नमाज के बाद शुरू हुआ कुर्बानी का सिलसिला

By: jhansitimes.com
Aug 13 2019 05:39 pm
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(रिपोर्ट-सैय्यद तामीर उद्दीन) महोबा। जिले में ईदुल अजहा(बकरीद) का पर्व धार्मिक रीति रिवाज के साथ मनाया गया, नगर की शाही मस्जिद में आलिम जमाल उद्दीन, ईदगाह में शहर काजी कारी आफाक हुसैन, जामा मस्जिद में हाफिज खालिक, नूरानी मस्जिद में व चैसियापुरा की मस्जिद में हाफिज शमीम ने बकरीद की नमाज पढाई। नमाज के बाद देश प्रदेश की सुख समृद्धि के लिये दुआऐं मांगी गयीं। एक दूसरे को गले लगाकर पर्व की मुबारक बाद दी गयी। 
 बकरीद की नमाज के बाद कुर्बानियांे का सिलसिला शुरू हुआ। यह सिलसिला सोमवार से शुरू होकर बुधवार को असिर की नमाज तक जारी रहेगा। हैसियतदार मुस्लिमों द्वारा बकरीद पर्व पर बकरों और हलाल (वैध) जानवरों की व्यापक पैमाने पर कुर्बानियां की जाती है। कुर्बानी के गोश्त(मीट) को दोस्त, अहबाब, मोहल्ला, आस, पड़ोस व रिश्तेदारों में तस्कीम किया जाता है, एक अनुमान में मुताबिक बकरीद वाले दिन करीब कई सैकड़ा बकरों की कुर्बानियां दी गयी। खटिकों को आज पलक झपकने की भी फुर्सत नहीं रही। 
पर्व पर दावतों का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। हिन्दु बंधुओं ने अपने मुस्लिम बंधुओं को गले लगाकर पर्व की मुबारक बाद दी। महोबा में पर्वों को मिलजुलकर मनाने की रिवायत वर्षों पुरानी है। यहां ईद, दीपावली, दशहरा, होली, बकरीद हिन्दू-मुस्लिम मिलजुलकर मनाते है। हिन्दु मुस्लिमों के बीच आपसी प्रेम सौहार्द की मिशाल अद्वितीय है।
पर्व को शांति पूर्ण तरीके से मनाऐं जाने के लिये सुरक्षा व्यवस्था के पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने यहां कड़े बंदोबस्त किये थे। 
 बकरीद की पूर्व संध्या पर दुकानों पर खरीदारियों का सिलसिला काफी तेज रहा। सर्वाधिक बिक्री कुर्ता पजामा और टोपियों की हुई। सिमई भी खूब बिकी हालांकि बढ़ती महंगाई का प्रभाव भी दिखाई पड़ा, लेकिन फिर इस प्रभाव से विमुख होकर लोगों ने पर्व की खुशियों को आत्म सात करने के लिये हैसियत के हिसाब से मनाया। आने, जाने वाले मित्रों रिश्तेदारों का मंह मीटा कर पर्व की मुबारक बाद एक दूसरे को बांटी। डीएम अवधेश कुमार, एसपी स्वामीनाथ के अलावा एएसपी वीरेन्द्र कुमार व एसडीएम देवेन्द्र सिंह व सीओ जटाशंकर राव भी ईदगाह पहुंचे थे और नमाज के बाद मुस्लिमों को गले लगाकर पर्व की बधाई दी। बकरीद पर्व पर कुर्बानी का विशेष महत्व है, गुजरे सालों की तुलना इस साल कुछ ज्यादा ही कुर्बानियां की गयी। पर्व को लेकर बच्चें बेहद प्रसन्नचित थे। 

हर्षोल्लास के साथ मनाया गया पर्व 
 ईदुल अजहा का पर्व यहां हर्षोंल्लास के साथ मनाया गया है। ईदगाह में पेश इमाम हाफिज अब्दुल कादिर साहब ने सैकड़ों मुस्लिमों को एक साथ नमाज अता कराई। और मुल्क में अमन चैन, सलामती की दुआऐं मांगी। नमाज के बाद एक दूसरे के गले लगकर लोग बकरीद की मुबारकबाद दी। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से यहां कड़े बंदोबस्त थे। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि द्वारा पर्व पर कस्बे में बेहतर सफाई व्यवस्था की गयी थी, मस्जिदों व ईदगाह के आस, पास पहले से ही सफाई करा दी गयी थी, सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से पुलिस के जवान पूरी तरह से मुस्तैद नजर आये, मुस्लिम समाज के लोगों को नगर के गणमान्य नागरिकों, राजनैतिक दलों के नेताओं ने नमाज के बाद उन्हंे गले लगाकर बकरीद पर्व की मुबारकबाद दी, राजनैतिक दलों के नेताओं ने जगह, जगह मुस्लिम समाज के लोगों का स्वागत भी किया। इसी प्रकार कस्बा कुलपहाड़ व बेलाताल में भी ईदुल अजहा का पर्व आपसी भाई चारे के साथ मनाया गया। सुबह से ही ईदगाह व मस्जिदों में मुस्लिम समाज के लोगों का पहुुंचना शुरू हो गया था, ईदुल अजहा की नमाज निर्धारित समय के अनुसार अदाकरायी गयी, सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से पुलिस के बेहतर इंतजाम रहे। 

