मोदी के देश में छात्रा के कपड़े फाड़कर किया निर्वस्त्र, पीटते हुए शुरू करा दी नंगी परेड, पिता आत्मह

By: jhansitimes.com
Aug 08 2017 09:37 pm
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रांची। भाजपा शासित राज्य झारखंड के दुमका जिले के एक लाचार किसान पिता ने कॉलेज के आदिवासी हॉस्टल में रह रही अपनी बेटी के साथ मिलकर आत्महत्या करने की बात कह डाली है। जिले में चर्चा का विषय बनी एक वायरल फोटो एक महिला कॉलेज के छात्रावास की है, जिसमें कॉलेज के आदिवासी हॉस्टल की एक छात्रा को वहां रहने वाली दूसरी छात्राओं ने मोबाइल चोरी के आरोप में रात भर न सिर्फ बंधक बनाकर रखा, बल्कि बेरहमी से पिटाई के बाद निर्वस्त्र कर परिसर में घुमाया।मजबूर पिता अपनी बेटी पर हुए अत्याचार के खिलाफ चाह कर भी कुछ नहीं कर सके।

एक अमानवीय कार्य का घिनौना चेहरा वाट्सएप के माध्यम से वायरल हुआ है, जो सोमवार को झारखंड में चर्चा का विषय बना रहा। दरअसल किसान की बेटी को उसके अपने ही कॉलेज की छात्राओं ने चोरी के इल्जाम में मारा-पीटा, उसके कपड़े उतारे और इस सबकी विडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया।  फिलहाल मामले में सीएम के आदेश के बाद कार्रवाई शुरू हो गयी है।

इससे भी आश्चर्यजनक बात यह कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी कॉलेज प्रबंधन खामोश है। छात्रावास की वार्डन भी मुंह खोलने को तैयार नहीं है। मामले में पहले कॉलेज प्रबंधन ने पुलिस को कोई सूचना नहीं दी। सूचना तब दी गई जब वायरल फोटो का सच जानने के लिए पूछताछ की गई।

जानकारी मिलने के बाद सत्यता जानने के लिए महिला थाना प्रभारी पूनम टोप्पो दल-बल के साथ कॉलेज पहुंचीं, तब पीड़ित छात्रा ने भी लिखित शिकायत की। लिखित शिकायत में पीड़िता ने हॉस्टल की वार्डन सहित कई को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।

पुलिस को दिए बयान में पीड़िता ने बताया कि उसने शिकारीपाड़ा की एक छात्रा से 500 रुपये में मोबाइल खरीदा था। वह बस स्टैंड पर किसी से बात कर रही थी, तभी उक्त छात्रा बहाने से उसे हॉस्टल ले गई, जहां उसके साथ इस तरह का व्यवहार किया गया।

यह घटना संथल परगना के महिला कॉलेज में 4 अगस्त को हुई जिसके बाद इसके वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया गया। पीड़िता के पिता जो एक गरीब किसान हैं उन्होंने पुलिस थाने में, महिला पुलिस थाना में और अनुसूचित जाति के पुलिस ठाना में भी अपनी शिकायत दर्ज कराई पर कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया।

आत्महत्या को मजबूर पिता 

मजबूर पिता ने अपनी बेटी के भविष्य की चिंता करते हुए आत्महत्या की बात कह डाली है। उनका कहना है कि अब उनकी बेटी का क्या होगा, वह कैसे दोबारा अपने कॉलेज जा पाएगी, उससे कौन शादी करेगा, सब लोग उसको ब्लैकमेल करेंगे। पीड़िता के पिता ने कोई कदम नहीं उठाने की वजह से जिला प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इतने गंभीर मामले पर भी हमारा तंत्र चुप क्यों बैठा हुआ है। हालांकि दुमका के एसपी मयूर पटेल ने कहा है कि सोमवार को पुलिस ने पीड़िता का बयान लेकर अभियुक्तों के खिलाफ एफाईआर दर्ज कर ली है। पटेल ने आश्वासन दिया है कि वे अपनी जांच में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलवाएंगे। उन्होंने बताया की यह वीडियो व्हाटसैप से डिलीट करा दिया गया है ताकि इसे आगे नहीं फैलाया जा सके। 

मुश्किल से खरीदा था 500 रुपए का फोन 

कॉलेज के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि चूंकि यह घटना हॉस्टल के अंदर ही हुई और दोषी छात्राएं भी अनुसूचित वर्ग की ही हैं, इसलिए कॉलेज प्रशासन पर विभिन्न अनुसूचित समुदायों द्वारा दबाव बनाया जा रहा है कि मामले को बातचीत से ही सुलझा लिया जाए। पीड़िता के मुताबिक उसने हाल ही में एक 500 रूपये का फोन खरीदा था। उसी वक्त कॉलेज की एक लड़की का फोन भी खो गया था। जब पीड़िता के हाथ में उस लड़की ने फोन देखा तो उसने उसी पर चोरी का आरोप लगा दिया।

महापंचायत में कर दिया चोर घोषित 

पीड़िता ने बताया की जल्द ही बाकी लड़कियों ने भी यह बात सच मान ली। जिसके बाद छात्राओं ने हॉस्टल के अंदर एक महापंचायत बुलाकर पीड़िता को चोर घोषित कर दिया। पीड़िता के मुताबिक इसके बाद सबलोग उसपर टूट पड़े और उसके कपडे फाड़ दिए। इस पूरे प्रकरण की वीडियो भी बनाई गई। पीड़िता को बुरी तरह से मार लेने के बाद उस स्वघोषित महापंचायत ने पीड़िता पर 18,600 रूपये का जुर्माना लगा दिया जिसे नहीं जमा करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दे डाली। पीड़ित लड़की ने जब घर जाकर पूरा वाकया अपने पिता को बताया तो वे उसको लेकर हॉस्टल गए और उन छात्र नेताओं से जुर्माना जमा करने के लिए 25 अगस्त तक का समय मांगने लगे।

कर दिया वीडियो वायरल

 लाचार पिता ने अपनी बेटी की इज्जत बचाने के लिए अपनी गाय-गोरु बेचने का फैसला कर लिया था लेकिन दोषी छात्राओं ने फिर भी इसी बीच वह वीडियो अपने दोस्तों में साझा कर दी। जिसके बाद से बेबस पिता और उसकी बेटी इंसाफ पाने के लिए जगह-जगह पर चक्कर लगा रहे हैं समाज और प्रशासन की ठोकरे खा रहे हैं।


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