गुजरात गरबा देखने गए दलित की पीट-पीटकर हत्या, कहा-दलितों को गरबा देखने का नहीं अधिकार

By: jhansitimes.com
Oct 02 2017 08:44 am
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अहमदाबाद। एक के बाद एक वाली गुजरात में दलितों के साथ हिंसा की खबरें आ रही हैं। इस बार एक दलित युवक को गरबा के कार्यक्रम में हिस्सा लेने महंगा पड़ गया | कार्यक्रम में पहुंचे दलित व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि गुजरात के आनंद जिले में 21 वर्षीय दलित युवक के साथ उच्च जाति  के लोगों ने मारपीट की जिसके चलते उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने बताया कि इस मामले में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। 

पुलिस के मुताबिक वंकवास के भदरनिया गांव में रहने वाले जयेश सोलंकी नवरात्र में आयोजित गरबा कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे, पूजा स्थल पर उनके ही गांव के संजय पटेल के साथ उनकी कहा सुनी हो गई। जयेश अपने गांव के पास के मंदिर में नवरात्रि के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे, तभी उनपर संजय उर्फ भीमो ने कुछ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, उन्होंने जयेश पर उनकी जाति को लेकर अपशब्द का इस्तेमाल किया, लेकिन दोनों के बीच जब इसको लेकर बहस शुरु हुई तो संजय के साथी चिंतन पटेल, जिग्नेश पटेल, रुत्विक पटेल, विकी पटेल, धवल पटेल, रिपेन पटले और दीपेश पटेल ने जयेश की पिटाई कर दी। ये सभी लोग जयेश के ही गांव के रहने वाले हैं।

पूजा स्थल पर जयेश अपने चचेरे भाई प्रकाश सोलंकी और दो अन्य दलित साथियों के साथ था। भदारन पुलिस स्टेशन के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली गई है। शिकायत में कहा गया है कि पटेल समुदाय के लोगों ने जयेश के साथ मारपीट की, उन्होंने कहा कि दलितों को गरबा देखने का कोई अधिकार नहीं है।जानकारी के मुताबिक यह घटना शनिवार सुबह चार बजे की है। जयेश के साथ मारपीट की गई और उसके सिर को दीवार से बार-बार टक्कर मारी गई, जिसके चलते उन्हें गंभीर चोटें आई और वह बेहोश होकर गिर गए। जिसके बाद उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, डॉक्टरों के अनुसार जयेश की यहां आने से पहले ही मृत्यु हो चुकी थी।

डीसीपी जेएन देसाई जोकि इस मामले की जांच कर रहे हैं ने बताया कि सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे आगे की पूछताछ चल रही है। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 143 गैरकानूनी तरह से इकट्ठा होने, 323 जानबूझकर मारपीट, 302 हत्या, 504 भड़काऊ भाषण, अपशब्द का इस्तेमाल व एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि यह घटना पहले से सुनियोजित नहीं लगती है, जयेश की हत्या बहस और झगड़े के बाद की गई, दोनों के बीच किसी भी तरह की दुश्मनी भी नहीं थी, हम इस मामले की हर परिपेक्ष्य में जांच कर रहे हैं। गौरतलब है कि अभी हाल ही में गांधीनगर में एक दलित युवक को स्टाइलिश मूंछ रखने की वजह से मौत के घाट उतार दिया गया था। राजपूत समुदाय के लोगों ने 25 सितंबर को दलित युवक की हत्या कर दी थी।


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