देश बदल रहा है- ट्रेन में दम घुटने से जान जा रही है , जरा कल्पना कीजिये मंजर क्या होगा...!

By: jhansitimes.com
Jun 07 2019 06:42 pm
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हमारे देश में लाखों लोगों की जीवन रेखा है ट्रेन... रोजाना ट्रेनो में लाखों की तादाद में सफर करते है लोग... लेकिन जरा कल्पना कीजिए कि यही ट्रेन मौत की ट्रेन बन जाए तो मंजर क्या होगा... लगातार सरकार ट्रेनों  के आधुनिकीकरण की बात कर रही है... यकीनन काम भी हो रहा है लेकिन ट्रेन के जनरल डिब्बों की संख्या लगातार कम होती जा रही है...जबकि आज भी सबसे ज्यादा सफर करने वाले यात्री जनरल डिब्बे में ही सफर करते हैं.. जिसके पीछे उनकी गरीबी भी है और समय से रिजर्वेशन ना मिलना भी है...
ऐसे में देश में बुलेट ट्रेन जैसी सुविधा देने की बात भी मोदी सरकार कर रही है...लेकिन क्या ये मुमकिन है कि जिस देश की आधी से अधिक आबादी आज भी ट्रेन के जनरल डिब्बे में सफर करने को मजबूर है वो क्या बुलेटिन ट्रेन में सफर कर पाएगी...
ना जाने कितने लोग दशकों से इसी तरह जिंदगी रहते हुए भी असमय काल के गाल में समा जा रहे हैं...जरा कल्पना कीजिए कि दम घुटने से मौत हो जाने से बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है...वो भी तब जब कहा जा रहा है कि मेरा देश बदल रहा है... 
 ऐसा हम यूं ही नहीं कह रहे है...आपको बता दें कि देश के सबसे बड़े सूबा उत्तरप्रदेश में एक लडक़ी की ट्रेन में सफर के दौरान दम घुटने से मौत हो गई... दरअसल संपकं क्रांति एक्सप्रेस के जनरल कोच में एक युवती सीता...जिसकी उम्र  महद 18 साल थी...वो अपने परिवार के साथ दिल्ली जा रही थी... ट्रेन में ठसाठस भीड़ थी...जिस वहज से उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई और वह सांस तक नहीं ले पाई...
आनन फानन में उसे झांसी रेलवे स्टेशन पर उतार कर  अस्पताल ले जाया गया, जहां अफसोस कि उसे डॉक्टरों ने  मृत घोषित कर दिया...ट्रेनमें उस वक्त मौजूद लोगों का कहना है कि ट्रेन में चढऩे के बाद से ही युवती की तबीयत खराब होने लगी थी...

लोगों का ये भी कहना है कि कई बार वो युवती अपने पिता से ट्रेन से नीचे उतरने की बात भी कही...लेकिन भीड़ ज्यादा होने के कारण वह ऐसा नहीं कर सके...ऐसे में ज्यादा तबियत खराब होने पर युवती ट्रेन की उस जानलेवा भीड़ में ही बेहोश हो गई... ग्वालियर और झांसी के बीच युवती की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई...युवती के फिर से बेहोश होने पर कड़ी मशक्कत के बाद आनन-फानन में उसे झांसी रेलवे स्टेशन पर उतारा गया...जहां से एम्बुलेंस द्वारा अस्पताल ले जाया गया...लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने युवती को मृत घोषित कर दिया...

इस पूरे घटनाक्रम पर जीआरपी प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार का कहना है कि मृतका भीड़ ज्यादा होने की वजह से सांस नहीं ले पाई और बेहोश हो गई...जिससे उसकी मौत हो गई...
बहरहाल मौत का सही कारण तो अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही सामने आ पाएगा... लेकिन अफसोस कि उस युवती के पिता रामप्रकाश अहिरवार जो कि दिल्ली में मजदूरी करते हैं...उनरे दिल पर क्या गुजर रही होगी कि आखिर उन्होने सफर क्यों किया...काश ये दुर्घटना ना हुई होती...और उनकी बेटी सही सलामत होती...
गर्मी के सीजन में तमाम स्पेशल ट्रेने चलाई जाती है बावजूद इसके ऐसी घटनाएं झकझोर कर रख देती है...ऐसे में हम तो यही रहेंगे रेल मंत्री जी...बुलेट ट्रेन जरूर लाइन लेकिन उससे पहले इस प्रकार की दुर्घटना को रोकने की व्यवस्था करीए...तभी अच्छे दिन की कल्पना साकार हो पाएगी...ब्यूरो रिपोर्ट... !


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