पैसा कमाने में बिजी DOCTOR की बेटी को कंपाउंडर फंसा लिया, और...

By: jhansitimes.com
Aug 28 2018 09:36 am
2643

इंदौर। कुछ डॉक्टर पैसा कमाने में इतने मशगूल हो जाते हैं कि परिवार की तरफ ध्यान ही नहीं देते और अपने सहयोगी स्टाफ को घरेलू नौकर बना देते हैं। इस केस में इन्हीं दोनों बातों का खामियाजा एक डॉक्टर को भुगतना पड़ा। मामला कितना हाईप्रोफाइल है, आप इसी बात से समझ जाएंगे कि डॉक्टर के एक फोन पर 2 थानों की पुलिस एक्टिव हुई और एयरपोर्ट पर चेकइन कर चुके कंपाउंडर और डॉक्टर की बेटी को पकड़ लिया। 

एरोड्रम टीआई अशोक पाटीदार ने बताया कि घटना शनिवार की है। डॉक्टर की बेटी मां को भंवरकुआं स्थित एक इंस्टिट्यूट में फीस जमा करने का बोलकर घर से निकली थी। कुछ देर बाद मां ने इंस्टिट्यूट में फोन किया तो पता चला कि बेटी वहां पहुंची ही नहीं। इस पर मां ने बेटी को कई बार कॉल किए, पर उसने फोन नहीं उठाया। कुछ देर बाद पिता के मोबाइल पर अकाउंट से 18 हजार रुपए कटने का मैसेज आया तो उन्हें पता चला कि किसी ने उनके खाते का इस्तेमाल कर कोलकाता के दो टिकट कराए हैं। इस पर उन्होंने पत्नी से संपर्क किया तो पता चला बेटी गायब है, फोन नहीं उठा रही।

फ्लाइट केे लिए चेक-इन करा चुके थे

डॉक्टर ने तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम को अपहरण होने की सूचना दी। इस पर पुलिस टीम एयरपोर्ट परिसर पहुंची और सीआईएसएफ के अधिकारियों को लिखित में सूचना देकर कोलकाता फ्लाइट के पैसेंजर को चेक करने का निवेदन किया तो पता चला लड़की डॉक्टर के यहां काम करने वाले कंपाउंडर मनिमय विश्वास (24) निवासी सेमलिया चाऊ सिमरोल के साथ कोलकाता जाने वाली फ्लाइट के लिए चेक-इन करा चुकी है। इस पर पुलिस ने इंडिगो फ्लाइट के मैनेजर को लिखित जानकारी दी और सीआईएसएफ की मदद से लड़की और आरोपी मनिमय विश्वास को पकड़ लिया। 

लड़की बोली- माता-पिता से नफरत है, मर जाऊंगी

एरोड्रम टीआई अशोक पाटीदार ने बताया कि लड़की ने जिस आधार कार्ड से चेक इन कराया था, उसमें उसकी उम्र 18 साल 1 माह थी। पिता से जब 10वीं और 8वीं की मार्कशीट मंगवाई गई तो उसमें 16 साल 1 माह पाई गई। बेटी को जब पुलिस वापस लाने लगी तो उसने एयरपोर्ट परिसर में जमकर हंगामा किया। वह चीख-चीख कर बोल रही थी कि मुझे मेरे माता-पिता से नफरत है, मैं उनके साथ नहीं जाऊंगी। 

कुछ दिनों पहले ही निकाला था

इधर आरोपी मनिमय बिश्वास के बारे में पुलिस ने बताया कि वह डॉक्टर के यहां कंपाउंडर था। इसी दौरान उसका घर में भी आना-जाना था। कुछ दिनों पूर्व उसकी हरकतों के कारण डाॅक्टर दंपती ने उसे नौकरी से निकाल दिया था। बताते हैं कि नौकरी पर रहने के दौरान ही उसने डॉक्टर की बेटी को प्रेम जाल में फंसा लिया था। 

डॉक्टर ने कंपाउंडर को बेटी की सेवा में लगा रखा था

पता चला है कि डॉक्टर ने अपने कंपाउंडर को बेटी सेवा में घरेलू नौकर की तरह लगा रखा था। कंपाउंडर ही डॉक्टर की बेटी को भंवरकुआं ट्यूशन छोड़ने व लाने के लिए भी जाता था। इसी दौरान दोनों नजदीक आ गए। जब डॉक्टर को इस बात का पता चला तो उसने कंपाउंडर को नौकरी से निकाल दिया और फिर शुरू हुई फिल्मी बगावत की शुरूआत। 


comments

Create Account



Log In Your Account



छोटी सी बात “झाँसी टाइम्स ” के बारे में!

झाँसी टाइम्स हिंदी में कार्यरत एक विश्व स्तरीय न्यूज़ पोर्टल है। इसे पढ़ने के लिए आप http://www.jhansitimes .com पर लॉग इन कर सकते हैं। यह पोर्टल दिसम्बर 2014 से वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की नगरी झाँसी (उत्तर प्रदेश )आरंभ किया गया है । हम अपने पाठकों के सहयोग और प्रेम के बलबूते “ख़बर हर कीमत पर पूरी सच्चाई और निडरता के साथ” यही हमारी नीति, ध्येय और उद्देश्य है। अपने सहयोगियों की मदद से जनहित के अनेक साहसिक खुलासे ‘झाँसी टाइम्स ’ करेगा । बिना किसी भेदभाव और दुराग्रह से मुक्त होकर पोर्टल ने पाठकों में अपनी एक अलग विश्वसनीयता कायम की है।

झाँसी टाइम्स में ख़बर का अर्थ किसी तरह की सनसनी फैलाना नहीं है। हम ख़बर को ‘गति’ से पाठकों तक पहुंचाना तो चाहते हैं पर केवल ‘कवरेज’ तक सीमित नहीं रहना चाहते। यही कारण है कि पाठकों को झाँसी टाइम्स की खबरों में पड़ताल के बाद सामने आया सत्य पढ़ने को मिलता है। हम जानते हैं कि ख़बर का सीधा असर व्यक्ति और समाज पर होता है। अतः हमारी ख़बर फिर चाहे वह स्थानीय महत्व की हो या राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय महत्व की, प्रामाणिकता और विश्लेषण के बाद ही ऑनलाइन प्रकाशित होती है।

अपनी विशेषताओं और विश्वसनीयताओं की वजह से ‘झाँसी टाइम्स ’ लोगों के बीच एक अलग पहचान बना चुका है। आप सबके सहयोग से आगे इसमें इसी तरह वृद्धि होती रहेगी, इसका पूरा विश्वास भी है। ‘झाँसी टाइम्स ‘ के पास समर्पित और अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ संवाददाताओं, समालोचकों एवं सलाहकारों का एक समूह उपलब्ध है। विनोद कुमार गौतम , झाँसी टाइम्स , के प्रबंध संपादक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। जो पूरी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता का पिछले लगभग 16 वर्षों का अनुभव है। के पी सिंह, झाँसी टाइम्स के प्रधान संपादक हैं।

विश्वास है कि वरिष्ठ सलाहकारों और युवा संवाददाताओं के सहयोग से ‘झाँसी टाइम्स ‘ जो एक हिंदी वायर न्यूज़ सर्विस है वेब मीडिया के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान बनाने में कामयाब रहेगा।