रोते हुए पिता बोला- मुख्यमंत्री जी ! दवा लेकर लौटा तो मेरे बेटे की मौत हो चुकी थी

By: jhansitimes.com
Aug 12 2017 04:03 pm
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज में पिछले छह दिनों में  नवजात  सहित 63 बच्चों की मौत हो गई। अब अस्पताल की व्यवस्थाओं से जुडी लापरवाही  के खिलाफ अस्पताल में भर्ती बच्चों के परिजनों का कहना है कि उन्हें खाना और दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। ऐसे में एक मामला सुनने को मिला कि दीपचंद नाम के तीमारदार  ने बताया, कि 'मैं अपने 10 दिन के नवजात बेटे के लिए दवा लेने बाहर गया था, दवा लेकर लौटा तो मेरे बेटे की मौत हो चुकी थी।

दीपचंद उन तमाम माता-पिता में से एक हैं जिनके बच्चों की बीआरडी अस्तपताल में मौत हो गई, जो पिछले कई दिनों से हॉस्पिटल में भर्ती थे। कई बच्चों की ऑक्सीजन की कमी की वजह से हो गई।

आज सुबह भी एक बच्चे की मौत हो गई। ये बच्चा इंसेफेलाइटिस से पीड़ित था। यूपी सरकार ने इस मामले मेजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी की बात भी सामने आई है। बाल चिकित्सा केंद्र में बच्चों की मौतों के लिए इंफेक्शन और ऑक्सीजन की सप्लाई में दिक्कत को जिम्मेदार ठहराया गया है, लेकिन अस्पताल और जिला प्रशासन ने ऑक्सीजन की कमी को मौत का कारण मानने से इनकार किया है। सीएम ने अपने दो मंत्रियों को भेज मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है। 

यूपी सरकार के बोल- ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई मौत

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने शुक्रवार की देर शाम यह बात कही। प्रवक्ता ने कहा कि आक्सीजन की कमी से पिछले कुछ घंटों में मेडिकल कालेज में भर्ती कई रोगियों की मृत्यु होने के संबंध में समाचार भ्रामक हैं। उन्होंने बताया कि इस समय गोरखपुर के जिलाधिकारी मेडिकल कालेज में मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। प्रवक्ता के अनुसार मेडिकल कालेज में शुक्रवार को भर्ती सात मरीजों की विभिन्न चिकित्सीय कारणों से मृत्यु हुई है। 

बीआरडी में ऑक्सीजन की आपूर्ति का संकट गुरुवार को तब शुरू हुआ जब लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट में गैस खत्म हो गई। संकट को देखते हुए गुरुवार को दिन भर 90 जंबो सिलेंडरों से ऑक्सीजन की सप्लाई हुई। रात करीब एक बजे यह खेप भी खप गई। जिसके बाद अस्पताल में कोहराम मच गया। साढ़े तीन बजे 50 सिलेंडरों की खेप लगाई गई। यह सुबह साढ़े सात बजे तक चला।


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