामाजिक, शैक्षणिक व आर्थिक पिछड़ेपन के कारण नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं, क्योंकि उनको जो संवैधानिक हक व सुविधायें मिलनी चाहिये थीं वह उन्हें जातिवादी लोगों के गलत रवैये के कारण सही से कभी भी नहीं मिल पायी हैं, जबकि सरकारों की जिम्मेदारी बनती है कि उनके साथ न्याय करें। यही कारण है कि हमेशा की तरह उपेक्षित रहे दलित व अन्य पिछड़ा वर्ग में जन्मे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों के सम्मान में जो विभिन्न भव्य स्थल/स्मारक व पार्क आदि बनाये गये हैं वे भी सरकारी उपेक्षा का शिकार हैं तथा उनका रख-रखाव सही से नहीं हो पा रहा है जिसके सम्बंध में बी.एस.पी. द्वारा बार-बार सरकार का ध्यान भी आकर्षित कराया गया है।


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BSP MAYAWATI
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