मुस्लिमों को गले लगाकर दी पर्व की बधाई 
 बकरीद का पर्व के मौके पर सुबह से ही चहल, पहल नजर आयी। मुस्लिम समुदाय के लोग ईदगाह व मस्जिदों में नमाज के लिये निकले। ईदगाह में 8.45 पर नमाज हाफिज सरफुददीन ने पढ़ाई। जबकि 9 बजे भावाजू की मस्जिद में मौलाना शकील ने बकरीद की नमाज अदा करायी। नमाज के दौरान प्रशासन द्वारा पूरी तरह से सर्तकता बरती गयी। सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किये गये थे। बकरीद की नमाज के बाद देश व सूबे की सलामती के लिये दुआऐं मांगी गयी नमाज खत्म होती ही ईदगाह व मस्जिदों के बाहर राजनैतिक दलों के नेता, गणमान्य नागरिक व समाजसेवियों ने मुस्लिमों को गले लगाकर पर्व की बधाई दी। इसके अलावा पर्व के मौके पर देर शाम तक बधाई देने का सिलसिला चलता रहा। नगर पालिका प्रशासन द्वारा पर्व के मौके पर व्यवस्थाऐं बेहतर की थी। बकरीद के पर्व पर विद्युत व्यवस्था भी बेहतर रही। 

तीन दिन चलता है कुर्बानी का सिलसिला 
बकरीद की नमाज अदा करने के बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू हो गया और यह तीन दिनों तक जारी रहेगा। यानी बुधवार से शुरू हुआ कुर्बानी का यह क्रम शुक्रवार को असर की नमाज से पहले तक बना रहेगा। यहां तीन दिनों में एक अनुमान के मुताबिक कम से कम पांच हजार जानवरों को कुर्बानी दी जाती है। जिनमें चार हजार के करीब बकरे, तो एक हजार से ऊपर भैंस शामिल है। बकरीद वाले दिन यानी मंगलवार को कम से कम दो हजार से अधिक भैंस और बकरों की मुस्लिमों द्वारा नमाज के बाद कुर्बानियां करायी गयी। कुर्बानी के बाद मीट को तीन हिस्सों में बांटा जाता है । पहला हिस्सा कुर्बानी कराने वाला, दूसरा हिस्सा रिश्तेदारों और करीबियों, दोस्तों में व तीसरे हिस्से को असहायक, निर्बल व मुफिलसों के बीच तस्कीम किया गया। 

पर्व पर बेहतर रही सुरक्षा व्यवस्था 
 बकरीद पर्व पर पुलिस अधीक्षक स्वामीनाथ, डीएम अवधेश कुमार तिवारी ने पर्व पर किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसके लिये कानून व्यवस्था का स्वयं जायजा लिया और ईदगाह पहुंच नमाज  के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों को गले लगाकर उन्हें पर्व की बधाई दी।  शांति व्यवस्था बनाये रखने के उददेश्य से बेहतर इंतजाम किये थे, जिन मस्जिदों व ईदगाह में नमाज अदा करायी गयी, वहां सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किये गये थे। मस्जिदों में भी पुलिस अधीक्षक द्वारा सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से पुलिस जवानों व थानाध्यक्षों की तैनाती की गयी थी, जिस कारण पर्व पर  किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नही हो सकी।  

पर्व पर बच्चों में देखा गया उत्साह 
 बकरीद पर्व पर सुबह से ही मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में चहल, पहल शुरू हो गयी थी। पर्व को लेकर बच्चों में काफी उत्साह देखा गया नमाज के बाद बकरीद पर्व पर बच्चों ने एक दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में पर्व के मौके पर सुबह से लेकर देर रात तक चहल-पहल देखी गयी और मुस्लिमों के साथ हिन्दु समाज के लोगों ने उनके घर पहुंचकर उन्हें पर्व की बधाई दी और गले लगाया। पर्व को लेकर सबसे अधिक उत्साह बच्चों में देखा गया। 


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